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Punjab Bus Strike: 3 से 5 अगस्त तक नहीं चलेंगी बसें, रोडवेज कर्मचारियों ने किया चक्का जाम का ऐलान

Punjab Roadways Strike: पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने 3, 4 और 5 अगस्त को राज्यव्यापी चक्का जाम का ऐलान किया है। कर्मचारियों ने मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।

Punjab Bus Strike: 3 से 5 अगस्त तक नहीं चलेंगी बसें, रोडवेज कर्मचारियों ने किया चक्का जाम का ऐलान
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डेली संवाद, पठानकोट। Punjab Bus Strike: Punjab Roadways Strike को लेकर पंजाब में बड़ा आंदोलन होने जा रहा है। पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने सरकार पर परिवहन विभाग और कच्चे कर्मचारियों की लगातार अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो 3, 4 और 5 अगस्त को पूरे पंजाब में तीन दिवसीय पूर्ण हड़ताल (चक्का जाम) की जाएगी।

इसके अलावा मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री के आवास का घेराव तथा विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान भूख हड़ताल भी की जाएगी। सोमवार को पंजाब के सभी 27 सरकारी बस डिपो के बाहर यूनियन की ओर से विरोध प्रदर्शन और रैलियां आयोजित की गईं। पठानकोट डिपो में आयोजित प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार की नीतियों और परिवहन विभाग में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप

यूनियन के संयुक्त सचिव विजय कुमार ने आरोप लगाया कि सत्ता में आने से पहले सरकार ने ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने और सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने का वादा किया था, लेकिन चार साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कोई भी कर्मचारी नियमित नहीं किया गया।

उन्होंने कहा कि सरकार के साथ करीब 70 बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कर्मचारियों को नियमित करने के लिए बनाई गई सब-कमेटी भी चार वर्षों से कोई ठोस निर्णय नहीं ले सकी है। साथ ही ईपीएफ और ईएसआई से जुड़े मामलों में करोड़ों रुपये के कथित घोटाले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई।

800 बसें कंडम, 400 बसें स्पेयर पार्ट्स के अभाव में बंद

यूनियन के डिपो संरक्षक दविंदर सिंह लाली ने दावा किया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में करीब 800 सरकारी बसें कंडम हो चुकी हैं। वहीं स्पेयर पार्ट्स, टायर और बैटरियों की कमी के कारण करीब 400 सामान्य बसें और 35 वोल्वो बसें डिपो में खड़ी हैं। उनका आरोप है कि सरकार ने अपने कार्यकाल में एक भी नई सरकारी बस बेड़े में शामिल नहीं की।

यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकारी बसों को जानबूझकर खड़ा रखकर किलोमीटर स्कीम के तहत निजी बस ऑपरेटरों को फायदा पहुंचाया जा रहा है। साथ ही टाइम-टेबल में कथित हेराफेरी कर परिवहन विभाग को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

10 दिन का वादा भी पूरा नहीं हुआ

यूनियन के जनरल सचिव जुगराज सिंह और सुखदेव सिंह ने कहा कि 24 जून को हुई बैठक में सरकार ने 10 दिन के भीतर कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने का ड्राफ्ट तैयार करने और आउटसोर्स कर्मचारियों को कॉन्ट्रैक्ट पर लाने की समय सीमा तीन वर्ष करने का भरोसा दिया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

यूनियन नेताओं जोगिंदर पाल लवली और दिलबाग सिंह ने स्पष्ट किया कि यदि 3 से 5 अगस्त की हड़ताल के बाद भी सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया या कर्मचारियों के खिलाफ कोई दमनात्मक कार्रवाई की गई, तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल दिया जाएगा।

यूनियन का कहना है कि अब सरकार को कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करना होगा, अन्यथा आने वाले दिनों में पूरे पंजाब की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है।