डेली संवाद, धुरी। Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने युवाओं को पढ़ाई, मेहनत और अपनी प्रतिभा को निखारने पर ध्यान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के लिए करियर के नए अवसर खोलने और पंजाब को शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने पर ध्यान दे रही है। सरकारी स्कूलों के सुधार कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
25 अक्टूबर 2026 को धूरी के गांव बरड़वाल स्थित देश भगत कॉलेज में आयोजित क्षेत्रीय युवा मेले में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने अब तक 70,000 से अधिक युवाओं को पूरी तरह योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां दी हैं। उनके अनुसार, इन भर्तियों में रिश्वत और सिफारिश के लिए कोई जगह नहीं रखी गई।
39 कॉलेजों के विद्यार्थियों ने लिया युवा मेले में हिस्सा
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने युवा मेले में 39 कॉलेजों के विद्यार्थियों की भागीदारी पर खुशी जताई। कार्यक्रम के दौरान चार चरणों में 60 अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की गईं। विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक, साहित्यिक और अन्य प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा मेले विद्यार्थियों को अपनी छिपी प्रतिभा पहचानने, झिझक दूर करने और आत्मविश्वास बढ़ाने का अवसर देते हैं। ऐसे मंचों से अनुशासन, टीम वर्क और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना भी विकसित होती है।
उन्होंने पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला और उसके युवा कल्याण विभाग के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि युवा मेले लंबे समय से विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने और उन्हें पंजाब की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं: भगवंत मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि स्वतंत्र सोच रखने वाले, जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक तैयार करना भी है। शिक्षा विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, जिम्मेदारी और अपने सपनों को पूरा करने का साहस पैदा करे।
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उन्होंने कहा कि संगीत, नृत्य, थिएटर, साहित्य और लोक कलाओं जैसी गतिविधियां विद्यार्थियों की रचनात्मक सोच, भावनात्मक समझ और आपसी सहयोग की भावना को मजबूत करती हैं। शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे हर विद्यार्थी की क्षमता पहचानें और उसे आगे बढ़ने के लिए उचित अवसर दें। मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे बड़े सपने देखें, कड़ी मेहनत करें और अपनी क्षमता को कभी कम न आंकें।

जीतने वाले विनम्र रहें, हारने वाले और मेहनत करें
युवा मेले के अनुभव साझा करते हुए भगवंत मान ने कहा कि विद्यार्थियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने को ही बड़ी उपलब्धि मानना चाहिए। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि जीतने वाले विनम्र रहें और हारने वाले निराश होने के बजाय अधिक मेहनत करें।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर भी कार्यक्रम से जुड़ी यादें साझा कीं। उन्होंने कहा कि युवा प्रतिभागियों के उत्साह और कलात्मक हुनर को देखकर उन्हें अपने शुरुआती दिनों की याद आई, क्योंकि उनका सफर भी ऐसे ही मंचों से शुरू हुआ था। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई और मेहनत पर ध्यान देने की सलाह देते हुए कहा कि पंजाब सरकार युवाओं के साथ खड़ी है।
पंजाब की सांस्कृतिक विरासत को बचाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की सांस्कृतिक विरासत राज्य की पहचान और गर्व का महत्वपूर्ण हिस्सा है। युवा मेले और लोक मेले विभिन्न पीढ़ियों को जोड़ने का काम करते हैं और लोक संगीत, पारंपरिक नृत्य, लोक कलाओं तथा देशी खेलों को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं।
उन्होंने युवाओं को नए विचार अपनाने के साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने के लिए प्रेरित किया। उनके अनुसार, क्षेत्रीय, अंतर-जोनल और राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम विद्यार्थियों को बड़े मंचों पर अपनी प्रतिभा दिखाने और आत्मविश्वास बढ़ाने का अवसर देते हैं।
'रंगला पंजाब' के निर्माण में युवाओं की अहम भूमिका
भगवंत सिंह मान ने कहा कि युवाओं में निवेश करना पंजाब के भविष्य में निवेश करने के समान है। युवाओं को अपनी क्षमताओं का सकारात्मक इस्तेमाल करने और राज्य की सामाजिक, सांस्कृतिक तथा आर्थिक तरक्की में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ज्ञान, आत्मविश्वास, रचनात्मकता और उद्देश्य की मजबूत भावना से लैस युवा ही 'रंगला पंजाब' के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, हुनर और रचनात्मकता पंजाब की सबसे बड़ी पूंजी हैं। सही अवसर और प्रोत्साहन मिलने पर युवा न केवल अपने जीवन में सफलता हासिल कर सकते हैं, बल्कि राज्य के भविष्य को भी बेहतर दिशा दे सकते हैं।