डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: पंजाब में गलत और बढ़े हुए बिजली बिलों को लेकर पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) ने बड़ा फैसला लिया है। PSPCL ने ऐसे उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काटने पर फिलहाल रोक लगा दी है, जिनके बिल गलत या अनुमानित रीडिंग के आधार पर जारी हुए हैं।
PSPCL के वितरण निदेशक ने सोमवार को आदेश जारी कर सभी CE/DS जोन को निर्देश दिए हैं कि ऐसे डिफॉल्टर उपभोक्ताओं के कनेक्शन फिलहाल न काटे जाएं।
कनेक्शन काटने पर रोक
PSPCL के मुताबिक, हाल ही में मीटर रीडरों की हड़ताल और SAP/Non-SAP सिस्टम को Oracle आधारित SBS सिस्टम में बदलने के कारण कई उपभोक्ताओं को औसत या अनुमानित खपत के आधार पर बिजली बिल जारी किए गए।
इसके चलते कुछ उपभोक्ताओं को वास्तविक खपत की तुलना में गलत या अधिक राशि के बिल मिले। ये बिल सिस्टम में बकाया के तौर पर दिखाई दे रहे थे और इसी आधार पर कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जा रही थी।
अब PSPCL ने निर्देश दिए हैं कि जब तक SBS सिस्टम स्थिर नहीं हो जाता और गलत या बढ़े हुए बिलों को ठीक नहीं किया जाता, तब तक केवल ऐसे डिफॉल्ट के आधार पर उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन न काटे जाएं।

फील्ड अधिकारियों को सख्त निर्देश
PSPCL ने सभी संबंधित फील्ड कार्यालयों को इन आदेशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। गलत बिलों से जुड़ी शिकायतों का समाधान होने तक उपभोक्ताओं को कनेक्शन काटे जाने की कार्रवाई से राहत मिलेगी।
मुफ्त बिजली की सब्सिडी नहीं मिली
इससे पहले पंजाब सरकार ने 63,702 उपभोक्ताओं की पहचान की थी, जिन्हें 300 यूनिट मुफ्त बिजली योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी का लाभ नहीं मिल पाया था।
बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंध के अनुसार, मीटर रीडरों की हड़ताल के दौरान इन उपभोक्ताओं को औसत खपत के आधार पर बिल भेजे गए थे। इसके कारण मई और जून की 300 यूनिट तक की मुफ्त बिजली की सब्सिडी उनके बिलों में शामिल नहीं हो सकी।

दोबारा तैयार होंगे बिजली बिल
सरकार के अनुसार, प्रभावित उपभोक्ताओं के बिल दोबारा तैयार किए जाएंगे और संशोधित बिल जारी कर उन्हें मई-जून की सब्सिडी का लाभ दिया जाएगा।
जिन उपभोक्ताओं ने पहले ही अधिक राशि वाला बिल जमा कर दिया है, उनके मामले में अतिरिक्त राशि को अगले बिजली बिल में एडजस्ट किए जाने की बात कही गई है।
ज्यादा बिल की शिकायत के लिए हेल्पलाइन
बढ़े हुए बिजली बिलों की शिकायतों के समाधान के लिए सरकार की ओर से विशेष हेल्पलाइन भी स्थापित की गई थी। शिकायतों के समाधान के लिए 20 कर्मचारियों की टीम लगाए जाने की जानकारी दी गई है।
PSPCL के नए आदेश के बाद गलत या अनुमानित बिलों के कारण कनेक्शन कटने की कार्रवाई फिलहाल रोकी गई है। वहीं, सिस्टम में सुधार और बिलों के संशोधन के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।