डेली संवाद, खन्ना। Punjab News: पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले में पुलिस ने अवैध पटाखा फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। मिलिट्री इंटेलिजेंस लुधियाना से मिली सूचना के आधार पर अमलोह थाना पुलिस ने शाहपुर गांव में छापेमारी की।
पुलिस के अनुसार, खेतों के बीच शेलर के पास बने एक किराए के गोदाम में बिना लाइसेंस पटाखे तैयार किए जा रहे थे। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 11 किलो 660 ग्राम विस्फोटक सामग्री समेत पटाखे और उन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाला अन्य सामान बरामद किया है।
मिलिट्री इंटेलिजेंस की सूचना पर पुलिस की रेड
पुलिस के मुताबिक, 26 अक्टूबर 2026 को शाम करीब 6 बजे मिलिट्री इंटेलिजेंस लुधियाना की टीम से सूचना मिली थी कि उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के बसी कलां गांव का रहने वाला फैजान खान, फतेहगढ़ साहिब के शाहपुर गांव में किराए के गोदाम में अवैध रूप से पटाखे तैयार कर रहा है।
सूचना में बताया गया था कि पटाखे बनाने के लिए बारूद और अन्य सामग्री गोदाम में रखी गई है। तैयार पटाखों को आगे सप्लाई किए जाने की आशंका भी जताई गई थी।
खेतों के बीच किराए के गोदाम में चल रहा था काम
एसएचओ गुरविंदर सिंह के अनुसार, सूचना की गंभीरता को देखते हुए अमलोह थाना पुलिस ने मिलिट्री इंटेलिजेंस की टीम के साथ मौके पर छापेमारी की। पुलिस को जांच के दौरान बड़ी मात्रा में पटाखे, 11 किलो 660 ग्राम विस्फोटक सामग्री और पटाखे बनाने से संबंधित अन्य सामान मिला।
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पुलिस का कहना है कि आरोपी के पास पटाखे बनाने के लिए आवश्यक वैध लाइसेंस या परमिट नहीं था। इसी आधार पर मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
पटाखों की सप्लाई और सामग्री के स्रोत की जांच
पुलिस अब मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित तौर पर फैक्ट्री कब से चल रही थी, विस्फोटक सामग्री कहां से लाई गई थी और तैयार पटाखों की सप्लाई किन स्थानों पर की जानी थी।
इसके साथ ही, मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका और संभावित सप्लाई नेटवर्क के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
आरोपी फैजान खान के खिलाफ केस दर्ज
पुलिस ने आरोपी फैजान खान के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम, 1884 की धारा 9बी(1)(ए) और 9बी(2) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां मामले की जांच आगे बढ़ा रही हैं।
जांच पूरी होने के बाद ही कथित अवैध पटाखा फैक्ट्री के संचालन की अवधि, सामग्री के स्रोत और सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा हो सकेगा।