डेली संवाद, जालंधर। Innocent Hearts: इनोसेंट हार्ट्स कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन की एनएसएस यूनिट ने यूनेस्को द्वारा घोषित इस दिन की 60वीं वर्षगांठ के मौके पर, यूनेस्को की थीम 2026 "लोगों, धरती और समृद्धि के लिए साक्षरता" के साथ अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मास मीडिया के ज़रिए लोगों तक पहुँचकर उन्हें शिक्षित करना और साक्षरता का महत्व बताना था।
स्टूडेंट-टीचर्स ने 'साक्षरता अँधेरे से उजाले की ओर ले जाने वाला एक पुल है’, नाम का एक नाटक पेश किया, जिसमें असल ज़िंदगी की स्थितियों को दिखाने वाले अलग-अलग सीन थे। एनएसएस यूनिट ने पहले से ही स्क्रिप्ट तैयार की, डायलॉग लिखे, सही कॉस्ट्यूम चुने, प्रॉप्स और एनिमेटेड बैकग्राउंड तैयार किए।
अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाया
एनएसएस स्वयंसेवक आरती ने नैरेटर की भूमिका निभाई। अनमोल नागपाल, आरती मनकोटिया, दिव्या गब्बा, पायल, सिद्धांत बब्बर और समीक्षा ने अनपढ़ और पढ़े-लिखे लोगों की भूमिकाएँ निभाईं। अलग-अलग सीन के ज़रिए उन्होंने शिक्षा के महत्व को उजागर किया।
एक सीन में उन्होंने दिखाया कि कैसे एक पढ़ी-लिखी महिला ने एक अनपढ़ महिला को किराने की दुकान पर एक चालाक दुकानदार से ठगे जाने से बचाया; वह दुकानदार उसके मोबाइल पर आए वन-टाइम पासवर्ड ओटीपी का इस्तेमाल करके उसके डेबिट कार्ड का गलत फायदा उठाने वाला था।
शिक्षा के महत्व को उजागर किया
एक और सीन में, एक पढ़ी-लिखी बेटी ने अपनी अनपढ़ माँ को अपनी प्रॉपर्टी खोने से बचाया; उसने उन कागज़ों को पढ़कर सुनाया जिन पर माँ अपना अंगूठे का निशान लगाने वाली थी। इस तरह, अलग-अलग सीन के ज़रिए स्टूडेंट-टीचर्स ने साक्षरता और मूल्य-आधारित शिक्षा के महत्व को उजागर किया।
प्रिंसिपल डॉ. अर्जिंदर सिंह ने कहा कि नाटक में पढ़ाने का रचनावादी तरीका शामिल होता है, जिसमें टीचर एक सुविधा प्रदाता सहायक के तौर पर काम करता है जबकि स्टूडेंट्स खुद अपना ज्ञान बनाते हैं। प्रिंसिपल और शिक्षकों ने सभी प्रतिभागियों को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी और सभी को सर्टिफिकेट दिए गए।