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Jalandhar News: जालंधर में बसपा ने घेरा SSP दफ्तर, पुलिस पर लगाए झूठे केस दर्ज करने के आरोप

बलविंदर कुमार ने दावा किया कि बड़ा पिंड, धालीवाल कादियां और हुसैनपुर समेत कई गांवों में मामूली विवादों को लेकर लोगों पर एफआईआर दर्ज की गईं, जबकि कई मामलों में कार्रवाई की जरूरत नहीं थी।

Jalandhar News: जालंधर में बसपा ने घेरा SSP दफ्तर, पुलिस पर लगाए झूठे केस दर्ज करने के आरोप
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डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: जालंधर देहाती के करतारपुर विधानसभा क्षेत्र से बहुजन समाज पार्टी (BSP) नेता बलविंदर कुमार ने समर्थकों के साथ देहाती एसएसपी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कथित धक्केशाही के आरोप लगाए।

बलविंदर कुमार ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार, स्थानीय पुलिस प्रशासन और आप नेताओं की ओर से सत्ता का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस के जरिए कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और अन्य विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं समेत कई लोगों के खिलाफ कथित तौर पर झूठे मामले दर्ज किए गए हैं।

उन्होंने दावा किया कि बड़ा पिंड, धालीवाल कादियां और हुसैनपुर समेत कई गांवों में मामूली विवादों को लेकर लोगों पर एफआईआर दर्ज की गईं, जबकि कई मामलों में कार्रवाई की जरूरत नहीं थी।

नशे के खिलाफ प्रदर्शन मामले का उठाया मुद्दा

बसपा नेता ने मकसूदां इलाके में नशे के खिलाफ हुए प्रदर्शन का मामला भी उठाया। उन्होंने बताया कि इस मामले में पुलिस ने एफआईआर नंबर 85/23 के तहत करीब 165 लोगों पर हाईवे जाम करने का केस दर्ज किया था।

बलविंदर कुमार का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान हाईवे जाम नहीं किया गया था। उन्होंने इस मामले को लेकर पंजाब के डीजीपी गौरव यादव से मुलाकात की थी, जिसके बाद पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (PBI) को जांच सौंपी गई।

उन्होंने दावा किया कि पीबीआई जांच में आरोपियों को निर्दोष पाया गया और केस रद्द करने की सिफारिश की गई, लेकिन इसके बावजूद पुलिस प्रशासन ने रिपोर्ट को नजरअंदाज करते हुए 41-42 लोगों के खिलाफ अदालत में चालान पेश कर दिया।

न्याय नहीं मिलने पर आंदोलन की चेतावनी

एसएसपी कार्यालय पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मामलों की निष्पक्ष जांच कर लोगों को न्याय दिया जाए। बलविंदर कुमार ने चेतावनी दी कि अगर उन्हें कानून के अनुसार न्याय नहीं मिला तो वह बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे और इस मुद्दे को पंजाब विधानसभा में भी उठाएंगे।