डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab Building Rules 2026: पंजाब सरकार ने बिल्डिंग निर्माण से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। सरकार ने पंजाब शहरी नियोजन और बिल्डिंग (संशोधन) नियम, 2026 लागू कर दिए हैं। नए नियमों में घर, दुकान, बूथ और SCO से लेकर सोसाइटी की पार्किंग, फायर एग्जिट, छत, सोलर पैनल, लिफ्ट और हाईटेंशन बिजली की लाइनों के आसपास निर्माण को लेकर कई अहम प्रावधान किए गए हैं।
नए नियमों का उद्देश्य भवनों की सुरक्षा, सुविधाओं और नियोजित निर्माण को बेहतर करना है। आइए जानते हैं नए नियमों में क्या-क्या बदलाव किए गए हैं।
1. 21 मीटर से ऊंची इमारतों में सभी सीढ़ियां होंगी फायर एग्जिट
यदि किसी इमारत की ऊंचाई 21 मीटर से अधिक है, तो उसमें आने-जाने के लिए बनी सभी सीढ़ियों को अनिवार्य रूप से फायर एग्जिट के तौर पर तैयार करना होगा। आपात स्थिति या आग लगने की घटना के दौरान लोगों को बिना रुकावट सुरक्षित बाहर निकलने में मदद मिलेगी।
2. ओवरहेड बिजली की लाइन के नीचे नहीं हो सकेगा निर्माण
बिजली की ओवरहेड लाइनों के आसपास भवन निर्माण के दौरान निर्धारित सुरक्षा दूरी बनाए रखना अनिवार्य होगा। इससे बिजली की हाईटेंशन लाइनों और भवनों के बीच सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
3. दुकान, बूथ और SCO की अधिकतम ऊंचाई 5 मीटर
नए नियमों के तहत बूथ, सामान्य दुकानों और SCO में फर्श से छत तक की अधिकतम ऊंचाई 5 मीटर रखी जा सकेगी।
4. मेजेनाइन फ्लोर पर सिर्फ सामान रखने की अनुमति
बूथ में मुख्य मंजिल और छत के बीच बनाए जाने वाले मेजेनाइन का इस्तेमाल केवल सामान रखने के लिए किया जा सकेगा। यहां व्यावसायिक गतिविधि या ग्राहकों के बैठने की व्यवस्था नहीं की जा सकेगी।
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मेजेनाइन का क्षेत्रफल बूथ के कुल क्षेत्रफल के दो-तिहाई (2/3) से अधिक नहीं होगा। इसमें कॉरिडोर का क्षेत्रफल शामिल नहीं किया जाएगा। खास बात यह है कि मेजेनाइन क्षेत्र को FAR में शामिल नहीं किया जाएगा।
5. छत पर सोलर पैनल लगाने के नियमों में राहत
नए नियमों के तहत छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए पैनल के नीचे 2.4 मीटर यानी करीब 8 फीट तक की खाली जगह रखी जा सकेगी।
सोलर पैनल और उनके लिए बनाए गए ढांचे को भवन की कुल ऊंचाई में शामिल नहीं किया जाएगा। साथ ही इसे FAR की गणना में भी शामिल नहीं किया जाएगा।
6. छत पर 6 वर्गमीटर तक बनाया जा सकेगा टॉयलेट
अब भवन की छत पर अधिकतम 6 वर्गमीटर यानी करीब 64.5 वर्ग फीट क्षेत्र में टॉयलेट बनाया जा सकेगा। इसकी अधिकतम ऊंचाई 2.75 मीटर यानी करीब 9 फीट निर्धारित की गई है।
इस टॉयलेट को भी भवन की कुल ऊंचाई और FAR में शामिल नहीं किया जाएगा।
7. अब लिफ्ट सीधे छत तक जा सकेगी
नए प्रावधानों के तहत आवासीय और कमर्शियल सहित सभी प्रकार की इमारतों में लिफ्ट को सीधे छत तक ले जाने की अनुमति होगी।
लिफ्ट का निर्माण National Building Code (NBC) 2016 और संबंधित लिफ्ट कानूनों के अनुसार करना होगा। लिफ्ट की जांच और प्रमाणन निर्धारित नियमों के तहत किया जाएगा।
इस बदलाव से खासतौर पर बुजुर्गों, दिव्यांगों और सामान लेकर छत तक जाने वाले लोगों को सुविधा मिलने की उम्मीद है।
8. कार पार्किंग के लिए भी नए नियम
सरकार ने कार पार्किंग, लिफ्ट, क्लब हाउस और स्टिल्ट पार्किंग से जुड़े प्रावधानों को भी नए नियमों में शामिल किया है। सोसाइटी और अन्य भवनों में पार्किंग व्यवस्था को निर्धारित मानकों के अनुसार रखना होगा।
9. कॉमन जिम और इंडोर गेम्स एरिया को FAR में राहत
पोडियम पर बनाए गए कॉमन जिम या इंडोर गेम्स एरिया के केवल 50 प्रतिशत हिस्से को FAR में शामिल किया जाएगा। इससे सोसाइटी और अन्य प्रोजेक्ट्स में कॉमन सुविधाएं विकसित करने के लिए FAR के लिहाज से राहत मिलेगी।
Punjab Building Rules 2026: क्या बदला?
नए नियमों में मुख्य रूप से फायर सेफ्टी, पार्किंग, बिजली की ओवरहेड लाइनों से सुरक्षा, सोलर पैनल, छत पर टॉयलेट, लिफ्ट, मेजेनाइन और कॉमन एरिया के FAR को लेकर प्रावधान किए गए हैं।