Skip to content

Punjab News: AAP मंत्री मोहिंदर भगत के पिता का निधन, 94 साल की उम्र में ली अंतिम सांस; शाम 5 बजे होगा अंतिम संस्कार

पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री भगत चुन्नी लाल का 94 वर्ष की उम्र में जालंधर स्थित आवास पर निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार शाम 5 बजे बस्ती शेख श्मशानघाट में होगा। पंजाब सरकार ने शोक स्वरूप सरकारी दफ्तरों में आधे दिन की छुट्टी घोषित की है।

Punjab News: AAP मंत्री मोहिंदर भगत के पिता का निधन, 94 साल की उम्र में ली अंतिम सांस; शाम 5 बजे होगा अंतिम संस्कार
Share Facebook X WhatsApp Telegram Email
View in ePaper

डेली संवाद, जालंधर। Punjab News: पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री और जालंधर की राजनीति के वरिष्ठ नेता भगत चुन्नी लाल का गुरुवार सुबह निधन हो गया। उन्होंने करीब 94 वर्ष की उम्र में जालंधर के बस्ती इलाके स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में शोक की लहर है।

भगत चुन्नी लाल का अंतिम संस्कार गुरुवार शाम करीब 5 बजे बस्ती शेख श्मशानघाट में किया जाएगा। पंजाब सरकार ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए आज सरकारी दफ्तरों में आधे दिन की छुट्टी का ऐलान किया है।

प्रकाश सिंह बादल सरकार में रहे कैबिनेट मंत्री

भगत चुन्नी लाल अकाली-भाजपा गठबंधन सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे थे। उन्होंने पंजाब सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2012 से 2017 तक वह प्रकाश सिंह बादल के नेतृत्व वाली सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे। इस दौरान उनके पास स्थानीय निकाय, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान, श्रम तथा वन एवं वन्यजीव जैसे महत्वपूर्ण विभाग रहे।

इसके अलावा, वर्ष 2011 में सतपाल गोसाईं के इस्तीफे के बाद भगत चुन्नी लाल को पंजाब विधानसभा का डिप्टी स्पीकर बनाया गया था। 2012 से 2017 तक वह पंजाब विधानसभा में बीजेपी विधायक दल के नेता भी रहे।

1985 में पहली बार लड़ा विधानसभा चुनाव

भगत चुन्नी लाल ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत 1985 में जालंधर दक्षिण विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर की थी। हालांकि, इस चुनाव में उन्हें जीत नहीं मिली। इसके बाद वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए।

वर्ष 1997 में उन्होंने जालंधर दक्षिण सीट से पहली बार विधानसभा चुनाव जीता और विधायक बने। इसके बाद 2007 में वह इसी सीट से दूसरी बार विधायक चुने गए।

2017 में राजनीति से लिया संन्यास

परिसीमन के बाद जालंधर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र का नाम जालंधर पश्चिम हो गया। वर्ष 2012 में भगत चुन्नी लाल ने भाजपा के टिकट पर जालंधर पश्चिम से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।

लंबे राजनीतिक सफर के बाद भगत चुन्नी लाल ने 2017 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया और सक्रिय राजनीति से दूरी बना ली। जालंधर वेस्ट की राजनीति में वह लंबे समय तक एक प्रमुख चेहरा रहे।

सियालकोट में हुआ था जन्म

भगत चुन्नी लाल का जन्म 1 दिसंबर 1932 को सियालकोट, मौजूदा पाकिस्तान में हुआ था। भारत-पाकिस्तान विभाजन के बाद उनका परिवार जालंधर आकर बस गया। उन्होंने राजनीति के साथ-साथ स्पोर्ट्स गुड्स के निर्यात का कारोबार भी किया।

उनके परिवार में चार बेटे और चार बेटियां हैं। उनके निधन से परिवार, समर्थकों और राजनीतिक सहयोगियों में शोक का माहौल है।