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Punjab: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब कला भवन में 'पंजाब का इतिहास' पुस्तक रिलीज की

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि पंजाब का इतिहास हमेशा चढ़ती कला में रहने, कुर्बानियां देने और योगदान देने का रहा है और आज भी इस महान विरासत के माध्यम से पंजाब, देश के प्रति निरंतर योगदान दे रहा है।

Punjab: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब कला भवन में 'पंजाब का इतिहास' पुस्तक रिलीज की
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डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि पंजाब (Punjab) का इतिहास हमेशा चढ़ती कला में रहने, कुर्बानियां देने और योगदान देने का रहा है और आज भी इस महान विरासत के माध्यम से पंजाब, देश के प्रति निरंतर योगदान दे रहा है।

पंजाब कला भवन में आज तीन जिल्दों और 1,980 पृष्ठों की किताब 'पंजाब का इतिहास' को जारी करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी धरती को दस्तावेजों के रूप में पेश करना, जिसने सदियों की जीत, उथल-पुथल और बदलाव देखे हैं, एक बड़ी जिम्मेदारी थी।

180 लाख मीट्रिक टन धान का योगदान देने के लिए तैयार

भगवंत सिंह मान ने आजादी की लड़ाई में पंजाब की अनुकरणीय भूमिका और देश की खाद्य सुरक्षा में इसके निरंतर योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि चावल पंजाबियों का मुख्य भोजन न होने के बावजूद, यह प्रांत इस साल फिर से राष्ट्रीय अनाज भंडार में रिकॉर्ड 180 लाख मीट्रिक टन धान का योगदान देने के लिए तैयार है। किताब जारी करने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "पंजाब हमेशा कला, संस्कृति और साहित्य का अनमोल खजाना रहा है।

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अनादि काल से ही यह धरती सभ्यता और संस्कृति की अनूठी मिसाल रही है और मेहनती तथा बहादुर पंजाबी यहां इतिहास के अनगिनत पन्नों के गवाह रहे हैं। इस महान विरासत को संभालना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।" मुख्यमंत्री ने कहा, "सिर्फ वही कौमें जिंदा रहती हैं, जो अपनी संस्कृति को संभालती हैं, जबकि अपने महान अतीत को अनदेखा करने वाली कौमें धीरे-धीरे अपनी पहचान खो देती हैं।

अन्याय के खिलाफ लड़ना सिखाया

इसीलिए प्रांत सरकार पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संभालने और नई पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़े रखने के लिए ठोस प्रयास कर रही है।" उन्होंने कहा, "पंजाबियों को महान सिख गुरु साहिबान से कुर्बानी और बहादुरी की महान विरासत मिली है। उन्होंने हमें जुल्म, दमन और अन्याय के खिलाफ लड़ना सिखाया। यह जज्बा पंजाबी स्वभाव का अटूट अंग रहा है।"

भारत की आजादी की लड़ाई के दौरान पंजाबियों द्वारा दी गई अनुकरणीय कुर्बानियों को याद करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राष्ट्रीय आजादी आंदोलन में पंजाब और इसके लोगों का योगदान असाधारण था। उन्होंने कहा, "देश की आबादी का महज 2 प्रतिशत होने के बावजूद भारत के आजादी संग्राम में 90 प्रतिशत से अधिक कुर्बानियां पंजाबियों द्वारा दी गई थीं। आजादी की लड़ाई से जुड़े बड़े आंदोलनों का नेतृत्व बहादुर पंजाबियों ने किया था।"

पंजाब की आधुनिक अर्थव्यवस्था को गढ़ने में शानदार सेवाएं दी

मुख्यमंत्री ने कहा, "आजादी के बाद भी पंजाबी देश के विकास के केंद्र में रहे हैं। देश की सीमाओं की रक्षा करने से लेकर इसके आर्थिक विकास में योगदान देने तक, पंजाबियों ने हमेशा समर्पण और दिलेरी के साथ अपनी भूमिका निभाई है।" मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "पंजाब न सिर्फ देश का अन्नदाता है, बल्कि इसने कई नामवर उद्यमी और उद्योगपति भी पैदा किए हैं, जिन्होंने भारत और पंजाब की आधुनिक अर्थव्यवस्था को गढ़ने में शानदार सेवाएं दी हैं।"

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के मेहनती और दृढ़ जज्बे वाले किसानों ने देश को अनाज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा, "भारत को अनाज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में पंजाब के किसानों ने बड़ा योगदान दिया है। इस साल भी पंजाब, राष्ट्रीय अनाज भंडार में 180 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान का योगदान देगा।" उन्होंने कहा कि पंजाब का समृद्ध इतिहास, संस्कृति, कुर्बानियां और उपलब्धियां हर पंजाबी के लिए बहुत गर्व के क्षण हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए इन्हें संभालने की जरूरत है।