UP News: महाकुंभ से पहले योगी सरकार प्रयागराज के तीर्थों का युद्धस्तर पर कर रही कायाकल्प

Mansi Jaiswal
4 Min Read
Before the Maha Kumbh, the Yogi government is rejuvenating the pilgrimage sites of Prayagraj on a war footing

डेली संवाद, प्रयागराज। UP News: महाकुंभ-2025 (Maha Kumbh) को लेकर योगी सरकार प्रयागराज (Prayagraj) के तीर्थों का कायाकल्प करने में युद्धस्तर पर जुटी है। श्रद्धालुओं को कुंभनगरी की भव्यता और नव्यता का दिव्य दर्शन करवाने के लिए प्रदेश सरकार ने भारी भरकम बजट का ऐलान किया है। अक्षयवट का बड़ा पौराणिक महत्व है।

यह भी पढ़ें: कनाडा के PM जस्टिन ट्रूडो का सनसनीखेज खुलासा, बोले- भारत के खिलाफ झूठ बोला

मान्यता के अनुसार संगम स्नान के पश्चात 300 वर्ष पुराने इस वृक्ष के दर्शन करने के बाद ही स्नान का फल मिलता है। इसीलिए तीर्थराज आने वाले श्रद्धालु एवं साधु संत संगम में स्नान करने के बाद इस अक्षयवट के दर्शन करने जाते हैं। जिसके बाद ही उनकी मान्यताएं पूरी होती हैं।

Maha Kumbh
Maha Kumbh

सरकार की महत्वाकांक्षी अक्षयवट कॉरिडोर सौंदर्यीकरण योजना का जायजा लेने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसके कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।महाकुंभ के दौरान यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह स्थान आस्था का प्रमुख केंद्र होगा।

रामायण, रघुवंश और ह्वेनत्सांग के यात्रा वृत्तांत में भी अक्षय वट का जिक्र

प्रभु श्रीराम वन जाते समय संगमनगरी में भरद्वाज मुनि के आश्रम में जैसे ही पहुंचे उन्हें, मुनि ने वटवृक्ष का महत्व बताया था। मान्यता के अनुसार माता सीता ने वटवृक्ष को आशीर्वाद दिया था। तभी प्रलय के समय जब पृथ्वी डूब गई तो वट का एक वृक्ष बच गया, जिसे हम अक्षयवट के नाम से जानते हैं।

महाकवि कालिदास के रघुवंश और चीनी यात्री ह्वेनत्सांग के यात्रा वृत्तांत में भी अक्षय वट का जिक्र किया गया है। कहा जाता है कि अक्षयवट के दर्शन मात्र से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। भारत मेें चार प्राचीन वट वृक्ष माने जाते हैं। अक्षयवट- प्रयागराज, गृद्धवट-सोरों ‘शूकरक्षेत्र’, सिद्धवट- उज्जैन एवं वंशीवट- वृंदावन शामिल हैं।

Yogi Adityanath, Chief Minister of Uttar Pradesh
Yogi Adityanath, Chief Minister of Uttar Pradesh

मुगलकाल में रहा प्रतिबंध

यमुना तट पर अकबर के किले में अक्षयवट स्थित है। मुगलकाल में इसके दर्शन पर प्रतिबंध था। ब्रिटिश काल और आजाद भारत में भी किला सेना के आधिपत्य में रहने के कारण वृक्ष का दर्शन दुर्लभ था।

योगी सरकार ने आम लोगों के लिए खोला था दर्शन का रास्ता

योगी सरकार ने विगत 2018 में अक्षयवट का दर्शन व पूजन करने के लिए इसे आम लोगों के लिए खोल दिया था। पौराणिक महत्व के तीर्थों के लिए योगी सरकार की ओर से कई विकास परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। यहां कॉरिडोर का भी कार्य चल रहा है।

अपने स्वरूप में आ जाता था वट वृक्ष

अयोध्या से प्रयागराज पहुंचे प्रसिद्ध संत और श्री राम जानकी महल के प्रमुख स्वामी दिलीप दास त्यागी ने बताया कि अक्षय वट का अस्तित्व समाप्त करने के लिए मुगल काल में तमाम तरीके अपनाए गए। उसे काटकर दर्जनों बार जलाया गया, लेकिन ऐसा करने वाले असफल रहे।

काटने व जलाने के कुछ माह बाद अक्षयवट पुन: अपने स्वरूप में आ जाता था। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने अक्षय वट को लेकर जो सौंदर्यीकरण और विकास कार्य शुरू किए हैं वो स्वागतयोग्य हैं। महाकुंभ में संगम स्नान के बाद इसके दर्शन से श्रद्धालुओं को पुण्य प्राप्त होगा।

Girl in a jacket Girl in a jacket Girl in a jacket
Girl in a jacket Girl in a jacket
Girl in a jacket
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest news
Punjab Weather Update: पंजाब-हरियाणा में लू का अलर्ट, 40 डिग्री से ऊपर जाएगा तापमान Punjab Cabinet Meeting: कैबिनेट मीटिंग में स्कूलों को लेकर बड़ा फैसला, इन स्कूलों को गोद लेंगे अधिका... Govinda: बॉलीवुड में डेब्यू करने को तैयार गोविंदा के बेटे, पिता ने दी ये एडवाइस Punjab News: पंजाब में कांग्रेसियों और पुलिस के बीच झड़प, हिरासत में कई वर्कर Punjab News: पंजाब के लोगों को लगा महंगाई का झटका, महंगा हुआ Toll Tax Bike-Taxi Ban: ओला-उबर और रैपिडो बाइक टैक्सी बैन, हाई कोर्ट ने लगाई रोक Punjab News: कर्नल बाठ मारपीट केस को लेकर बड़ी खबर, हाई कोर्ट ने दिए ये आदेश Punjab News: बसों में सफर करने वालों के लिए बड़ी खबर, यात्रियों के लिए भारी मुसीबत Petrol-Diesel Price: जारी हुए पेट्रोल-डीजल के दाम, जाने अपने शहर के नए रेट्स Daily Horoscope: व्यापार-व्यवसाय में लाभ के योग, किसी नए कार्य की शुरुआत आज आप कर सकते, जाने राशिफल