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Punjab News: सामाजिक समानता की दिशा में पंजाब सरकार का कदम: 1,353 अंतरजातीय जोड़ों को ₹4.06 करोड़ की वित्तीय सहायता

सामाजिक समानता, आपसी सम्मान और जातिगत भेदभाव से मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए पंजाब सरकार ने चालू वित्त वर्ष के दौरान 1,353 अंतरजातीय विवाहित जोड़ों को 4.06 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता प्रदान की है।

Punjab News: सामाजिक समानता की दिशा में पंजाब सरकार का कदम: 1,353 अंतरजातीय जोड़ों को ₹4.06 करोड़ की वित्तीय सहायता
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डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: सामाजिक समानता, आपसी सम्मान और जातिगत भेदभाव से मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए पंजाब सरकार ने चालू वित्त वर्ष के दौरान 1,353 अंतरजातीय विवाहित जोड़ों को 4.06 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता प्रदान की है। यह पहल समाज में समानता, भाईचारे और सामूहिक सद्भाव की भावना को प्रोत्साहित करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

यह जानकारी देते हुए पंजाब की सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 के तहत लागू की जा रही इस योजना का उद्देश्य अंतरजातीय विवाहों को प्रोत्साहित करना, सामाजिक एकता को मजबूत करना तथा संविधान में निहित समानता, स्वतंत्रता और भाईचारे के सिद्धांतों को व्यावहारिक रूप देना है।

वित्तीय सहायता दी जाती

डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र अंतरजातीय विवाहित जोड़े को 50,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। इसमें से 30,000 रुपये लाभार्थी के आधार से जुड़े बैंक खाते में सीधे जमा किए जाते हैं, जबकि 20,000 रुपये राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) के माध्यम से प्रदान किए जाते हैं।

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कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इस योजना का लाभ लेने के लिए विवाहित जोड़े में से एक जीवनसाथी का अनुसूचित जाति (एससी) और दूसरे का गैर-अनुसूचित जाति (नॉन-एससी) से संबंधित होना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, लड़के की आयु कम से कम 21 वर्ष और लड़की की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।

पंजाब सरकार का उद्देश्य ऐसे समाज का निर्माण करना

पात्र जोड़े विवाह की तिथि से तीन वर्ष के भीतर इस सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं। डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार का उद्देश्य ऐसे समाज का निर्माण करना है, जहां प्रत्येक नागरिक को जाति, वर्ग या सामाजिक पृष्ठभूमि से ऊपर उठकर समान सम्मान, अधिकार और अवसर प्राप्त हों।

उन्होंने कहा कि अंतरजातीय विवाह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं होते, बल्कि ये सामाजिक सोच में सकारात्मक बदलाव के प्रतीक भी हैं। ऐसे विवाह जातिगत विभाजन की बाधाओं को दूर करते हुए आपसी सम्मान, समानता और सामाजिक सद्भाव का संदेश देते हैं।

इस योजना का लाभ उठाएं

डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि यह वित्तीय सहायता केवल आर्थिक मदद नहीं है, बल्कि उन जोड़ों के प्रति पंजाब सरकार के सम्मान और प्रोत्साहन का प्रतीक भी है, जो समानता और भाईचारे के मूल्यों को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने पात्र अंतरजातीय विवाहित जोड़ों से अपील की कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर इस योजना का लाभ उठाएं।

उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक विभाग द्वारा जन-केंद्रित योजनाओं को पारदर्शी और प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है, ताकि प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक सरकारी सहायता समय पर पहुंच सके। पंजाब सरकार सामाजिक न्याय, समानता और सम्मान के संवैधानिक मूल्यों को जमीनी स्तर पर साकार करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।