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Jalandhar News: जालंधर के लतीफपुरा में 1 कनाल सरकारी जमीन पर कब्जा कर कबाड़िए को किराये पर दिया, ट्र्स्ट खाली करवाएगा अपनी जमीन, चलेगा बुलडोजर

जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट ने हाईकोर्ट में बड़ी जीत दर्ज की है। बावा बिल्डिंग मैटेरियल्स की अपील खारिज होने के बाद ट्रस्ट ने लतीफपुरा स्थित करीब 1 कनाल सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराने की प्रक्रिया तेज कर दी है।

Jalandhar News: जालंधर के लतीफपुरा में 1 कनाल सरकारी जमीन पर कब्जा कर कबाड़िए को किराये पर दिया, ट्र्स्ट खाली करवाएगा अपनी जमीन, चलेगा बुलडोजर
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डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar Improvement Trust News: जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की 1 कनाल सरकारी जमीन को छुड़ाने का प्रयास तेज हो गया है। इस एक कनाल जमीन पर बावा बिल्डिंग मैटेरियल्स के मालिकों का कब्जा था, जिसे वे अपनी जमीन बता रहे थे, लेकिन हाईकोर्ट में बावा बिल्डिंग मैटेरियल्स के मालिक केस हार गए, जिससे ट्रस्ट अब इस जमीन को कब्जामुक्त करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

जालंधर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के ईओ राजेश चौधरी के मुताबिक जीटीबी नगर के पास लतीफपुरा में करीब 1 कनाल जमीव पर बावा बिल्डिंग मैटेरियल्स ने कब्जा कर रखा था। जिसे लेकर कोर्ट में केस चल रहा था। कोर्ट ने बावा बिल्डिंग मैटेरियल्स की अपील (RSA-3736-2017) को खारिज कर दिया है।

तत्काल कब्जा खाली करने के आदेश

हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति विक्रम अग्रवाल ने 21 जुलाई 2026 को सुनाए फैसले में कहा कि संबंधित पक्ष सार्वजनिक संपत्ति पर अनधिकृत कब्जे में था और उसने कानूनी प्रक्रिया में हुई देरी का अनुचित लाभ उठाया। अदालत ने माना कि जालंधर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट ने अपनी 110 एकड़ विकास योजना के तहत अधिग्रहित भूमि पर अपना अधिकार साबित किया है।

वहीं बावा बिल्डिंग मैटेरियल्स यह साबित नहीं कर सका कि उसका कब्जा वैध या अधिकृत था। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट और प्रथम अपीलीय अदालत के फैसलों को सही ठहराते हुए कहा कि कब्जाधारियों ने सार्वजनिक भूमि पर अवैध रूप से निर्माण और व्यवसाय किया।

कबाड़िया बोला - किराया दे रहा हूं

इस जमीन पर कुछ पुराने निर्माण है। इसमें एक दुकान पर कबाड़िया का कब्जा है। कबाड़िए के मुताबिक उससे साथ वाली बिल्डिंग के मालिक किराया ले रहे हैं। हैरानी की बात तो यह है कि सरकारी जमीन पर कब्जा करके उस पर कबाड़ या अन्य दुकान खुलवा कर किराया वसूला जा रहा है।

अदालत ने क्या कहा?

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि ट्रायल कोर्ट और प्रथम अपीलीय अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सही निष्कर्ष निकाला है। भूमि पर ट्रस्ट के स्वामित्व को लेकर कोई संदेह नहीं था, इसलिए कब्जा वापस लेने के लिए अनिवार्य निषेधाज्ञा (Mandatory Injunction) का मुकदमा भी पूरी तरह वैध था। अदालत ने सभी दलीलों को खारिज करते हुए बावा बिल्डिंग मैटेरियल्स की अपील निरस्त कर दी और लंबित सभी आवेदन भी समाप्त कर दिए।

जल्द खाली करवाएंगे जमीन - EO

जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के ईओ राजेश चौधरी ने कहा है कि हाईकोर्ट के आदेश के अनुरूप जल्द ही सरकारी जमीन पर हुए कब्जे को खाली करवाया जाएगा। चौधरी ने कहा कि बावा बिल्डिंग मैटेरियल्स के करीब 1 कनाल सरकारी जमीन पर कब्जा किया है, जिसे अब खाली करवाया जाएगा।