डेली संवाद, कैथल।
Anil Vij SP Upasana Singh Clash Kaithal Grievance Meeting Land Fraud Case: हरियाणा के कैथल में शुक्रवार को आयोजित ग्रीवेंस कमेटी की बैठक उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल विज और जिला पुलिस अधीक्षक (SP) उपासना सिंह के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। मामला जमीन खरीद में कथित धोखाधड़ी और एक पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई से जुड़ा था।
बैठक के दौरान हुई बहस का वीडियो भी सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार, बैठक में गांव तितरम निवासी मनदीप अपनी शिकायत लेकर पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब दो वर्ष पहले उन्होंने गांव के ही संदीप नामक व्यक्ति से एक एकड़ एक कनाल जमीन खरीदने का सौदा किया था। संदीप ने दावा किया था कि जमीन एक ही खेवट में दर्ज है, लेकिन बाद में जांच में सामने आया कि जमीन पांच अलग-अलग खेवटों में बंटी हुई थी।
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Anil Vij Minister Haryana[/caption]
केस ट्रांसफर पर उठे सवाल
मनदीप ने बताया कि संदीप ने शुरुआती रकम के तौर पर 7 लाख रुपये ले लिए थे। जब दस्तावेजों की जांच में गड़बड़ी सामने आई तो मनदीप ने जमीन लेने से इनकार कर दिया और अपनी रकम वापस मांगी। आरोप है कि रकम लौटाने में टालमटोल की गई, जिसके बाद उन्होंने तितरम थाने में केस दर्ज कराया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि संदीप हरियाणा पुलिस में ASI के पद पर कार्यरत है और वर्तमान में उसकी तैनाती कुरुक्षेत्र में है।
मनदीप का कहना है कि संदीप ने पुलिस विभाग में अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए केस को तितरम से करनाल ट्रांसफर करवा लिया, ताकि मामले को प्रभावित किया जा सके। उन्होंने मंत्री से मांग की कि उन्हें उनके 7 लाख रुपये वापस दिलाए जाएं और संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। बैठक में शिकायतकर्ता ने कहा, “जब मामला यहीं का है और कार्रवाई यहीं हो सकती है, तो इसे दूसरे जिले में ट्रांसफर करने की क्या जरूरत थी? कार्रवाई होनी चाहिए, सर।”
विज ने दिए सस्पेंशन के आदेश
शिकायत सुनने के बाद मंत्री अनिल विज (Anil Vij) ने मौके पर ही सख्त रुख अपनाया। वीडियो में देखा जा सकता है कि उन्होंने अधिकारियों से कहा, “मैं ऑर्डर दे रहा हूं, पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई करो। यह भी मेंशन करो कि जांच पूरी होने तक वह सस्पेंड रहेगा। उसने केस को प्रभावित करने की कोशिश की है।”
इस पर SP उपासना सिंह ने मंत्री (Anil Vij) से कहा कि संबंधित पुलिसकर्मी उनकी अधिकार-सीमा में नहीं आता, क्योंकि वह कुरुक्षेत्र में तैनात है। उन्होंने स्पष्ट कहा, “सर, यह मेरी पावर में नहीं है। यह कार्रवाई कुरुक्षेत्र के SP या DGP स्तर से होगी।”
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IPS Upasna Singh[/caption]
मंत्री और SP के बीच तीखी नोकझोंक
SP का यह जवाब सुनकर मंत्री विज
(Anil Vij)
नाराज हो गए। उन्होंने कहा, “क्या पावर नहीं है? जब मैं कह रहा हूं सस्पेंड करो। आप हर काम में यही करती हो। आप DGP को लिखो।” हालांकि SP लगातार यही कहती रहीं कि उनके पास सस्पेंड करने की शक्ति नहीं है और संबंधित जिले के अधिकारी ही यह कदम उठा सकते हैं।
मंत्री विज (Anil Vij) ने फिर कहा, “आप लिखिए कि मंत्री विज ने इस पुलिसकर्मी को सस्पेंड किया है।” इस पर SP ने जवाब दिया, “ठीक है सर, मैं लिख दूंगी।” इसी दौरान शिकायतकर्ता ने भी हस्तक्षेप करते हुए कहा कि “जब मंत्री जी आदेश दे रहे हैं, तो इसमें कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।”
DC ने कराया हस्तक्षेप
मामला बढ़ता देख डीसी अपराजिता ने हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराया। उन्होंने दोनों पक्षों को नियमों के तहत कार्रवाई का आश्वासन दिया और बैठक को आगे बढ़ाया। हालांकि, मंत्री और SP के बीच हुई इस बहस का वीडियो सामने आने के बाद मामला राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
आगे क्या?
मंत्री अनिल विज (Anil Vij) ने स्पष्ट किया कि यदि आदेश के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई तो वे स्वयं इस मामले को देखेंगे। वहीं पुलिस विभाग की ओर से कहा गया है कि शिकायत के तथ्यों की जांच नियमानुसार की जाएगी और जो भी अधिकारी कार्रवाई के दायरे में आएगा, उसके खिलाफ उचित कदम उठाया जाएगा।
यह घटना प्रशासनिक अधिकारों और प्रक्रियाओं को लेकर एक नई बहस छेड़ गई है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।