Skip to content

Jalandhar News: जालंधर नगर निगम के कंप्यूटर से जारी होते रहे फर्जी नोटिस और फर्जी NOC, कमिश्नर के चिट्ठी लिखने के बाद भी पुलिस ने नहीं दर्ज की FIR, कई कॉलोनाइजर और बिल्डर्स की सांसे अटकी

Share Facebook X WhatsApp Telegram Email
View in ePaper
डेली संवाद, जालंधर । Jalandhar News: जालंधर नगर निगम ( Municipal Corporation Jalandhar ) फर्जी एनओसी (Fake NOC) के साथ साथ फर्जी नोटिस (Fake Notice) का खेल चल रहा है। इस फर्जीवाड़े में पंजाब सरकार को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है। नगर निगम के अफसर और जालंधर सेन्ट्रल हलके के विधायक रमन अरोड़ा (Raman Arora MLA) की गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस ने इस घोटाले पर पहली बार बड़ा खुलासा किया है। यह भी पढ़ें: कनाडा सरकार ने एक्सप्रेस एंट्री में किया गया बदलाव, पंजाबियों पर पड़ेगा असर आरोप है कि जालंधर (Jalandhar) नगर निगम का फर्जी नोटिस भेज कर विधायक ने करोड़ों रुपए उगाही की। फर्जी एनओसी और फर्जी नोटिस कांड में नगर निगम के कई अधिकारी और कर्मचारी भी संलिप्त है। सूत्र बता रहे हैं कि नगर निगम में बिना कर्मचारी और अफसर की मिली भगत से फर्जी नोटिस तैयार नहीं किया जा सकता।

निगम के कई अफसर और मुलाजिम की मिलीभगत

फर्जी एनओसी और फर्जी नोटिस नगर निगम के बिल्डिंग ब्रांच के कंप्यूटर से ही जारी किए गए हैं, यह जांच का विषय है कि फर्जी एनओसी और फर्जी नोटिस नगर निगम के किस दो कंप्यूटर से जारी हुए और किस तरह से MLA रमन अरोड़ा के घर पहुंचे। सूत्र बताते हैं कि विजिलेंस की टीम विधायक रमन अरोड़ा के घर से भी फर्जी नोटिस बरामद किया है, यह फर्जी नोटिस नगर निगम के दफ्तर के कंप्यूटर से ही तैयार किए जाते रहे हैं।

निगम दफ्तर से जारी हुए फर्जी NOC और नोटिस

आपको बता दे इससे पहले फर्जी एनओसी पकड़ी गई थी फर्जी NOC नगर निगम के दफ्तर से जारी की गई थी, उस समय अफसर ने फर्जी एनओसी बनाने वाले और जिसके नाम पर फर्जी एनओसी जारी की गई थी उनके खिलाफ FIR के लिए पुलिस कमिश्नर को भी लिखा था। हैरानी इस बात की है कि फर्जी एनओसी कांड में किसी तरह की कोई FIR नहीं दर्ज की गई। फर्जी एनओसी और फर्जी नोटिस कांड में नगर निगम के कई बड़े अधिकारी भी लपेटे में आ सकते। विजिलेंस की तरफ से लोकल बॉडीज़ के जिन अफसरों को शामिल किया गया है, उसमें एक अफसर जालंधर नगर निगम के बिल्डिंग ब्रांच में काम कर चुका है, कई मामले उसी अफसर के समय के भी हैं। [caption id="attachment_4723" align="aligncenter" width="800"] Gautam-Jain-IAS Gautam-Jain-IAS[/caption]

डिप्लोमा होल्डर आर्किटेक्ट की भी होगी जांच

उधर नगर निगम के अफसरों ने एक गुप्त मीटिंग करते हुए फैसला लिया है कि डिप्लोमा होल्डर आर्किटेक्ट की सभी फाइल की जांच की जाएगी, यही नहीं यह भी पता लगाया जायेगा कि डिप्लोमा होल्डर आर्किटेक्ट की कमर्शियल प्रोजेक्ट की फ़ाइल कैसे पास होते रहीं।