डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: चंडीगढ़ नगर निगम की राजनीति में एक बार फिर बड़ा फेरबदल हुआ है। आम आदमी पार्टी (AAP) के निष्कासित पार्षद रामचंद्र यादव कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। इससे पहले AAP पार्षद मुनव्वर भी पार्टी छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम चुके हैं।
रामचंद्र यादव के कांग्रेस में शामिल होने के बाद नगर निगम सदन में कांग्रेस के पार्षदों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। वहीं AAP के पास अब केवल 7 पार्षद रह गए हैं। भाजपा 18 पार्षदों के साथ सदन में सबसे बड़ी पार्टी बनी हुई है।
AAP से कांग्रेस में आए रामचंद्र यादव
रामचंद्र यादव को आम आदमी पार्टी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित किया था। पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि उन्हें तत्काल प्रभाव से पार्टी से बाहर किया जा रहा है। निष्कासन के बाद अब रामचंद्र यादव ने कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। उनके कांग्रेस में जाने से नगर निगम में विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं।
रामचंद्र यादव के कांग्रेस में शामिल होने के बाद कांग्रेस अब 10 पार्षदों के साथ नगर निगम की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। भाजपा के पास 18 पार्षद हैं, जबकि AAP घटकर 7 पार्षदों पर आ गई है। इस बदलाव के बाद कांग्रेस की नजर अब नेता प्रतिपक्ष के पद पर भी है।
नेता प्रतिपक्ष के पद पर कांग्रेस का दावा मजबूत
अब तक सदन में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी होने के कारण AAP नेता प्रतिपक्ष का पद संभाल रही थी। कांग्रेस के संख्या बल में बढ़ोतरी के बाद पार्टी इस पद पर अपना दावा पेश कर सकती है।
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, पार्टी नगर निगम के मेयर और नगर निगम आयुक्त के समक्ष नेता प्रतिपक्ष के पद को लेकर अपना पक्ष रख सकती है।

2021 में 14 सीटें जीतकर AAP बनी थी सबसे बड़ी पार्टी
2021 के चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में आम आदमी पार्टी ने पहली बार चुनाव लड़ा था और 14 सीटों पर जीत दर्ज कर सबसे बड़ी पार्टी बनी थी।
हालांकि, चुनाव के बाद लगातार हुए दलबदल के कारण AAP का संख्या बल कम होता गया। पार्टी के पार्षदों की संख्या पहले 8 तक पहुंची और अब रामचंद्र यादव के पार्टी छोड़ने के बाद यह संख्या 7 रह गई है।
दलबदल ने कई बार बदला नगर निगम का गणित
चंडीगढ़ नगर निगम में पिछले कुछ वर्षों में कई पार्षदों ने दल बदले हैं। कांग्रेस की पार्षद हरप्रीत कौर बाबला भाजपा में शामिल हुईं, जबकि AAP की तरुणा मेहता कांग्रेस में चली गईं। कांग्रेस की वरिष्ठ पार्षद गुरबख्श रावत ने भी भाजपा का दामन थामा। वहीं AAP पार्षद लखबीर सिंह बिल्लू भाजपा में शामिल हो चुके हैं।
शिरोमणि अकाली दल के एकमात्र पार्षद हरदीप सिंह AAP में शामिल हुए थे। पार्षद गुरचरणजीत सिंह काला का राजनीतिक सफर भी चर्चा में रहा है। वह कांग्रेस से भाजपा, फिर AAP और उसके बाद दोबारा भाजपा में शामिल हुए।
अब नगर निगम में पार्टियों की स्थिति
भाजपा- 18 पार्षद
कांग्रेस- 10 पार्षद
AAP- 7 पार्षद
रामचंद्र यादव के कांग्रेस में शामिल होने से चंडीगढ़ नगर निगम की राजनीति में एक बार फिर नए समीकरण बन गए हैं। अब सबसे बड़ा सवाल नेता प्रतिपक्ष के पद को लेकर है।