डेली संवाद, बलिया। UP News: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) संगठन से जुड़ा एक विवाद अब चर्चा का विषय बन गया है। एक बीजेपी महिला नेत्री ने पार्टी के जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा, जिला मंत्री समेत चार लोगों पर शारीरिक एवं मानसिक शोषण और दुष्कर्म के गंभीर आरोप लगाए हैं।
महिला नेत्री का बयान सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिले की सियासत में हलचल तेज हो गई है। हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले की जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
महिला नेत्री के आरोपों से मचा हड़कंप
महिला नेत्री के नाम से सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो और बयान में बीजेपी जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा समेत चार लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। महिला ने दावा किया कि पहले मामले में बीजेपी जिलाध्यक्ष का नाम भी शामिल था, लेकिन उनके प्रभाव के चलते उनका नाम हटा दिया गया।
महिला ने शपथ पत्र के माध्यम से दोबारा कार्रवाई की मांग किए जाने की बात भी कही है। 2 अक्टूबर को महिला का बयान सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बलिया बीजेपी में विवाद और गहरा गया।
15 दिन पहले दर्ज हुआ था मुकदमा
बांसडीह कोतवाली के इंस्पेक्टर राकेश कुमार सिंह के अनुसार, इस प्रकरण में करीब 15 दिन पहले बीजेपी जिला मंत्री आलोक सिंह समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
वहीं, सोशल मीडिया पर सामने आए नए आरोपों के बाद मामले ने एक और मोड़ ले लिया है। अब पुलिस जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि वायरल दावों और पहले दर्ज मुकदमे के बीच क्या संबंध है।
आरोप बेबुनियाद
विवाद के बीच बीजेपी जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा ने 3 अक्टूबर को सामने आकर महिला नेत्री के आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि यह एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है।
संजय मिश्रा के मुताबिक, पूरे मामले की जानकारी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को है और जांच के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने प्रशासन पर भरोसा जताते हुए कहा कि यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
महिला मोर्चा के चुनाव से जुड़ा है विवाद?
इस पूरे विवाद को बीजेपी महिला मोर्चा के जिलाध्यक्ष पद के चुनाव से जोड़कर भी देखा जा रहा है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में यह कहना जल्दबाजी होगी कि विवाद के पीछे संगठनात्मक खींचतान है या कोई अन्य वजह।
फिलहाल बलिया बीजेपी में महिला नेत्री की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों और जिलाध्यक्ष की ओर से उन्हें खारिज किए जाने के बाद मामला चर्चा में है। पुलिस जांच और आधिकारिक निष्कर्ष के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।