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Punjab News: अब स्कूल से गायब नहीं हो पाएंगे विद्यार्थी, छात्र स्कूल नहीं पहुंचा तो मोबाइल पर तुरंत आएगा मैसेज; जाने

चंडीगढ़ के 111 सरकारी स्कूलों के करीब 1.70 लाख छात्रों की अटेंडेंस अब SMIS से जुड़ गई है। पहली अटेंडेंस में छात्र गैरहाजिर मिला तो करीब एक घंटे के भीतर माता-पिता के मोबाइल पर SMS पहुंचेगा।

Punjab News: अब स्कूल से गायब नहीं हो पाएंगे विद्यार्थी, छात्र स्कूल नहीं पहुंचा तो मोबाइल पर तुरंत आएगा मैसेज; जाने
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डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए शिक्षा विभाग ने अटेंडेंस को लेकर नई व्यवस्था लागू की है। अब छात्र अगर घर से स्कूल के लिए निकलने के बाद स्कूल नहीं पहुंचता है, तो इसकी जानकारी उसके माता-पिता को तुरंत मिल जाएगी।

स्कूल शिक्षा विभाग ने छात्रों की अटेंडेंस को School Management Information System (SMIS) से जोड़ दिया है। अब सुबह स्कूल में पहली अटेंडेंस के दौरान अगर कोई छात्र गैरहाजिर पाया जाता है तो उसके माता-पिता के मोबाइल नंबर पर टेक्स्ट मैसेज (SMS) भेजा जाएगा। शिक्षा विभाग के अनुसार, स्कूल शुरू होने के करीब एक घंटे के भीतर अभिभावकों को पता चल जाएगा कि उनका बच्चा स्कूल पहुंचा है या नहीं।

111 सरकारी स्कूलों के 1.70 लाख छात्र सिस्टम से जुड़े

नई अटेंडेंस व्यवस्था चंडीगढ़ के 111 सरकारी स्कूलों के करीब 1.70 लाख छात्रों के लिए लागू की गई है।

इसका उद्देश्य छात्रों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के साथ-साथ School Bunk पर रोक लगाना, बच्चों की सुरक्षा बढ़ाना और माता-पिता व शिक्षकों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है।

घर से स्कूल निकलकर पार्क या मार्केट जाने पर तुरंत मिलेगी सूचना

कई बार छात्र घर से स्कूल जाने के नाम पर निकलते हैं, लेकिन स्कूल पहुंचने के बजाय पार्क, मार्केट या अन्य जगहों पर चले जाते हैं। कुछ छात्र स्कूल पहुंचने के बाद भी क्लास छोड़कर बाहर निकल जाते हैं।

पहले ऐसी स्थिति में माता-पिता को तुरंत जानकारी नहीं मिल पाती थी। अब पहली अटेंडेंस में छात्र के गैरहाजिर पाए जाने पर अभिभावकों के मोबाइल पर SMS भेज दिया जाएगा। इससे माता-पिता समय रहते बच्चे से संपर्क कर सकेंगे और पता लगा सकेंगे कि वह स्कूल क्यों नहीं पहुंचा।

पहली अटेंडेंस लगते ही जाएगा SMS

नई व्यवस्था में SMIS को छात्रों की अटेंडेंस से लिंक किया गया है। सुबह पहली अटेंडेंस के दौरान अगर छात्र अनुपस्थित मिलता है तो उसकी जानकारी सिस्टम के जरिए अभिभावकों के मोबाइल नंबर पर भेजी जाएगी।

छात्र के स्कूल में दाखिले के समय माता-पिता का मोबाइल नंबर स्कूल रिकॉर्ड में दर्ज किया जाता है। इसी नंबर पर SMS भेजकर छात्र की गैरहाजिरी की सूचना दी जाएगी। विभाग का कहना है कि स्कूल शुरू होने के लगभग एक घंटे के अंदर अभिभावकों तक मैसेज पहुंच जाएगा।

प्रार्थना सभा के बाद क्लास में रहना जरूरी

नई व्यवस्था के तहत छात्रों को सुबह की प्रार्थना सभा के बाद अटेंडेंस के समय अपनी क्लास में मौजूद रहना होगा। अगर किसी छात्र को स्कूल के समय बाहर जाना है तो उसके लिए माता-पिता की अनुमति जरूरी होगी।

बिना अनुमति छात्र स्कूल गेट से बाहर नहीं जा सकेगा। इसका उद्देश्य स्कूल समय के दौरान छात्रों की गतिविधियों पर नजर रखना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

पार्क और बाजार में घूमने वाले छात्रों पर भी नजर

स्कूल शिक्षा विभाग का मानना है कि स्कूल समय में पार्क, बाजार या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर घूमने वाले छात्रों के साथ दुर्घटना या किसी अन्य अप्रिय घटना का खतरा रहता है।

ऐसी स्थिति में अक्सर अभिभावकों को यह पता नहीं होता कि बच्चा स्कूल में है या कहीं बाहर। अब अटेंडेंस SMS व्यवस्था से बच्चे के स्कूल पहुंचने या गैरहाजिर रहने की जानकारी समय पर माता-पिता तक पहुंच सकेगी।

निजी स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों में व्यवस्था

इस तरह की अटेंडेंस सूचना व्यवस्था पहले से ही कई निजी स्कूलों में लागू है। अब चंडीगढ़ शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में भी इसे शुरू किया है। विभाग का उद्देश्य केवल School Bunk रोकना ही नहीं, बल्कि छात्रों की नियमित उपस्थिति, सुरक्षा और अभिभावकों के साथ संवाद को बेहतर बनाना भी है।

अगर कोई छात्र लगातार स्कूल से गैरहाजिर रहता है तो स्कूल प्रबंधन अभिभावकों से संपर्क कर उसकी समस्या को समझने और उपस्थिति में सुधार करने के लिए कदम उठा सकेगा।

स्कूल बंक पर लगेगी रोक, अभिभावकों को मिलेगी राहत

SMIS से अटेंडेंस जोड़ने की नई व्यवस्था से चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति पर निगरानी मजबूत होने की उम्मीद है। छात्र के स्कूल नहीं पहुंचने की जानकारी अभिभावकों को समय पर मिलने से School Bunk की घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है।

शिक्षा विभाग का मानना है कि डिजिटल अटेंडेंस सिस्टम से स्कूलों और अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय बनेगा और छात्रों की सुरक्षा पर भी प्रभावी तरीके से नजर रखी जा सकेगी।