डेली संवाद, कनाडा। PR In Canada: अगर आप कनाडा में परमानेंट रेजिडेंसी (PR) पाने का सपना देख रहे हैं, तो आने वाले समय में नियम आपके लिए काफी बदल सकते हैं। ताज़ा जानकारी के मुताबिक, Canada की सरकार PR देने के तरीके में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रही है, जिसमें ज्यादा सैलरी पाने वाले वर्कर्स को प्राथमिकता दी जा सकती है।
सरकार का इशारा एक नए “हाई-वेज ऑक्यूपेशन” फैक्टर की ओर है, जिसके तहत जिन लोगों की सैलरी राष्ट्रीय औसत से अधिक होगी, उन्हें PR के लिए ज्यादा मौके मिलेंगे। इसका सीधा मतलब है कि भविष्य में केवल स्किल ही नहीं, बल्कि आपकी कमाई भी यह तय करेगी कि आपको PR कितनी जल्दी मिल सकती है।
सिस्टम में बदलाव करना चाहती सरकार
फिलहाल PR देने का मुख्य जरिया Express Entry system है, जिसमें अलग-अलग प्रोग्राम्स के जरिए विदेशी स्किल्ड वर्कर्स को चुना जाता है। अब सरकार इसी सिस्टम में बदलाव करना चाहती है। हालांकि इन बदलावों को पूरी तरह लागू होने में करीब 12 से 18 महीने लग सकते हैं।

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इस मामले पर Immigration, Refugees and Citizenship Canada (IRCC) के अधिकारियों की एक बैठक भी हो चुकी है, जिसमें यह संकेत मिला कि CRS (Comprehensive Ranking System) में बदलाव मंत्रिस्तरीय निर्देशों के जरिए किए जाएंगे, जबकि बड़े सुधारों के लिए कानूनी संशोधन जरूरी होंगे।
“हाई-वेज ऑक्यूपेशन” फैक्टर के तहत, उन वर्कर्स को ज्यादा CRS प्वाइंट्स दिए जाएंगे जिनकी जॉब सैलरी तय औसत से ऊपर होगी। यह प्वाइंट्स तीन अलग-अलग स्तरों पर दिए जाएंगे, जो इस बात पर निर्भर करेंगे कि सैलरी औसत से कितनी ज्यादा है। खास बात यह है कि यह गणना व्यक्ति की व्यक्तिगत सैलरी के बजाय उस पेशे (NOC कोड) के लिए तय मानक वेतन के आधार पर होगी।
भारतीय वर्कर्स पर होगा असर
इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर भारतीय वर्कर्स पर देखने को मिल सकता है। आईटी, हेल्थकेयर और इंजीनियरिंग जैसे सेक्टर्स में काम करने वाले भारतीयों को इसका फायदा मिलेगा, क्योंकि इन क्षेत्रों में आमतौर पर सैलरी औसत से ज्यादा होती है। ऐसे में उन्हें अतिरिक्त CRS प्वाइंट्स मिल सकते हैं और PR मिलने की संभावना मजबूत हो सकती है।

हालांकि, दूसरी तरफ भारतीय छात्रों के लिए यह बदलाव चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। अब तक किसी भी तरह की पढ़ाई पर CRS प्वाइंट्स मिल जाते थे, लेकिन भविष्य में केवल मास्टर्स या पीएचडी जैसी उच्च शिक्षा पर ही अतिरिक्त प्वाइंट्स दिए जाने की संभावना है। इसका मतलब है कि छोटे डिप्लोमा कोर्स करने वाले छात्रों को PR पाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
कनाडा की नई रणनीति
कुल मिलाकर, कनाडा की नई रणनीति का उद्देश्य ज्यादा कुशल और उच्च आय वाले टैलेंट को आकर्षित करना है। ऐसे में जो लोग पहले से अच्छी सैलरी और अनुभव के साथ काम कर रहे हैं, उनके लिए यह बदलाव फायदेमंद साबित हो सकता है, जबकि बाकी को अपनी रणनीति नए नियमों के हिसाब से बदलनी पड़ सकती है।










