डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: जालंधर में श्री लवकुश चौक (मिलाप चौक) के पास अवैध रूप से किए जा रहे कमर्शियल निर्माण के खिलाफ नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की है। नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, मौके पर कमर्शियल इमारत का निर्माण किया जा रहा था, जबकि संबंधित प्लॉटों के लिए रिहायशी नक्शे पास करवाए गए थे।
इसकी शिकायत मिलने के बाद एसटीपी मेहरबान सिंह के आदेश पर एटीपी विकास दुआ ने कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्य रुकवा दिया और शटरिंग गिरा दी। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर दोबारा काम शुरू किया गया तो मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रिहायशी नक्शे पर हो रहा था कमर्शियल निर्माण
एसटीपी मेहरबान सिंह के अनुसार, नगर निगम को शिकायत मिली थी कि लवकुश चौक के पास रिहायशी नक्शे की आड़ में कमर्शियल इमारत बनाई जा रही है।
शिकायत के आधार पर एटीपी विकास दुआ और संबंधित इंस्पेक्टर ने मौके का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि वहां रिहायशी निर्माण के नक्शे पास थे, लेकिन मौके पर कमर्शियल निर्माण किया जा रहा था।
एटीपी ने रुकवाया काम, शटरिंग गिराई
नगर निगम की टीम ने कार्रवाई करते हुए मौके पर चल रहे निर्माण कार्य को बंद करवा दिया। एटीपी विकास दुआ के मुताबिक, अवैध कमर्शियल निर्माण के खिलाफ कार्रवाई के तहत शटरिंग गिराई गई है।
यह भी पढ़ें: मैरिटन होटल को अवैध बताकर खाली करवाने वाले नगर निगम के अफसर हुए 'लाचार'
निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भवन निर्माण के लिए स्वीकृत नक्शे और निर्धारित नियमों का पालन करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण करवाने के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
दो प्लॉटों पर अलग-अलग मकानों के नक्शे पास
एटीपी विकास दुआ ने बताया कि संबंधित जगह पर दो अलग-अलग प्लॉटों के लिए दो रिहायशी मकानों के नक्शे पास किए गए थे। इसके बावजूद वहां कमर्शियल निर्माण किए जाने की शिकायत सामने आई।
निगम ने चेतावनी दी है कि यदि दोबारा निर्माण कार्य शुरू किया गया तो रिहायशी नक्शे रद्द करने की कार्रवाई की जा सकती है। इसके साथ ही संबंधित मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
बिल्डिंग नियमों पर फिर उठे सवाल
जालंधर में रिहायशी नक्शे पर कमर्शियल निर्माण का मामला सामने आने के बाद भवन निर्माण नियमों के पालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। नगर निगम की कार्रवाई का उद्देश्य स्वीकृत नक्शे के विपरीत हो रहे निर्माण पर रोक लगाना है।
अब देखना होगा कि संबंधित स्थल पर आगे निर्माण कार्य होता है या निगम की चेतावनी के बाद काम बंद रहता है। हालांकि निगम अधिकारियों ने साफ कहा है कि कोई भी अवैध निर्माण नहीं होने दिया जाएगा।