डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: एक सरकारी स्कूल का दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद कांग्रेस नेता और पंजाब ब्राहम्ण बोर्ड के पूर्व डायरेक्टर रविश राज शर्मा ने कहा कि सरकारी स्कूलों की कंप्यूटर लैब में विद्यार्थियों के बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सियां तक उपलब्ध नहीं हैं, जबकि शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) लागू करने के बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार को पहले यह यकीनी बनाना चाहिए कि बच्चों के पास बैठने की मूलभूत सुविधा, पर्याप्त शिक्षक और बेहतर शिक्षा उपलब्ध हो। सरकारी स्कूलों में शिक्षा क्रांति के बड़े-बड़े दावे करने वाली पंजाब सरकार की जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर पेश कर रही है।
सरकार किस शिक्षा क्रांति की बात कर रही है?
उन्होंने सवाल किया कि जब बच्चों को पढ़ाने के लिए पर्याप्त शिक्षक ही नहीं हैं और कंप्यूटर लैब में बैठने के लिए कुर्सियां तक नहीं हैं, तो सरकार किस शिक्षा क्रांति की बात कर रही है? रविश राज शर्मा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस से जवाब मांगते हुए कहा कि AI लागू करने से पहले सरकार स्कूलों में शिक्षकों की कमी, खाली पदों और बुनियादी सुविधाओं की समस्या को दूर करे।
पंजाब के बच्चों को प्रचार नहीं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर सुविधाएं चाहिए। सैकड़ों सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं, जिसके कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। सरकार विज्ञापनों पर करोड़ों रुपए खर्च करने के बजाय स्कूलों की वास्तविक जरूरतों पर ध्यान दे और जनता को दावों नहीं, बल्कि जमीनी परिणामों का हिसाब दे।