डेली संवाद, मोगा/लुधियाना। Punjab News: पंजाब में विदेशी मुद्रा के कथित नियमविरुद्ध लेन-देन को लेकर डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने जांच तेज कर दी है। इसी कड़ी में मोगा जिले के निहाल सिंह वाला में बरनाला रोड स्थित एक मनी चेंजर के ठिकाने पर DRI की टीम ने छापेमारी की। इससे पहले कथित तौर पर मनी चेंजर से जुड़े कर्मचारियों के पास से करीब 2 किलो सोना और 50 लाख रुपये से अधिक कैश मिलने की जानकारी सामने आई थी।
सूत्रों के मुताबिक, जांच का फोकस पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से डॉलर इकट्ठा करने और उन्हें दिल्ली में कथित तौर पर अधिक कीमत पर बेचने से जुड़े नेटवर्क पर है। इसके साथ ही विदेशी मुद्रा से जुड़े लेन-देन और सोने की खरीद में कथित कस्टम नियमों के उल्लंघन की भी जांच की जा रही है।
पंजाब से डॉलर इकट्ठा कर दिल्ली में बेचने का आरोप
सूत्रों के अनुसार, संबंधित मनी चेंजर पंजाब के अलग-अलग इलाकों में काम करने वाले अन्य मनी चेंजरों से डॉलर इकट्ठा करता था। बाद में इन विदेशी मुद्राओं को दिल्ली में अधिक भाव पर बेचने का कथित कारोबार किया जाता था।
आरोप है कि इस लेन-देन से प्राप्त रकम को जरूरी कस्टम प्रक्रिया का पालन किए बिना बड़े स्तर पर सोने में लगाया जाता था। हालांकि, DRI की ओर से अभी तक इस पूरे नेटवर्क को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
कर्मचारियों से मिली जानकारी के बाद जांच आगे बढ़ी
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले DRI ने मनी चेंजर से जुड़े कर्मचारियों को दिल्ली जाते समय पकड़ा था। उनके पास से करीब दो किलो सोना और 50 लाख रुपये से ज्यादा नकदी मिलने की बात सामने आई।
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पूछताछ के दौरान कथित तौर पर दिल्ली की उस फर्म के बारे में जानकारी मिली, जहां डॉलर से जुड़े लेन-देन किए जाने की बात कही जा रही है। इसके बाद जांच का दायरा पंजाब से दिल्ली तक बढ़ गया।
लुधियाना में भी DRI की कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, 8 सितंबर को DRI की टीमों ने लुधियाना में मनी चेंजर से कथित रूप से जुड़े कुछ सोने के प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की। इसके बाद निहाल सिंह वाला में भी कार्रवाई की गई।
पूरी कार्रवाई को कथित तौर पर गोपनीय रखा गया। सूत्रों के अनुसार, निहाल सिंह वाला स्थित ठिकाने पर DRI टीम ने करीब दो घंटे तक दस्तावेजों, लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य कागजात की जांच की।
हालांकि, छापेमारी के दौरान वास्तव में क्या बरामद हुआ, इसकी आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
दो महीने पहले भी सामने आई थी कथित गड़बड़ी
सूत्रों का दावा है कि करीब दो महीने पहले भी संबंधित मनी चेंजर के नियमों के खिलाफ लेन-देन की जानकारी जिला अधिकारियों तक पहुंची थी। उस समय कथित तौर पर मामला निपट गया था।
इसके बाद मनी चेंजर ने अपने काम करने के तरीके में बदलाव किया, लेकिन पंजाब के अलग-अलग स्थानों से नकद डॉलर इकट्ठा कर उन्हें दिल्ली में बेचने का कथित कारोबार जारी रहा।
मनी चेंजर के लिए विदेशी मुद्रा लेन-देन के नियम
विदेशी मुद्रा बदलने के कारोबार में निर्धारित नियमों के तहत लेन-देन और रिकॉर्ड रखना जरूरी होता है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, छोटी राशि के कुछ लेन-देन नकद में किए जा सकते हैं, जबकि निर्धारित सीमा से अधिक राशि के भुगतान के लिए बैंकिंग माध्यम का इस्तेमाल करना होता है।
मनी चेंजर को ग्राहक को संबंधित दस्तावेज/रसीद उपलब्ध कराने और प्राप्त रकम को निर्धारित प्रक्रिया के तहत बैंकिंग चैनल में जमा करना होता है।
पंजाब में हवाला नेटवर्क की भी जांच का दावा
सूत्रों के मुताबिक, पंजाब और खासकर मोगा जिले में हवाला के कथित कारोबार को लेकर भी लंबे समय से चर्चाएं होती रही हैं। इसमें विदेश में डॉलर दिए जाने के बदले पंजाब में संबंधित व्यक्ति या उसके परिवार को नकद रकम दिए जाने के आरोप शामिल हैं।
DRI की मौजूदा कार्रवाई में विदेशी मुद्रा, नकदी और सोने के बीच संभावित कनेक्शन की जांच किए जाने की बात सामने आ रही है।
दिल्ली में डॉलर का भाव अधिक मिलने की वजह क्या?
बताया जाता है कि पंजाब में NRI विदेश से डॉलर लेकर आते हैं और मनी चेंजर के जरिए उसे भारतीय मुद्रा में बदलते हैं। दूसरी ओर, दिल्ली में विदेशी कारोबारियों और अन्य लोगों के बीच विदेशी मुद्रा की मांग रहती है।
इसी मांग और बाजार की स्थिति के कारण कथित तौर पर दिल्ली में कुछ विदेशी मुद्राओं का भाव पंजाब की तुलना में एक-दो रुपये तक अधिक मिल सकता है। जांच एजेंसियां इसी अंतर का फायदा उठाकर किए जा रहे संभावित अवैध लेन-देन की भी पड़ताल कर रही हैं।
फिलहाल DRI की कार्रवाई और जांच जारी है। बरामदगी, लेन-देन और किसी संभावित हवाला या विदेशी मुद्रा नेटवर्क को लेकर अंतिम स्थिति आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।