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Jalandhar News: जालंधर में 142 कालोनियों के मालिकों को नोटिस, 15 दिन में बकाया जमा नहीं कराया तो दर्ज होगी FIR

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डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: जालंधर के मेयर वनीत धीर (Mayor Vaneet Dhir) ने बड़ा फैसला लेते हुए शहर की 142 कालोनियों के मालिकों को नोटिस जारी करवाया है। अगर ये कालोनाइजर 15 दिनों में बकाया रकम नगर निगम के खजाने में जमा नहीं करवाते हैं तो इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। इसमें शहर के बड़े रियल एस्टेट और नेताओं के नाम भी शामिल हैं। जालंधर (Jalandhar) मेयर वनीत धीर (Mayor Vaneet Dhir) ने कहा कि साल 2013 से लेकर अब तक 142 कालोनियों को नगर निगम (Municipal Corporation) ने पास किया है। इन कालोनाइजरों ने कालोनी एप्रूव करवाते समय कुछ पैसा जमा करवाया, बाकी रकम बाद में जमा करवाने का एफिडेविट दिया, लेकिन उसके बाद बकाया रकम जमा नहीं करवाई गई। [caption id="attachment_100231" align="aligncenter" width="1200"] Dolly Palace Illegal Colony News Dolly Palace Illegal Colony News[/caption]

142 कॉलोनियों की सूची

मेयर वनीत धीर (Mayor Vaneet Dhir) के आदेश पर एमटीपी इकबालप्रीत सिंह रंधावा और एमटीपी मेहरबान सिंह ने लिस्ट तैयार करवाई है। इसमें 142 कालोनियों को चिन्हित किया गया है। इसके साथ हीअवैध कॉलोनियों की रेगुलराइजेशन फीस दबाने वाले कालोनाइजरों की सूची भी तैयार कर ली गई है।

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निगम कमिश्नर संदीप ऋषि (Sandeep Rishi IAS) के मुताबिक जालंधर (Jalandhar) शहर की चार विधानसभा हलके वेस्ट, सेंट्रल, नॉर्थ और कैंट में कुल 142 कॉलोनियां चिन्हित की गई हैं। नगर निगम (Municipal Corporation) ने संबंधित कॉलोनाइजरों को 15 दिन के भीतर बकाया राशि जमा कराने का नोटिस दिया है। चेतावनी दी गई है कि तय समय में भुगतान न करने पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। [caption id="attachment_91924" align="aligncenter" width="1200"] MCJ Jalandhar Daily Samvad MCJ Jalandhar Daily Samvad[/caption]

कालोनाइजरों पहुंचने लगे निगम दफ्तर

नगर निगम के अफसरों के मुताबिक कार्रवाई शुरू होते ही एक कॉलोनाइजर से 1 लाख रुपये और दूसरे से 6 लाख रुपये की राशि वसूल की गई है। अब प्रत्येक कॉलोनी की जमा और बकाया फीस का सत्यापन किया जा रहा है, साथ ही कॉलोनियों की वर्तमान स्थिति की भी जांच हो रही है। मेयर वनीत धीर ने कहा कि नगर निगम का बनता हुआ पैसा हर हाल में वसूला जाएगा और नियमों की अवहेलना करने वालों पर केस दर्ज किया जाएगा। दरअसल, नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच को सभी कॉलोनाइजरों से सरकारी फीस वसूलने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। [caption id="attachment_91291" align="aligncenter" width="1200"] Mayor Vaneet Dhir in Dubai News Update Mayor Vaneet Dhir[/caption]

यह है मामला

आपको बता दें कि पंजाब सरकार ने वर्ष 2013 में अवैध कॉलोनियों को नियमित करने की नीति लागू की थी, जिसके तहत कॉलोनाइजरों को किस्तों में फीस जमा कराने की छूट दी गई थी। कई डेवलपर्स ने नीति के तहत आवेदन देकर शुरुआती 1-2 किस्तें जमा कराईं, जिससे प्लॉटों पर डिमोलिशन की कार्रवाई रुकी रही। इस दौरान प्लॉटों की बिक्री जारी रही, लेकिन शेष रेगुलराइजेशन फीस नगर निगम को नहीं दी गई। अब फंसी हुई राशि की वसूली के लिए निगम ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। इसमें कई बड़े दिग्गज नाम शामिल हैं। इनमें कई नेताओं और कारोबारियों के भी नाम है। [caption id="attachment_21061" align="aligncenter" width="800"] JDA JDA[/caption]

जेडीए से लेने हैं करोड़ों रुपए

मेयर वनीत धीर ने बताया कि साल 2008 से जालंधर शहर की सीमा में पुडा से मंजूरी लेकर विकसित की गई 37 कॉलोनियों के 18 करोड़ रुपये के डेवलपमेंट चार्ज जेडीए से नहीं लिए गए। इसके लिए नगर निगम के अफसरों ने भी लापरवाही बरती है। यह राशि जेडीए को नगर निगम को देनी है। मेयर वनीत धीर और निगम कमिश्नर संदीप ऋषि ने इस संबंध में जेडीए अधिकारियों से संपर्क किया है। 18 करोड़ रुपये की वसूली को लेकर जल्द बैठक बुलाई जाएगी। नए वित्तीय वर्ष में विकास कार्यों के बिल भुगतान से पहले जेडीए से निगम द्वारा कुल 43 करोड़ रुपये की वसूली की उम्मीद जताई जा रही है।