डेली संवाद, नई दिल्ली। US Strike: पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर पहुंच गया है। United States Central Command (CENTCOM) ने दावा किया है कि अमेरिका के एक बड़े सैन्य हमले में ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) के हेडक्वार्टर को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है।
युनाइटेड स्टेट सैंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस कार्रवाई को “सांप का सिर काटने” जैसा बताते हुए कहा कि IRGC पिछले 47 वर्षों में 1,000 से अधिक अमेरिकी नागरिकों और सैनिकों की मौत के लिए जिम्मेदार रहा है।

कमांड संरचना ध्वस्त
युनाइटेड स्टेट सैंट्रल कमांड (CENTCOM) की ओर से जारी बयान में कहा गया, “ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दशकों तक अमेरिका और उसके सहयोगियों को निशाना बनाया। कल की स्ट्राइक ने उनकी कमांड संरचना को ध्वस्त कर दिया।
यह भी पढ़ें: Japnoor Travels के सतनाम सिंह पर 45 लाख रुपए ठगी का आरोप, किसानों ने दफ्तर घेरा
अमेरिका (US) के पास दुनिया की सबसे ताकतवर मिलिट्री है और अब IRGC का कोई हेडक्वार्टर नहीं बचा है।” अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार यह हमला सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर किया गया और इसका मकसद संगठन की नेतृत्व क्षमता को खत्म करना था।

इजराइल ने किए हमले
इस बीच इजराइली सेना ने भी ईरान के भीतर कई सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमलों की पुष्टि की है। इजराइल के मुताबिक, दर्जनों ईरानी मिलिट्री कमांड सेंटर को निशाना बनाया गया, जिनमें IRGC के ऑपरेशनल सेंटर, इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर, एयर फोर्स कमांड सेंटर और इंटरनल सिक्योरिटी हेडक्वार्टर शामिल हैं।
The Iranian Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) killed more than 1,000 Americans over the past 47 years. Yesterday, a large-scale U.S. strike cut off the head of the snake. America has the most powerful military on earth, and the IRGC no longer has a headquarters. pic.twitter.com/WdpN7JBECr
— U.S. Central Command (@CENTCOM) March 1, 2026
इजराइली बयान में कहा गया कि इन हमलों से ईरान की कमांड-एंड-कंट्रोल क्षमताओं को गहरा झटका लगा है और कई वरिष्ठ अधिकारी मारे गए हैं। घटनाक्रम उस समय और गंभीर हो गया जब शनिवार को ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की हत्या की खबर सामने आई।

तेहरान का बयान नहीं आया
इसके बाद अमेरिका और इजराइल के संयुक्त अभियान रविवार तक जारी रहे। हालांकि तेहरान की ओर से अभी तक इन दावों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन ईरानी मीडिया ने बड़े पैमाने पर नुकसान और कई सैन्य ठिकानों पर हमलों की पुष्टि की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई क्षेत्रीय संतुलन को पूरी तरह बदल सकती है। मध्य पूर्व में पहले से जारी संघर्ष के बीच यह घटनाक्रम व्यापक युद्ध का रूप ले सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने सभी पक्षों से संयम बरतने और हालात को कूटनीतिक रास्ते से सुलझाने की अपील की है।







