डेली संवाद, जींद। GST Scam News: स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए स्टेट GST एक्साइज एंड टैक्सेशन ऑफिसर (ETO) और एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) को 3 लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है।
हरियाणा के जींद में ये कार्रवाई हुई है। आरोप है कि ETO ने एक फर्म को 75 लाख रुपए का GST नोटिस भेजा था। इसके बाद कथित तौर पर केस को सेटल कराने के नाम पर एक निजी CA के माध्यम से 5 लाख रुपए रिश्वत मांगी गई।
शिकायत मिलने के बाद ACB ने ट्रैप लगाकर पहले CA को 3 लाख रुपए लेते रंगे हाथ पकड़ा। इसके बाद टीम ने संबंधित कार्यालय में पहुंचकर ETO को गिरफ्तार कर लिया।
GST नोटिस के बाद मांगी 5 लाख रिश्वत
ACB को दी शिकायत में ईगराह गांव निवासी अमन ने बताया कि उसकी फर्म को 6 अगस्त को SGST का 75 लाख रुपए का नोटिस मिला था। शिकायत के मुताबिक, नोटिस को निपटाने और मामले को सेटल कराने के लिए कथित तौर पर 5 लाख रुपए की रिश्वत मांगी गई।
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इसके बाद अमन ने मामले की जानकारी एंटी करप्शन ब्यूरो को दी। शिकायत के आधार पर ACB ने मामला दर्ज कर ट्रैप की कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी।
CA के जरिए हुई रिश्वत की बातचीत
शिकायतकर्ता ने निजी CA अजय शर्मा से संपर्क किया। आरोप है कि CA ने SGST के ETO दवेश साहू से बातचीत कर मामले को सेटल कराने की बात कही।

जांच के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच कथित तौर पर 3 लाख रुपए एडवांस और 2 लाख रुपए काम होने के बाद देने पर सहमति बनी।
शिकायतकर्ता ने रिश्वत की बातचीत की जानकारी पहले ही ACB अधिकारियों को दे दी थी। इसके बाद टीम ने पूरी कार्रवाई की योजना तैयार की।
3 लाख रुपए लेते CA रंगे हाथ गिरफ्तार
ACB की जींद यूनिट के इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह के अनुसार, ट्रैप कार्रवाई के लिए सिंचाई विभाग के SDO दीपांश को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में गुरुवार को टीम ने कार्रवाई की।
इस दौरान CA अजय शर्मा को 3 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद ACB टीम संबंधित कार्यालय पहुंची और वहां से ETO दवेश साहू को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
फर्म बंद करना चाहता था शिकायतकर्ता
इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह के अनुसार, अमन ने पटियाला चौक पर अमन लेलैंड नाम से इलेक्ट्रिक यूरिया की फर्म शुरू की थी। कारोबार में उधार देने के बाद उसकी पूरी पूंजी कथित तौर पर फंस गई थी।
इसके बाद अमन ने करीब 3 महीने पहले अपना कारोबार बंद कर दिया था और अब फर्म को भी बंद करवाना चाहता था। इसी सिलसिले में उसने विभाग से संपर्क किया था।
WhatsApp पर भेजा गया 75 लाख का नोटिस
शिकायतकर्ता के अनुसार, जब उसने विभाग से संपर्क किया तो उसे WhatsApp के जरिए 75 लाख रुपए का GST नोटिस भेजा गया।
इसके बाद कथित तौर पर नोटिस के मामले को निपटाने के लिए रिश्वत की मांग की गई। शिकायत मिलने के बाद ACB ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ट्रैप की कार्रवाई की और CA तथा ETO को गिरफ्तार कर लिया।
ACB की कार्रवाई के बाद जांच जारी
स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो की इस कार्रवाई के बाद मामले में आगे की जांच जारी है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित रिश्वत की मांग और GST नोटिस से जुड़े पूरे मामले में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
मामले में बरामद रकम और अन्य साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार से संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है।