Skip to content

ED Raid: फर्जी कॉल सेंटर नेटवर्क पर ED की रेड: 220 लोग मिले काम करते, मोबाइल-लैपटॉप से खंगाला जा रहा डेटा

पंजाब में फर्जी कॉल सेंटरों के जरिए अमेरिकी नागरिकों को कथित तौर पर ठगने के मामले में ED ने बड़ी कार्रवाई की है। ED की हैदराबाद क्षेत्रीय कार्यालय से जुड़ी जांच के तहत पटियाला और मोहाली समेत कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया।

ED Raid: फर्जी कॉल सेंटर नेटवर्क पर ED की रेड: 220 लोग मिले काम करते, मोबाइल-लैपटॉप से खंगाला जा रहा डेटा
Share Facebook X WhatsApp Telegram Email
View in ePaper

डेली संवाद, मोहाली। ED Raid: पंजाब में फर्जी कॉल सेंटरों के जरिए अमेरिकी नागरिकों को कथित तौर पर ठगने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED की हैदराबाद क्षेत्रीय कार्यालय से जुड़ी जांच के तहत पटियाला और मोहाली समेत कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान 66 मोबाइल फोन, 13 लैपटॉप और कई अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं।

ED की जांच में सामने आया है कि कॉल सेंटरों की आड़ में अमेरिकी नागरिकों को फोन कर कथित तौर पर अलग-अलग बहाने से पैसे देने के लिए कहा जाता था। एजेंसी अब इन कॉलिंग अभियानों, इस्तेमाल की गई स्क्रिप्ट, डायलर, VoIP सिस्टम, पीड़ितों के डेटा, भुगतान के माध्यम और ठगी की रकम के लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

पटियाला में 2 कॉल सेंटर मिले

ED के अनुसार, तलाशी के दौरान तीन लाइव कॉल सेंटर मिले, जिनमें दो पटियाला में और एक पुणे में बताया गया है। इन परिसरों में तलाशी के दौरान करीब 220 लोग काम करते हुए मिले।

यह भी पढ़ें: जालंधर कैंट हलके में कट गई अवैध कालोनी, डिप्टी मेयर बोले- कालोनाइजर पर FIR दर्ज होगी

कॉल सेंटरों में बड़ी संख्या में कंप्यूटर, हेडसेट, मोबाइल फोन और नेटवर्किंग उपकरण लगाए गए थे। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन कर्मचारियों की भूमिका क्या थी और वे किसके निर्देश पर काम कर रहे थे।

मोबाइल और लैपटॉप से मिला कथित ठगी का डेटा

जांच एजेंसी के मुताबिक, पटियाला के कॉल सेंटरों से बरामद मोबाइल फोन और एक लैपटॉप में कथित सिंडिकेट के काम करने के तरीके तथा ठगी से प्राप्त रकम के बंटवारे से संबंधित डेटा मिला है।

पुणे स्थित कॉल सेंटर में भी अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाने के लिए इसी तरह की कार्यप्रणाली इस्तेमाल किए जाने की बात जांच में सामने आई है।

चंडीगढ़ में मकान को बनाया था कंट्रोल सेंटर

ED के मुताबिक, चंडीगढ़ में जिस आवासीय परिसर की तलाशी ली गई, उसका इस्तेमाल पटियाला में संचालित कथित फर्जी कॉल सेंटरों के संचालन और नियंत्रण के लिए किया जा रहा था।

तलाशी के दौरान यहां से कॉल सेंटरों के कामकाज और डेटा से जुड़े कई डिजिटल उपकरण बरामद किए गए। ED के अनुसार, मौके पर एक व्यक्ति अमेरिकी डॉलर को भारतीय रुपये में बदलने से जुड़े काम में कथित तौर पर शामिल मिला। उसकी भूमिका और संबंधित वित्तीय लेनदेन की जांच की जा रही है।

66 मोबाइल फोन और 13 लैपटॉप जब्त

ED की कार्रवाई के दौरान कुल 66 मोबाइल फोन और 13 लैपटॉप समेत कई डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं। जांच एजेंसी अब इन उपकरणों में मौजूद डेटा की जांच कर रही है।

जांच का मुख्य फोकस कथित कॉलिंग नेटवर्क, VoIP सिस्टम, डायलर, पीड़ितों का डेटा, भुगतान चैनल और ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में भेजे जाने से संबंधित जानकारी पर है।

पटियाला में देर रात शोरूमों पर हुई थी रेड

जानकारी के अनुसार, मंगलवार देर रात ED की टीम ने पटियाला के फेज-2 की कमर्शियल मार्केट स्थित शोरूम नंबर 8, 9 और 10 में तलाशी ली थी। कार्रवाई पहले से मिली जानकारी और चल रही जांच के आधार पर की गई। इस दौरान अधिकारियों ने मौके पर मौजूद दस्तावेजों, कंप्यूटर रिकॉर्ड और अन्य संबंधित रिकॉर्ड की जांच की।

इसके अलावा ED की टीम ने मोहाली के सेक्टर-82 में एक प्रॉपर्टी डीलर और कारोबारी के आवास पर भी तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के बाद ED के अधिकारी लैपटॉप और कुछ बैग लेकर बाहर निकलते दिखाई दिए। हालांकि, इन बैगों में क्या सामान था, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाने की जांच

ED अब कथित फर्जी कॉल सेंटर नेटवर्क से जुड़े लोगों, कंपनियों और वित्तीय लेनदेन की कड़ियों को खंगाल रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कॉल सेंटरों का संचालन कौन कर रहा था, अमेरिकी नागरिकों का डेटा कहां से हासिल किया गया और कथित ठगी की रकम किन माध्यमों से भारत तक पहुंचाई या अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की गई।

फिलहाल मामले में ED की जांच जारी है और तलाशी के दौरान जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों से मिलने वाली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।