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Punjab News: ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ के नाम पर पंजाब के पैसों के करोड़ों रुपये विज्ञापनों में बर्बाद- सरबजीत सिंह झिंजर

Punjab News: ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ के नाम पर पंजाब के पैसों के करोड़ों रुपये विज्ञापनों में बर्बाद- सरबजीत सिंह झिंजर
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डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: यूथ अकाली दल के प्रधान सरबजीत सिंह झिंजर आज आम आदमी पार्टी सरकार के बहुचर्चित ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान को लेकर अरविंद केजरीवाल से सीधे जवाब माँगे। उन्होंने केजरीवाल को पंजाब का असली फैसले लेने वाला बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान मात्र एक कठपुतली हैं और नीति, प्रचार व प्राथमिकताओं से जुड़े सभी अहम फैसले दिल्ली से थोपे जा रहे हैं। सरबजीत सिंह झिंजर ने कहा कि जब अभियान का दूसरा चरण भारी प्रचार-प्रसार के साथ शुरू किया जा रहा है, तो उससे पहले अरविंद केजरीवाल ( Arvind Kejriwal ) को पहले चरण के वास्तविक नतीजों पर आधारित एक श्वेत पत्र (White Paper) पंजाब की जनता के सामने रखना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि नशों के खिलाफ लड़ाई के नाम पर फ्लेक्स, होर्डिंग्स, राजनीतिक विज्ञापनों और पेड न्यूज पर—चाहे वह पंजाब के भीतर हो या बाहर—कितने करोड़ रुपये का सार्वजनिक धन खर्च किया गया। [caption id="attachment_81000" align="aligncenter" width="1200"] Arvind Kejriwal Arvind Kejriwal[/caption] अभियान की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाते हुए झिंजर ने अरविंद केजरीवाल से स्पष्ट रूप से बताने की माँग की कि कितने बड़े ड्रग लॉर्ड्स, संगठित ड्रग कार्टेल्स, किंगपिन्स और नशा कारोबार के फाइनेंसरों को वास्तव में गिरफ्तार किया गया और उनके खिलाफ कितने मजबूत, अदालत में टिकने वाले मामले दर्ज किए गए। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग जानना चाहते हैं कि क्या सरकार ने ताकतवर ड्रग नेटवर्क्स को तोड़ने का साहस दिखाया या फिर यह अभियान केवल दिखावे के लिए छोटे उपभोक्ताओं और सड़क स्तर के पेडलरों तक ही सीमित रहा।

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उन्होंने आगे वास्तविक ड्रग जब्ती के संबंध में ज़िला-वार, सत्यापित आँकड़े सार्वजनिक करने की भी माँग की और कहा कि प्रेस विज्ञप्तियाँ और बढ़ा-चढ़ाकर किए गए दावे ठोस तथ्यों का विकल्प नहीं हो सकते। झिंजर ने कहा, “नशों के खिलाफ असली युद्ध की पहचान टूटे हुए कार्टेल्स और दोषी ठहराए गए किंगपिन्स से होती है, न कि पोस्टरों, नारों और विज्ञापनों से।” सरबजीत सिंह झिंजर ने यह भी कड़वी सच्चाई सामने रखी कि जहाँ एक ओर आम आदमी पार्टी सरकार विज्ञापनों और प्रचार कार्यक्रमों पर करोड़ों रुपये बर्बाद कर रही है, वहीं पंजाब में नशों से जुड़ी मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि राज्य भर में परिवार अपने नौजवान बेटों और बेटियों को ओवरडोज़ और नशे की लत के कारण खो रहे हैं, लेकिन सरकार की प्राथमिकता जान बचाने के बजाय दिखावे पर ज़्यादा नज़र आ रही है। उन्होंने कहा, “यह आम आदमी पार्टी सरकार की नाकामी का सबसे दर्दनाक प्रमाण है। अगर यह सचमुच ‘युद्ध’ होता, तो पहली प्राथमिकता मौतों को रोकना होती, न कि बैनर छपवाना।” [caption id="attachment_97815" align="aligncenter" width="1200"] CM Bhagwant Mann CM Bhagwant Mann[/caption] “आज का कार्यक्रम एक बार फिर उजागर करता है कि पंजाब को वास्तव में कौन चला रहा है। भगवंत मान को केवल एक मुखौटा बना दिया गया है, जबकि शासन दिल्ली से अरविंद केजरीवाल चला रहे हैं। अगर केजरीवाल पंजाब के युवाओं को बचाने को लेकर गंभीर हैं, तो उन्हें पीआर अभियानों के पीछे छिपना छोड़कर खुद इन सवालों के जवाब देने होंगे,” सरबजीत सिंह झिंजर ने कहा। जवाबदेही की माँग करते हुए झिंजर ने कहा कि श्वेत पत्र में यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ के दूसरे चरण में विज्ञापनों पर और कितना करदाताओं का पैसा बर्बाद करने की योजना है। उन्होंने कहा, “पंजाब को नशों के खिलाफ एक ईमानदार, नतीजा देने वाली लड़ाई चाहिए—जो ऊपर बैठे ड्रग कार्टेल्स और किंगपिन्स को निशाना बनाए, सख़्त कार्रवाई, पुनर्वास और दोषसिद्धि पर ध्यान दे और नशों से होने वाली बढ़ती मौतों पर रोक लगाए। पंजाब के युवाओं को नारे नहीं, ठोस कार्रवाई चाहिए।”