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UP News: श्री राम जन्मभूमि मंदिर के द्वितीय वार्षिकोत्सव पर अयोध्या पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

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डेली संवाद, अयोध्या। UP News: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में प्रभु रामलला के विराजमान होने के प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह के द्वितीय वार्षिकोत्सव में शामिल होने, आज देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अयोध्या ( Ayodhya ) धाम पहुंचे। इस पावन अवसर पर उन्होंने सबसे पहले हनुमानगढ़ी में हनुमान जी का दर्शन पूजन कर, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में प्रभु रामलला के दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने मंत्रोच्चार के बीच श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में बने में मां अन्नपूर्णा मंदिर के शिखर पर धर्मध्वजा को स्थापित किया।इस दौरान अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने अपने मनोभावों को व्यक्त करते हुए कहा कि “नाथ आजु मैं कहा न पावा”। ऐसा लग रहा है कि जीवन में मैं जो पाना चाहता था, वह सब कुछ मुझे मिल गया। राघवेंद्र सरकार ने इस दिन के लिए स्वयं मुझे चुना था, इसलिए आज यह अवसर मुझे मिल रहा है।

अयोध्या की हर गली, हर चौराहा क्या पूरा भारतवर्ष आज राममय

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे अपने जीवन का सौभाग्यशाली दिन बताते हुए कहा, "आज से दो वर्ष पूर्व जब प्रभु श्रीराम यहां पुनर्प्रतिष्ठित हुए, वो समस्त भारतवासियों के लिए गौरव का ऐतिहासिक क्षण था। प्रभु श्रीराम अपनी कीर्ति से आज केवल भारतवर्ष ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व को विभूषित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या की हर गली-हर चौराहा राममय हो गया हो। कनक भवन, दशरथ महल, हनुमानगढ़ी, संपूर्ण अयोध्या मां सरयु की गोद में शोभायमान हो रही है।

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यह आभा केवल अयोध्या क्षेत्र तक सीमित नहीं, बल्कि संपूर्ण अवध और भारतवर्ष आज राममय है। उन्होंने इस दिन को गौरवपूर्ण बताते हुए याद दिलाया कि यह वही भूमि है, जिसने वर्षों तक भगवान राम के लिए असहनीय बलिदान दिया, अपमान सहा, लेकिन आस्था को कभी डिगने नहीं होने दिया। अयोध्या में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा को राजनाथ सिंह ने भारत की आध्यात्मिक शक्ति की प्राण प्रतिष्ठा कहा। उन्होंने कहा, हम सभी पिछले अनेक पीढ़ियों की तुलना में अत्यतं सौभाग्यशाली हैं कि हमने वह क्षण अपनी आंखों से देखा।

राम मंदिर आंदोलन, दुनिया का सबसे ग्रैंड नैरेटिव

राम मंदिर आंदोलन को उन्होंने दुनिया का सबसे ग्रैंड नैरेटिव बताते हुए कहा कि यह आंदोलन भूगोल और समय दोनों के हिसाब से अद्वितीय है। उन्होंने कहा कि भारत से लेकर पाकिस्तान, श्रीलंका, इंडोनेशिया, वियतनाम और थाईलैंड जैसे अनेकों देश जहां हिंदुओं के अलावा अन्य समुदायों के लोग भी प्रभु राम से खुद को जुड़ा हुआ मानते हैं, यह उन सब राम को मानने वालों का आंदोलन था। 500 वर्षों के लम्बें अहिंसक संघर्ष से चलने वाला ऐसा आंदोलन इतिहास में कहीं देखने को नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि अयोध्या में केवल श्रीराम मंदिर का ही निर्माण नहीं हुआ है बल्कि हवाई अड्डा, रेल नेटवर्क, रोड कनेक्टिविटी के साथ उद्योग, व्यापार का सभी क्षेत्रों में अयोध्या विकास के नये आयाम रच रही है। विकास की यह धारा केवल अयोध्या तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे अवध प्रांत से लेकर देश के कोने-कोने तक पहुंच रही है। अवधपुरी की इस विकास यात्रा के लिए उन्होंने डबल इंजन सरकार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व और सफल प्रयास की सराहना की और बधाई दी।

ऑपरेशन सिंदूर में हमने आतंकियों को उनके ठिकानों में घुस कर सबक सिखाया

रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए प्रभु श्रीराम की मर्यादा का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा जिस प्रकार प्रभु श्रीराम ने युद्ध में मर्यादा न छोड़ने की शिक्षा हम सबको दी है, उसी प्रकार हमारी सेना ने भी सीमित, नियंत्रित और उद्देश्यपूर्ण कार्रवाई की। ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य आतंकियों को सबक सिखाना था, हमने उनके ठिकाने में घुस कर सबक सिखाया है। साथ ही उन्होंने बताया कि जिस तरह भगवान राम का दिव्य-भव्य मंदिर आयोध्या धाम में प्रतिष्ठित है, उसी तरह पुनौराधाम में मां जानकी की जन्मस्थली में भव्य मंदिर का भी निर्माण हो रहा है।