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Jalandhar News: जालंधर में फर्जी पुलिस बनकर लूट करने वाला गिरोह काबू, चार आरोपी गिरफ्तार

Jalandhar News: जालंधर में फर्जी पुलिस बनकर लूट करने वाला गिरोह काबू, चार आरोपी गिरफ्तार
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डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: पंजाब (Punjab) के जिला जालंधर (Jalandhar) में पुलिस बनकर लूटपाट करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस दौरान पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मिली जानकारी के मुताबिक जालंधर ( Jalandhar ) में थाना नई बारादरी पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो खुद को पुलिसकर्मी बताकर राहगीरों को निशाना बना रहा था। आरोपी खाकी रंग की पगड़ी और पुलिस जैसे जूते पहनकर रात के समय सुनसान इलाकों में लोगों को रोकते और उनसे लूटपाट करते थे। [caption id="attachment_79530" align="aligncenter" width="1200"] Police Police[/caption]

नशे की लत को पूरा करने के लिए वारदात

पुलिस ने इनके पास से 8 मोबाइल फोन, 3 बाइक और तेजधार हथियार (दातर) बरामद किए हैं। पुलिस ने बताया कि नशे की लत को पूरा करने के लिए चश्मा बेचने वाले इन युवकों ने अपराध का रास्ता चुना था। मामले का खुलासा तब हुआ जब 13 जनवरी की रात दिल्ली से लौटे राज कुमार शर्मा और उनके दोस्त मनप्रीत के साथ लूटपाट हुई।

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दोनों सिटी रेलवे स्टेशन से बस स्टैंड की ओर पैदल जा रहे थे, तभी लाडोवाली रोड पर एक बाइक पर सवार तीन युवकों ने उन्हें रोका। इनमें से दो आरोपियों ने खाकी पगड़ी बांधी हुई थी और पैरों में पुलिस अधिकारियों जैसे जूते पहने थे। उन्होंने असली पुलिस की तरह रौब दिखाते हुए देर रात घूमने का कारण पूछा और फिर डरा-धमकाकर उनसे 9660 रुपए और आईफोन लूटकर फरार हो गए। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच तेज की और सीसीटीवी फुटेज व अन्य सुरागों के आधार पर आरोपियों को दबोच लिया। फिलहाल उनसे पूछताछ जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि उन्होंने शहर में और कितनी वारदातों को अंजाम दिया है। वहीं पकड़े गए आरोपियों की पहचान सरबजीत सिंह, अमनपाल सिंह, कर्णवीर सिंहऔर मनप्रीत सिंह सभी निवासी कोट बाबा दीप सिंह नगर के रूप में हुई है। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि गिरोह में शामिल कर्ण और अमनपाल फर्जी पुलिसकर्मी का रूप धारण करने की तैयारी करते थे। दोनों खाकी पगड़ी बांधते और पुलिस जैसे जूते पहनकर खुद को असली पुलिसकर्मी साबित करने की कोशिश करते थे, जबकि सरबजीत सामान्य कपड़ों में उनके साथ रहता था ताकि किसी को शक न हो।