डेली संवाद, चंडीगढ़। Flight Fare Hike: दिवाली और छठ पूजा पर अपने घर जाने की तैयारी कर रहे लोगों की जेब पर इस बार हवाई सफर भारी पड़ रहा है। त्योहार नजदीक आते ही फ्लाइटों की मांग बढ़ने से हवाई किरायों में भारी उछाल देखने को मिल रहा है। शहीद भगत सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट, चंडीगढ़ से पटना और लखनऊ जाने वाली फ्लाइटों के किराए में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी सामने आई है।
सामान्य दिनों में जिन रूटों पर 5 से 6 हजार रुपये में टिकट मिल जाता था, वहीं अब यात्रियों को 15 हजार रुपये या इससे ज्यादा खर्च करने पड़ रहे हैं। पटना जाने वाली फ्लाइट का किराया 24 हजार रुपये के पार पहुंच गया है, जबकि लखनऊ के लिए टिकट की कीमत भी दोगुने से अधिक हो गई है। ऐसे में दिवाली और छठ पूजा पर बिहार और उत्तर प्रदेश स्थित अपने घरों में जाने वाले लोगों का यात्रा बजट बिगड़ रहा है।
चंडीगढ़ से पटना का हवाई किराया ₹24,166 पहुंचा
त्योहारी सीजन में चंडीगढ़ से पटना जाने वाली फ्लाइटों का किराया तेजी से बढ़ा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 10 अक्टूबर को पटना का किराया 10,961 रुपये था, जो 7 नवंबर के लिए बढ़कर 24,166 रुपये हो गया। यानी यात्रियों को टिकट के लिए पहले के मुकाबले काफी ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं।
इसी तरह चंडीगढ़ से लखनऊ जाने वाली फ्लाइट का किराया 6,500 रुपये से बढ़कर 13,692 रुपये तक पहुंच गया है। इन दोनों रूटों पर बढ़ती कीमतों ने त्योहारों के दौरान घर जाने की योजना बना रहे यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है।
मुंबई, गोवा और बेंगलुरु जाने वालों का बजट भी बिगड़ा
दिवाली की छुट्टियों में घूमने जाने वाले लोगों को भी हवाई किरायों में बढ़ोतरी का सामना करना पड़ रहा है। चंडीगढ़ से मुंबई, गोवा और बेंगलुरु जाने वाली फ्लाइटों के किरायों में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कुछ रूटों पर किराया करीब 40 प्रतिशत तक बढ़ा है। हालांकि, बेंगलुरु के लिए दिए गए आंकड़ों में किराया कम होने की बात सामने आई है। इससे साफ है कि हर रूट पर किराए में एक जैसा बदलाव नहीं हो रहा और टिकट की कीमत यात्रा की तारीख, सीटों की उपलब्धता तथा बुकिंग के समय पर निर्भर करती है।
ट्रेनों में कन्फर्म टिकट नहीं, इसलिए बढ़ी फ्लाइटों की मांग
हवाई किराया बढ़ने की एक बड़ी वजह बिहार और उत्तर प्रदेश जाने वाली ट्रेनों में कन्फर्म सीटों की कमी भी बताई जा रही है। त्योहारों के दौरान नियमित और स्पेशल ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बढ़ने से कई रूटों पर लंबी वेटिंग चल रही है।
ट्रेन में कन्फर्म टिकट नहीं मिलने के कारण यात्रियों को हवाई सफर का विकल्प चुनना पड़ रहा है। इससे फ्लाइटों की मांग बढ़ रही है और किरायों पर दबाव पड़ रहा है। जिन लोगों के लिए हवाई टिकट खरीदना मुश्किल है, उन्हें बस से लंबी यात्रा करने या वैकल्पिक तारीखों पर सफर करने के बारे में सोचना पड़ रहा है।
फ्लेक्सी फेयर के कारण और बढ़ सकता है किराया
त्योहारी सीजन में हवाई टिकटों की कीमतें मांग और उपलब्ध सीटों के अनुसार बदलती रहती हैं। फ्लेक्सी फेयर व्यवस्था के तहत यात्रियों की मांग बढ़ने और सीटें कम बचने पर टिकट महंगे हो सकते हैं।
ऐसे में यात्रा की तारीख नजदीक आने पर किराया और बढ़ने की आशंका रहती है। हालांकि, वास्तविक कीमत एयरलाइन, फ्लाइट और बुकिंग के समय के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
दिवाली-छठ पर सफर से पहले इन बातों का रखें ध्यान
त्योहारों के दौरान यात्रा करने वाले यात्रियों को टिकट बुक करने से पहले कुछ जरूरी बातों पर ध्यान देना चाहिए:
फ्लाइट और ट्रेन का किराया अलग-अलग तारीखों के लिए चेक करें।
टिकट बुक करने से पहले सीटों की उपलब्धता की पुष्टि करें।
ट्रेन में कन्फर्म टिकट नहीं मिलने पर वैकल्पिक रूट की जानकारी लें।
बस और अन्य परिवहन विकल्पों का किराया भी जांचें।
बुकिंग से पहले टिकट रद्द करने और रिफंड की शर्तें जरूर पढ़ें।
दिवाली और छठ पूजा के दौरान घर जाने वाले यात्रियों की बढ़ती संख्या के कारण हवाई और रेल यात्रा दोनों महंगी तथा मुश्किल होती जा रही हैं। ऐसे में यात्रियों के लिए समय रहते टिकट बुक करना और अलग-अलग विकल्पों की तुलना करना फायदेमंद हो सकता है।