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Air India: एअर इंडिया की फ्लाइट में हाईजैक अलर्ट, एयरपोर्ट पर साढ़े 4 घंटे चली जांच, पायलट से पूछताछ जारी

फ्रैंकफर्ट से दिल्ली जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI-2030 को हाईजैक अलर्ट मिलने के बाद जयपुर डायवर्ट किया गया। जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली और विमान यात्रियों के साथ दिल्ली रवाना हो गया। अब DGCA अलर्ट सक्रिय होने की वजह की जांच करेगा।

Air India: एअर इंडिया की फ्लाइट में हाईजैक अलर्ट, एयरपोर्ट पर साढ़े 4 घंटे चली जांच, पायलट से पूछताछ जारी
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डेली संवाद, जयपुर। Air India: फ्रैंकफर्ट से दिल्ली जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI-2030 की बुधवार सुबह जयपुर एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। जानकारी के मुताबिक, विमान से अहमदाबाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को हाईजैक अलर्ट का सिग्नल मिला था। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं और विमान को जयपुर डायवर्ट किया गया।

विमान बुधवार सुबह करीब 9:45 बजे जयपुर एयरपोर्ट पर उतरा। इसके बाद केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने विमान की जांच की। शुरुआती जांच में अलर्ट गलती से सक्रिय होने की आशंका जताई गई थी, लेकिन सूत्रों के मुताबिक पायलट ने पूछताछ में किसी गलती से इनकार किया।

अहमदाबाद ATC को मिला था हाईजैक अलर्ट

इस मामले की आधिकारिक स्थिति और अलर्ट सक्रिय होने की वजह की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। करीब साढ़े चार घंटे की जांच के बाद विमान को दोपहर 2:24 बजे यात्रियों के साथ दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, एअर इंडिया की फ्लाइट AI-2030 से अहमदाबाद ATC को हाईजैक का संकेत मिला था।

यह जानकारी जयपुर ATC के साथ साझा की गई, जिसके बाद विमान को जयपुर में उतारने का फैसला लिया गया। विमान के एयरपोर्ट पर उतरते ही सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी। अधिकारियों ने विमान के अंदर और अन्य संबंधित पहलुओं की जांच की, ताकि किसी संभावित सुरक्षा खतरे का पता लगाया जा सके।

क्या होता है 7500 कोड?

विमानन क्षेत्र में 7500 कोड का इस्तेमाल हाईजैक या विमान के अवैध कब्जे की स्थिति का संकेत देने के लिए किया जाता है। ऐसे संकेत मिलने पर संबंधित एयर ट्रैफिक कंट्रोल और सुरक्षा एजेंसियां निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार कार्रवाई करती हैं।

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इस मामले में भी अलर्ट मिलने के बाद विमान को डायवर्ट किया गया। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि 7500 कोड किस परिस्थिति में सक्रिय हुआ था और इसके पीछे तकनीकी कारण था या कोई अन्य वजह।

पायलट ने गलती से बटन दबाने की बात से किया इनकार

शुरुआती जानकारी में आशंका जताई गई थी कि पायलट ने गलती से हाईजैक अलर्ट वाला बटन दबा दिया था। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि बटन कुछ सेकेंड के लिए सक्रिय हुआ और फिर बंद कर दिया गया।

हालांकि, सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान पायलट ने गलती से बटन दबाने की बात से इनकार किया। इस मामले में अभी आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। इसलिए अलर्ट के पीछे की वास्तविक वजह का पता जांच पूरी होने के बाद ही चलेगा।

विमान में नहीं मिली कोई संदिग्ध वस्तु

जयपुर एयरपोर्ट पर CISF और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने विमान की जांच की। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, विमान में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।

सुरक्षा जांच के बाद विमान को उड़ान भरने की अनुमति दे दी गई। यात्रियों को लेकर फ्लाइट दोपहर 2:24 बजे दिल्ली के लिए रवाना हुई। इस दौरान विमान के मेंटिनेंस इंजीनियरों को भी मौके पर बुलाया गया था।

DGCA करेगा पूरे मामले की जांच

विमान में हाईजैक अलर्ट कैसे सक्रिय हुआ, इसकी जांच अब नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) करेगा। जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि 7500 कोड किसने और किन परिस्थितियों में सक्रिय किया था।

इसके अलावा, विमान के तकनीकी सिस्टम, कॉकपिट में अलर्ट से जुड़े घटनाक्रम और निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं की भी पड़ताल की जा सकती है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह तकनीकी या मानवीय चूक थी अथवा इसके पीछे कोई अन्य कारण था।

पहले भी सामने आया था 7500 कोड से जुड़ा मामला

रिपोर्ट के मुताबिक, 30 सितंबर को इजराइल जा रही फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट से भी हाईजैक संकेत देने वाला 7500 कोड भेजे जाने का मामला सामने आया था। उस घटना में भारतीय को-पायलट कैप्टन स्मित मच्छर की भूमिका का भी जिक्र किया गया था।

लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों के बीच विमानन सुरक्षा एजेंसियों के लिए हाईजैक अलर्ट की हर सूचना को गंभीरता से लेना जरूरी है। एअर इंडिया की फ्लाइट AI-2030 के मामले में अब DGCA की जांच के निष्कर्षों का इंतजार है।