डेली संवाद, लुधियाना। Punjab News: पंजाब के लुधियाना से एक बेहद गंभीर और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां 11 महीने की बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के आरोप में करीब 35 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। बच्ची की मां की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64 और पॉक्सो एक्ट की धारा 4 लगाई गई हैं। पुलिस के मुताबिक, घटना 10 अक्टूबर की बताई जा रही है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी को पकड़ लिया। अब उसे अदालत में पेश कर रिमांड हासिल करने की प्रक्रिया की जाएगी।
बच्ची के रोने की आवाज सुनकर अंदर पहुंची मां
मिली जानकारी के अनुसार, बच्ची की मां ने 10 अक्टूबर को अपनी 11 महीने की बेटी को झुग्गी के अंदर सुलाया था। इसके बाद वह बाहर काम करने चली गई। इसी दौरान बच्ची जोर-जोर से रोने लगी।
बच्ची के रोने की आवाज सुनकर मां तुरंत झुग्गी के अंदर पहुंची। शिकायत के मुताबिक, इसी दौरान उसने एक व्यक्ति को घबराहट में झुग्गी से बाहर निकलते देखा। बच्ची की हालत देखकर परिवार के लोग परेशान हो गए। इसके बाद परिवार ने पुलिस को सूचना दी और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई।
ढहलो थाने में FIR दर्ज, आरोपी गिरफ्तार
ढहलो थाना के जांच अधिकारी गुरमीत सिंह के मुताबिक, पुलिस ने शिकायत के आधार पर FIR नंबर 222 दर्ज की है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 और पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उसे अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की कार्रवाई की जाएगी, ताकि मामले से जुड़े तथ्यों की जांच की जा सके।
मजदूरी करता है आरोपी, लुधियाना में अकेला रहता था
परिवार से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी की उम्र करीब 35 साल है। वह मजदूरी करता है और शादीशुदा बताया जा रहा है, लेकिन लुधियाना में अकेला रहता था। आरोप है कि उसने पड़ोस में रहने वाली 11 महीने की बच्ची के साथ वारदात को अंजाम दिया।
पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति साधारण बताई जा रही है। बच्ची के पिता नट-बोल्ट बनाने वाली फैक्ट्री में काम करते हैं, जबकि मां गृहिणी हैं। बच्ची परिवार की इकलौती संतान है।
क्या है POCSO एक्ट?
POCSO यानी Protection of Children from Sexual Offences Act, 2012 बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए बनाया गया विशेष कानून है। इस कानून के तहत 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों पर कार्रवाई की जाती है।
इस कानून की कुछ प्रमुख विशेषताएं हैं:
बच्चे की सुरक्षा: 18 वर्ष से कम उम्र के सभी व्यक्तियों को कानून के तहत बच्चा माना जाता है।
विशेष अदालतें: पॉक्सो मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालतों का प्रावधान है।
पहचान की गोपनीयता: पीड़ित बच्चे की पहचान उजागर करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
सख्त सजा: अपराध की प्रकृति और लागू कानूनी प्रावधानों के अनुसार कठोर सजा का प्रावधान है।
पुलिस जांच जारी
लुधियाना में सामने आए इस मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। अब अदालत में पेशी और आगे की जांच के दौरान मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का पता लगाया जाएगा। नाबालिग पीड़िता की पहचान और उससे जुड़ी निजी जानकारी की गोपनीयता बनाए रखना बेहद जरूरी है।