डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: डॉ. बी. आर. अंबेडकर जी की मूर्ति पर जूतों की माला पहनाने के आरोप पर जालंधर के डिप्टी मेयर मलकीत सिंह सुभाना ने कहा कि भारतीय संविधान के रचयिता और करोड़ों लोगों के प्रेरणास्रोत बाबा साहेब डॉ. बी. आर. अंबेडकर जी की मूर्ति के साथ ऐसा व्यवहार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
मलकीत सिंह ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर जी ने अपना पूरा जीवन सामाजिक समानता, न्याय और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया। उनके द्वारा देश को दिया गया संविधान हर भारतीय के अधिकारों की रक्षा का एक मजबूत आधार है। इसलिए उनकी मूर्ति का अपमान सिर्फ किसी एक व्यक्ति या वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली घटना नहीं है, बल्कि सामाजिक सद्भाव, शांति और भाईचारे पर असर डालने वाला एक गंभीर मामला है।
FIR दर्ज
उन्होंने कहा कि इस मामले में FIR दर्ज कर ली गई है और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सख्त कार्रवाई के आदेश भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन को मामले की निष्पक्ष और तुरंत जांच करनी चाहिए, दोषियों की पहचान करनी चाहिए और बिना किसी देरी के उन्हें न्याय के कटघरे में लाना चाहिए।
किसी भी दोषी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। डिप्टी मेयर ने कहा कि ऐसी घटनाओं से समाज में तनाव और अशांति फैल सकती है। इसलिए, प्रशासन को न सिर्फ़ मौजूदा मामले में सख़्त कार्रवाई करनी चाहिए, बल्कि सुरक्षा के पुख़्ता इंतज़ाम भी करने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो। उन्होंने सभी लोगों से अपील की कि इस सेंसिटिव मामले में शांति, संयम और आपसी भाईचारा बनाए रखें।
हर भारतीय की ज़िम्मेदारी है
किसी भी तरह की अफ़वाह, भड़काऊ बयान या ऐसी हरकत से बचना चाहिए, जिससे माहौल खराब हो। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं का जवाब कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाना चाहिए। मलकीत सिंह ने कहा, “बाबा साहेब डॉ. बी. आर. अंबेडकर जी किसी एक वर्ग की नहीं, बल्कि पूरे देश की महान हस्ती हैं। उनका सम्मान करना हर भारतीय की ज़िम्मेदारी है।
उनकी मूर्ति का अपमान करने वालों के ख़िलाफ़ सख़्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और दोषियों को जल्द से जल्द कानून के मुताबिक सज़ा मिलनी चाहिए।” उन्होंने यह कहते हुए अपनी बात खत्म की कि आज के समय में समाज में भाईचारा, शांति, सद्भाव और आपसी सम्मान बनाए रखना सबसे बड़ी ज़रूरत है। सरकार और प्रशासन की कार्रवाई से यह साफ़ संदेश जाना चाहिए कि महान हस्तियों की मूर्तियों और लोगों की भावनाओं से छेड़छाड़ करने वालों से कानून के मुताबिक सख़्ती से निपटा जाएगा।