Skip to content

Punjab News: अकाली नेता पर महिला ने लगाए दुष्कर्म के आरोप, नेता ने सभी पदों से दिया इस्तीफा

SGPC सदस्य और शिअद नेता अमरजीत सिंह चावला पर महिला की शिकायत के आधार पर दुष्कर्म समेत गंभीर आरोपों में FIR दर्ज हुई है। चावला ने आरोपों को निराधार बताते हुए सभी राजनीतिक और धार्मिक पदों से इस्तीफा दिया।

Punjab News: अकाली नेता पर महिला ने लगाए दुष्कर्म के आरोप, नेता ने सभी पदों से दिया इस्तीफा
Share Facebook X WhatsApp Telegram Email
View in ePaper

डेली संवाद, पठानकोट। Punjab News: शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के वरिष्ठ सदस्य और शिरोमणि अकाली दल (बादल) के नेता अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ दुष्कर्म समेत गंभीर आरोपों में FIR दर्ज की गई है। बहरीन से आई एक महिला ने चावला पर दुष्कर्म, बंधक बनाने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं।

महिला की शिकायत के आधार पर थाना आनंदपुर साहिब पुलिस ने मामला दर्ज किया है। FIR दर्ज होने के बाद चावला ने अपने राजनीतिक और धार्मिक पदों से इस्तीफा देने का ऐलान किया है। उन्होंने आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है और कहा है कि मामले की सच्चाई अदालत में सामने आएगी।

बहरीन से धार्मिक यात्रा पर आई थी महिला

FIR के अनुसार, शिकायतकर्ता महिला मालवा क्षेत्र से संबंधित है और पिछले करीब 25 वर्षों से बहरीन में रह रही है। महिला ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि कथित घटनाएं 27 फरवरी से 19 अगस्त 2026 के बीच हुईं।

यह भी पढ़ें: जालंधर कैंट हलके में कट गई अवैध कालोनी, डिप्टी मेयर बोले- कालोनाइजर पर FIR दर्ज होगी

महिला के मुताबिक, वह धार्मिक यात्रा के लिए श्री आनंदपुर साहिब (Sri Anandpur Sahib) आई थी। इसी दौरान उसके साथ कथित तौर पर कई घटनाएं हुईं।

बंधक बनाने और कई बार दुष्कर्म का आरोप

महिला ने आरोप लगाया है कि अमरजीत सिंह चावला उसे अलग-अलग सराय और कमरों में ले गए, जहां उसे कथित तौर पर बंधक बनाया गया और कई बार दुष्कर्म किया गया।

शिकायत के अनुसार, विरोध करने पर उसे कथित तौर पर धमकाया गया। महिला का यह भी आरोप है कि मानसिक रूप से परेशान होकर उसने आत्महत्या करने की कोशिश की, लेकिन एक सेवादार ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जिससे उसकी जान बच गई। इन आरोपों की पुलिस द्वारा जांच की जा रही है और FIR में दर्ज आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

जत्थेदार समेत कई पंथक नेताओं से न्याय की गुहार का दावा

महिला ने पुलिस को दिए बयान में दावा किया है कि उसने SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी और श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज समेत कई पंथक हस्तियों से न्याय की गुहार लगाई थी।

महिला के अनुसार, वहां से अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के बाद उसने पुलिस से शिकायत की और FIR दर्ज करवाई।

FIR के बाद चावला ने सभी पदों से दिया इस्तीफा

मामला सामने आने के बाद अमरजीत सिंह चावला ने एक वीडियो जारी कर अपने ऊपर लगे आरोपों को झूठा और निराधार बताया। चावला ने SGPC सदस्यता और शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है।

उन्होंने अपना इस्तीफा शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी को भेजने की बात कही है।उन्होंने कहा कि जब तक मामला पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो जाता और अदालत से वह आरोपों से मुक्त नहीं हो जाते, तब तक वह अपने पदों पर वापस नहीं आएंगे।

चावला बोले- कुछ लोग मेरी छवि खराब करने में लगे

अमरजीत सिंह चावला ने अपने बयान में कहा कि पिछले कुछ समय से कुछ लोग उनकी छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आरोपों को एक साजिश बताया और कहा कि जब चुनाव नजदीक आते हैं तो इस तरह की परिस्थितियां पैदा होती हैं।

चावला ने कहा कि वह अपने नेताओं और जत्थेबंदियों को किसी परेशानी में नहीं डालना चाहते, इसलिए उन्होंने नैतिक आधार पर अपने पदों से इस्तीफा दिया है।

बोले- लंबे समय तक संघर्ष और जेल का दौर देखा

चावला ने अपने वीडियो संदेश में अपने पुराने राजनीतिक और धार्मिक जीवन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने लंबे समय तक संघर्ष के दौर में हिस्सा लिया और जेल भी काटी।

उन्होंने कहा कि उन्हें जब सेवा का अवसर मिला तो उन्होंने अपनी क्षमता के अनुसार पूरी निष्ठा से सेवा करने का प्रयास किया। चावला के मुताबिक, अब उनके खिलाफ जिस तरह के आरोप लगाए गए हैं, उनकी सच्चाई आने वाले समय में सामने आएगी।

पुलिस कर रही यात्री निवास के रिकॉर्ड और CCTV की जांच

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, महिला के बयानों के आधार पर मामले की गहन जांच की जा रही है। जांच टीम श्री आनंदपुर साहिब में यात्री निवास और सराय से संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर रही है। इसके अलावा घटनास्थल से जुड़े CCTV फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है।

फिलहाल पुलिस की ओर से मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है। जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों और रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।