डेली संवाद, श्रीनगर।
Hazratbal Dargah Srinagar Controversy News Update: जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के श्रीनगर (Srinagar) में हजरतबल दरगाह में ईद-ए-मिलाद के मौके पर अशोक स्तंभ वाली एक नवनिर्मित शिलापट्ट को कुछ लोगों ने तोड़ दिया। जुमे की नमाज के बाद भीड़ शिलापट्ट के पास जमा हो गई और वक्फ बोर्ड के खिलाफ नारे लगाए और पत्थरबाजी की।
इस घटना को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सदियों से, दरगाह हजरतबल जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में मुस्लिमों के लिए सबसे पवित्र स्थल रहा है क्योंकि यहां पैगंबर मोहम्मद की निशानियां रखी हैं। इस हफ्ते की शुरुआत में, वक्फ बोर्ड ने करोड़ों रुपए खर्च करके हजरतबल दरगाह
(Hazratbal Dargah)
का रेनोवेशन करके उद्घाटन किया था।
राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह अशोक चिन्ह उकेरा
[caption id="attachment_84478" align="aligncenter" width="1200"]
Hazratbal Dargah Controversy[/caption]
उद्घाटन शिलापट्ट पर राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह अशोक चिन्ह उकेरा गया था, जिसकी आलोचना की जा रही थी। नेशनल कॉन्फ्रेंस और अन्य विपक्षी दलों ने इसे धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ बताया। PDP नेता इल्तिजा मुफ्ती ने आरोप लगाया कि मुस्लिम समुदाय को जानबूझकर उकसाया जा रहा है।
प्रतीक चिन्ह लगाने की क्या जरूरत थी?
घटना को लेकर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अबदुल्ला ने कहा कि मैंने कभी किसी धार्मिक स्थल पर राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह का इस्तेमाल होते नहीं देखा, तो हजरतबल दरगाह के पत्थर पर प्रतीक चिन्ह लगाने की क्या जरूरत थी? क्या सिर्फ काम ही काफी नहीं था?