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Visa Fraud: विदेश भेजने का सपना दिखाकर 5.30 लाख रुपये लिए, इमिग्रेशन कंसल्टेंसी के 6 लोगों पर केस

यमुनानगर के भेड़थल निवासी युवक ने न्यूजीलैंड भेजने के नाम पर 5.30 लाख रुपये लेने और कथित डमी टिकट देने का आरोप लगाया है। जगाधरी सदर थाना पुलिस ने मोहाली की इमिग्रेशन कंसल्टेंसी से जुड़े छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Visa Fraud: विदेश भेजने का सपना दिखाकर 5.30 लाख रुपये लिए, इमिग्रेशन कंसल्टेंसी के 6 लोगों पर केस
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डेली संवाद, यमुनानगर। Visa Fraud: विदेश जाकर बेहतर भविष्य बनाने का सपना देख रहे एक युवक के साथ कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। हरियाणा के यमुनानगर में न्यूजीलैंड भेजने और वीजा दिलाने का भरोसा देकर 5 लाख 30 हजार रुपये लेने तथा पैसे वापस नहीं करने के आरोप में पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि मोहाली के सेक्टर-70 स्थित इमिग्रेशन कंसल्टेंसी से जुड़े लोगों ने उसे वीजा दिखाकर भरोसे में लिया, लेकिन बाद में यात्रा के लिए दी गई टिकट जांच में डमी निकली। जगाधरी सदर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

न्यूजीलैंड भेजने का दिया था भरोसा

गांव भेड़थल निवासी गौरव शर्मा ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में बताया कि वह अप्रैल 2026 में न्यूजीलैंड जाने के लिए मोहाली के सेक्टर-70 स्थित एक इमिग्रेशन कंसल्टेंसी के कार्यालय में गया था। शिकायत के मुताबिक, वहां मौजूद लोगों ने उसे भरोसा दिलाया कि विदेश जाने के लिए जरूरी दस्तावेज तैयार करवाकर उसका वीजा आवेदन कराया जाएगा।

गौरव का आरोप है कि 2 जून को साहिल शर्मा ने उसे उसके नाम का वीजा दिखाया। यह वीजा कथित तौर पर कंसल्टेंसी के पोर्टल पर दिखाया गया था। उसे बताया गया कि वीजा असली है और विदेश जाने की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

15 लाख रुपये मांगे, पहले दिए 5.30 लाख

शिकायतकर्ता के अनुसार, न्यूजीलैंड भेजने के लिए उससे कुल 15 लाख रुपये मांगे गए थे। आरोप है कि पहले कुछ रकम जमा करवाने और बाकी राशि टिकट कन्फर्म होने के बाद देने की बात कही गई थी। गौरव के मुताबिक, उसने इस प्रक्रिया के तहत कुल 5 लाख 30 हजार रुपये दिए।

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इसके बाद 1 जुलाई को उसे दोबारा कंसल्टेंसी कार्यालय बुलाया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उसे 4 सितंबर 2026 की यात्रा के लिए टिकट दी गई, जबकि बाकी जरूरी दस्तावेज नहीं सौंपे गए। उसे कहा गया कि यात्रा से दो दिन पहले कार्यालय पहुंचकर शेष दस्तावेज ले जाए।

टिकट की जांच करवाई तो डमी निकली

गौरव शर्मा ने आरोप लगाया कि जब उसने टिकट की जांच करवाई तो वह डमी निकली। इसके बाद उसने साहिल शर्मा से संपर्क किया। शिकायत के अनुसार, उसे 2 सितंबर को कार्यालय आने के लिए कहा गया। गौरव का आरोप है कि तय तारीख पर कार्यालय पहुंचने के बाद वहां मौजूद लोगों ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया और मारपीट करने की कोशिश की।

उसे टिकट देने से भी इनकार कर दिया गया। शिकायतकर्ता के मुताबिक, जब उसने अपने 5 लाख 30 हजार रुपये वापस मांगे तो आरोपियों ने कथित तौर पर पैसे लौटाने से इनकार कर दिया और उसे धमकियां भी दीं।

इन छह लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ केस

शिकायत में साहिल शर्मा, हरजोत उर्फ सुमीत, गैरी, सतनाम सिंह, सिकंदर सिंह और इमिग्रेशन कंसल्टेंट सर्विसेज के नाम शामिल हैं। शिकायत में सतनाम सिंह और गगनप्रीत को हाई ड्रीम ओवरसीज कंसल्टेंसी का पार्टनर भी बताया गया है।

जगाधरी सदर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस जांच में भुगतान, वीजा की प्रामाणिकता, टिकट और संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की जाएगी।

विदेश जाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

विदेश में नौकरी या पढ़ाई के लिए आवेदन करने वाले लोगों को इमिग्रेशन एजेंट के दावों पर भरोसा करने से पहले जरूरी जांच करनी चाहिए।

वीजा की स्थिति संबंधित देश की आधिकारिक इमिग्रेशन वेबसाइट से जांचें।

टिकट की पुष्टि एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत माध्यम से करें।

एजेंट और कंसल्टेंसी की विश्वसनीयता तथा पंजीकरण संबंधी जानकारी जांचें।

भुगतान की रसीद, लिखित समझौता और सभी दस्तावेज सुरक्षित रखें।

किसी भी तरह की धोखाधड़ी होने पर पुलिस और संबंधित सरकारी विभाग में शिकायत करें।

फिलहाल मामले में पुलिस की जांच जारी है। शिकायतकर्ता ने विदेश भेजने के नाम पर पैसे लेने, कथित डमी टिकट देने और रकम वापस नहीं करने के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकलेगा।