डेली संवाद, बाराबंकी।
UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि धरती माता हमारा पेट भरने के लिए अन्न उत्पन्न करती है लेकिन इसका स्वास्थ्य भी ठीक रहना चाहिए और स्वास्थ्य ठीक रहेगा तो मानव ही नहीं बल्कि सारी सृष्टि बची रहेगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए अनेक कार्यक्रम वर्तमान में चल रहे हैं। प्रधानमंत्री ने नेशनल विजन ऑफ नेचुरल फार्मिंग के जिस अभियान को आगे बढ़ाया है ये उसी कड़ी का हिस्सा है। वे हमेशा कहते हैं कि किसान की आमदनी को बढ़ाने का पहला मंत्र है लागत कम हो तथा उत्पादन ज्यादा हो।
शुक्रवार को बाराबंकी के दौलतपुर ग्राम में आयोजित प्रगतिशील किसान सम्मेलन तथा खेती की बात खेत पर कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रबी सत्र की किसान पाठशाला 8.0 का शुभारंभ किया। खेत पर पहुंचकर किसानों से सीधे संवाद करने वाले इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी ने उत्तर प्रदेश की कृषि प्रगति, बहु,फसली खेती, तकनीकी नवाचार, एमएसपी व्यवस्था की पारदर्शिता और किसानों की आय वृद्धि के लिए किए जा रहे प्रयासों पर विस्तृत चर्चा की। कार्यक्रम में प्रगतिशील किसानों का सम्मान भी किया गया और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थी किसानों को चेक व स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए।
प्रधानमंत्री मोदी के विजन से प्रदेश का समग्र विकास हुआ सुनिश्चित
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (
Yogi Adityanath
) ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सर्वाधिक आबादी वाला राज्य है, जहां 25 करोड़ लोग निवास करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पिछले 11 वर्षों में प्रदेश ने समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है। उर्वर भूमि, पर्याप्त जल संसाधन और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण राज्य कृषि और अवसंरचना के क्षेत्र में अग्रणी बना है।
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कृषि उत्पादन व राष्ट्रीय योगदान का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री योगी के अनुसार देश की कुल कृषि योग्य भूमि में उत्तर प्रदेश का हिस्सा 11 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय खाद्यान्न आपूर्ति में प्रदेश का योगदान 21 प्रतिशत है। सरकार ने किसानों को बीज से लेकर बाजार तक आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर उत्पादन में वृद्धि और लागत में कमी सुनिश्चित की है। स्वॉइल हेल्थ कार्ड, फसल बीमा, गन्ना भुगतान, कृषि मंडियों के विस्तार तथा स्टोरेज और प्रोसेसिंग सुविधाओं ने किसानों को लाभ पहुंचाया है।
पारदर्शी व्यवस्था और तकनीकी प्रगति का मिल रहा लाभ
मुख्यमंत्री योगी के अनुसार, पिछले आठ वर्षों में एमएसपी का भुगतान सीधे किसानों को मिल रहा है जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है। सिंचाई के क्षेत्र में हर खेत को पानी उपलब्ध कराने, माइक्रो इरीगेशन, नहरों के नेटवर्क, सौर पंप और जल संरक्षण के अभियानों को गति दी गई है। ड्रोन डोजिंग, खरपतवार नियंत्रण, स्वॉइल टेस्टिंग और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर किसानों को वैज्ञानिक पद्धतियों से जोड़ा गया है।
उन्होंने कहा कि किसानों को उद्यमिता से जोड़ने के लिए फूड प्रोसेसिंग, कोल्ड स्टोरेज, लॉजिस्टिक्स, डिजिटल मंडी और ई नाम जैसे प्रयासों ने बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए हैं। एक्सप्रेसवे और लॉजिस्टिक्स पार्कों के माध्यम से किसानों की उपज अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक आसानी से पहुंच रही है। विश्व बैंक के सहयोग से 4 हजार करोड़ रुपये की लागत से छह वर्षों में यूपी-एग्रीज परियोजना के अंतर्गत कम उत्पादन वाले 28 जनपदों, विशेषकर पूर्वांचल और बुंदेलखंड, में कृषि सुधारों को गति दी गई है।
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विविध जलवायु क्षेत्रों में कृषि नवाचार जरूरी
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में नौ भौगोलिक जलवायु क्षेत्र हैं और इनके अनुरूप उन्नत बीज तथा तकनीक उपलब्ध कराने पर कार्य जारी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 से पहले की तुलना में आज रिकॉर्ड उत्पादन और पारदर्शी व्यवस्था ने प्रदेश की प्रगति को नई दिशा दी है। कृषि विकास दर को 8.6 प्रतिशत से बढ़ाकर 17.7 प्रतिशत तक पहुंचाया गया है।
प्रगतिशील किसानों की सफलता व सहकारी मॉडल का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री योगी के अनुसार, एक एकड़ में ढाई सौ क्विंटल आलू और दो लाख रुपये मूल्य का केला उत्पादन लागत कम और उत्पादन अधिक का सफल उदाहरण है। एफपीओ के माध्यम से सहकारी खेती को बढ़ावा मिल रहा है। पद्मश्री रामशरण वर्मा और सम्मानित प्रगतिशील किसान इस परिवर्तन के उत्कृष्ट उदाहरण हैं जिनकी सफलता से प्रदेश के अन्य किसानों को प्रेरणा मिल रही है।
प्रगतिशील किसानों का जताया आभार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि खेती की वास्तविक चुनौतियों को समझने के लिए किसान पाठशाला का आयोजन प्रगतिशील किसान रामशरण वर्मा के फार्म में किया गया है। खेत में जाकर खेती को समझना, उसकी समस्याओं को नजदीक से देखना और कम लागत में अधिक उत्पादन के माध्यम से किसानों की खुशहाली सुनिश्चित करना इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है। मुख्यमंत्री ने प्रगतिशील किसानों का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और नवाचार ने उत्तर प्रदेश को कृषि क्षेत्र में नई पहचान दी है।
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उन्होंने सभी अन्नदाता किसानों से भी आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अभिनव प्रयास करते रहें ताकि खेती का स्तर और बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि कृषि सेक्टर में लगातार नए प्रयोग हो रहे हैं और किसानों द्वारा समय पर खेती, गुणवत्तापूर्ण बीज का उपयोग और समुचित देखभाल से कम लागत में अधिक उत्पादन हासिल किया जा सकता है। प्रदेश की भूमि अत्यंत उर्वर है और इसका बेहतर उपयोग किसान अपनी तकनीक व प्रबंधन क्षमता से कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार अन्नदाता किसानों की खुशहाली को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।
लघु और सीमांत किसान हैं प्रदेश का असली सोना
पद्मश्री रामशरण वर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सभी गणमान्यों का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अपने कैबिनेट मंत्रियों के साथ किसानों की खेती देखने उनके फार्म पर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अक्सर लघु और सीमांत किसानों को प्रदेश का असली सोना बताते हैं और किसानों की आय में वृद्धि को विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प की आधारशिला मानते हैं। वर्मा ने किसानों को मिल रही सुविधाओं और अनुदान के लिए सरकार का धन्यवाद दिया तथा अपनी आर्थिक उन्नति का श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार को दिया। उन्होंने किसानों से बाजार की मांग के अनुरूप खेती पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर बल दिया, जबकि इफको के चेयरमैन दिलीप संघानी ने सहकारिता को कृषि से जोड़कर गांवों की समृद्धि बढ़ाने के महत्व को रेखांकित किया।
बाराबंकी बना मॉडल जनपद का उदाहरणः कृषि मंत्री
कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने कहा कि यह पहला अवसर है जब प्रदेश के मुख्यमंत्री किसान के खेत पर किसानों की खेती के विषय में बात करने आए हैं और प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से यह प्रयास नए आयाम की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि दौलतपुर गांव में किसानों की भूमि सचमुच दौलत बरसा रही है क्योंकि यहां के किसान केवल एक फसल पर निर्भर नहीं हैं बल्कि केला, आलू, टमाटर, सरसों, गन्ना और गेहूं सहित विभिन्न फसलों की खेती कर रहे हैं।
बहु फसली खेती और नई तकनीक का उपयोग किसानों की उन्नति सुनिश्चित कर रहा है तथा उत्तर प्रदेश का कृषि परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। उन्होंने कहा कि बाराबंकी एक मॉडल जनपद के रूप में उभर रहा है और किसानों को यहां किए जा रहे सफल प्रयोगों को अपने-अपने जनपदों व खेतों में अपनाने की आवश्यकता है। शाही ने इस बात पर भी जोर दिया कि प्रधानमंत्री मोदी किसानों की आय दोगुनी करने की बात करते हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों के कारण किसानों की आमदनी तेजी से तीन गुना होने की दिशा में अग्रसर है।