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Jalandhar News: जालंधर का यह कालोनाइजर है सबसे बड़ा डिफाल्टर, 13 साल से 11 कालोनियों का 1.48 करोड़ बकाया, मेयर की सख्ती के बाद दर्ज होगी FIR

Jalandhar News: जालंधर का यह कालोनाइजर है सबसे बड़ा डिफाल्टर, 13 साल से 11 कालोनियों का 1.48 करोड़ बकाया, मेयर की सख्ती के बाद दर्ज होगी FIR
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डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: जालंधर के बड़े कालोनाइजरों और बिल्डर्स ने कुछ अफसरों के साथ मिलकर नगर निगम को बड़ा चूना लगाया है। ये कालोनाइजर और बिल्डर्स तो करोड़पति बन गए, लेकिन नगर निगम के खजाने में सरकारी फीस ही नहीं जमा की गई। साल 2013 से लेकर अब तक 142 कालोनाइजरों ने नगर निगम का करोड़ों रुपए दबा रखा है। 13 साल बाद किसी मेयर ने इन डिफाल्टर कालोनाइजरों के खिलाफ एक्शन लेने की हिम्मत दिखाई है। जालंधर (Jalandhar) के सबसे बड़े डिफाल्टरों का डेली संवाद आज से पर्दाफाश कर रहा है। इनमें सबसे पहला नाम राकेश कुमार पुत्र भीमसेन निवासी 31-31 सदर बाजार जालंधर का है। भीमसेन के पुत्र राकेश कुमार ने साल 2013 में एक साथ तीन प्रोजेक्ट शुरू किया। नगर निगम के रिकार्ड के मुताबिक बडिंग में 4.34 एकड़ में मास्टर मेहंगा सिंह एक्सटेंशन के नाम पर कालोनी काटी। जिसकी उस समय 7,50,742 रुपए रेग्युलराइजेशन फीस बनी। इसकी एवज में राकेश कुमार ने 24 अक्टूबर 2013 को महज 75,000 रुपए ही जमा करवाए। नगर निगम के रिकार्ड के मुताबिक राकेश कुमार ने इसके बाद कोई भी पैसा जमा नहीं करवाया। नगर निगम ने अब ब्याज समेत 16,10,781 रुपए बनाया है। [caption id="attachment_91924" align="aligncenter" width="1200"] MCJ Jalandhar Daily Samvad MCJ Jalandhar Daily Samvad[/caption]

वडिंग में दूसरी कालोनी

राकेश कुमार पुत्र भीमसेन ने इसी साल वडिंग में 0.91 एकड़ में बडिंग कालोनी फेज-2 काटी। जिसकी फीस 1,57,414 रुपए बनी। लेकिन अफसरों की मेहरबानी से इन्होंने केवल 16,000 रुपए 29 अक्टूबर 2013 को जमा करवाया। 13 साल का ब्याज जोड़ कर अब इन्हें 3,83,485 रुपए जमाम करवाना है। राकेश कुमार पुत्र भीमसेन ने तीसरी कालोनी भी काटी। 0.59 एकड़ में बडिंग कालोनी फेस-2 नाम दिया। इसकी 1,02,060 रुपए बना। लेकिन 29 अक्टूबर 2013 को राकेश कुमार ने सिर्फ 10,000 रुपए जमा करवाए। ब्याज समेत अब इसका 2,22,043 जमा करवाना है।

दकोहा में चौथी कालोनी

राकेश कुमार पुत्र भीमसेन ने चौथी कालोनी काटी। दकोहा राम नगर में 1.78 एकड़ में चौथी कालोनी काट दी। इसकी 6,77,366 रुपए फीस बनी। राकेश कुमार ने साल 2013 में 1 लाख रुपए जमा करवाए, इसके बाद साल 2021 में 3 लाख रुपए जमा करवाए। ब्याज समेत अब इनसे 6,61,466 रुपए लेने हैं। राकेश कुमार पुत्र भीमसेन यहीं नहीं रुके, चौथी कालोनी लम्मा पिंड के पास 6 एकड़ में विकास पुरी कालोनी में काटी। नगर निगम के रिकार्ड के मुताबिक 25 अक्टूबर 2013 को महज 25 हजार रुपए ही जमा करवाया। आज तक इसकी बकाया रकम जमा ही नहीं करवाई गई। [caption id="attachment_75940" align="aligncenter" width="1200"] Notice Notice[/caption]

पंचशील एवेन्यू भी काटी

राकेश कुमार पुत्र भीमसेन पर नगर निगम की मेहरबानी जारी रही। राकेश कुमार ने 3 एकड़ में बडिंग के पास पंचशील एवेन्यू के नाम से भी कालोनी काट दी। इसकी 4,32,246 रुपए फीस बनी, लेकिन राकेश कुमार ने अक्टूबर 2013 में महज 15 हजार रुपए ही जमा करवाए। अब राकेश कुमार ने 9,93,534 रुपए वसूल किया जाना है।

यह भी पढ़ें: जालंधर में 130.50 करोड़ का GST घोटाला बेनकाब, शहर का प्रमुख कारोबारी गिरफ्तार

राकेश कुमार ने छठी कालोनी परागपुर में न्यू डिफेंस कालोनी फेस-1 के नाम से काटी। 23 एकड़ में काटी गई इस कालोनी की फीस 18,08,950 रुपए बनी। इतनी बड़ी फीस की एवज में राकेश कुमार ने निगम खजाने में सिर्फ 90 हजार रुपए ही साल 2013 में जमा करवाया। अब इस कालोनी की एवज में राकेश कुमार से 40,82,566 रुपए वसूल किया जाना है।

परागपुर में सातवीं कालोनी

राकेश कुमार पुत्र भीमसेन ने सातवीं कालोनी परागपुर में न्यू डिफेंस कालोनी 21 एकड़ की फीस 22,09,662 रुपए बनी। जिसके एवज में महज 82 हजार रुपए जमा करवाए। अब राकेश कुमार से इस कालोनी की एवज में 50,50,862 रुपए वसूल किए जाने हैं। राकेश कुमार पुत्र भीमसेन का आठवां केस भी सामने आया। परागपुर में ही 26 एखड़ में न्यू डिफेंस कालोनी के नाम से कालोनी की महज 1,02,000 रुपए जमा करवाया। इसके बाद आज तक इन्होंने कोई पैसा जमा नहीं करवाया। [caption id="attachment_98377" align="aligncenter" width="1200"] Notice Notice[/caption]

मेहंगा सिंह कालोनी का बकाया

राकेश कुमार पुत्र भीमसेन का 9वां मामला भी है। राकेश कुमार ने 9.5 एकड़ में बडिंग में मास्टर मेहंगा सिंह कालोनी काटी। इसकी 6,92,574 रुपए फीस बनी। नगर निगम के खजाने में दो तारीखों में 52 हजार रुपए ही जमा करवाए गए। अब इनसे 15,15,407 रुपए वसूल किए जाने हैं। राकेश कुमार पत्र भीमसेन का 10वां केस भी बडिंग के मास्टर मेहंगा सिंह कालोनी का है। 2.2 एकड़ में इस कालोनी की फीस 1,56,422 रुपए बनी। लेकिन इसकी एवज में महज 12 हजार रुपए जमा करवाए गए। अब 3,43,814 रुपए वसूल किया जाना है।

रेरू में 11वीं कालोनी

राकेश कुमार पुत्र भीमसेन का 11वां केस रेरू का है। रेरू में 2 एकड़ में कालोनी की फीस बताई गई। इस कालोनी की एवज में राकेश कुमार ने नगर निगम के खजाने में 16 हजार रुपए जमा करवाया। इसकी फाइल अब नगर निगम के पास नहीं है। हैरानी की बात तो यह है कि 2013 में राकेश कुमार पुत्र भीमसेन से 11 मामले में करीब 1,48,18,958 रुपए लेने हैं। लेकिन नगर निगम के अफसरों ने इनपर इतनी मेहरबानी दिखाई कि 13 साल तक इनसे बकाया रकम ही नहीं जमा करवा पाए। स्थिति यह है कि राकेश कुमार पुत्र भीमसेन ने कालोनी को एप्रूव बताकर महंगे रेट पर प्लाट लोगों को बेच दिए। अब मेयर की सख्ती के बाद राकेश कुमार पुत्र भीमसेन पर एफआईआर दर्ज करवाने की तैयारी है।

रोहित शर्मा 37.47 लाख बकाया

नगर निगम के रिकार्ड के मुताबिक साल 2013 में रोहित शर्मा पुत्र विनय शर्मा निवासी हाउस नंबर एल-99 उपकार नगर जालंधर ने पिंड चौकां में 17.0 एकड़ में शालीमार एंक्लेव के नाम से कालोनी काटी। इसकी सरकारी फीस 17,35,725 रुपए बनाई गई। रोहित शर्मा ने इसकी एवज में 21 नवंबर 2013 को दो अलग अलग रसीद से 1.50 लाख रुपए ही जमा करवाया। अब अब रोहित शर्मा से 3747354 रुपए वसूल किया जाना है। अगर 15 दिन में रकम जमा नहीं करवाई तो एफआईआर होगी। [caption id="attachment_81645" align="aligncenter" width="1200"] Vaneet Dhir Mayor Jalandhar Vaneet Dhir Mayor Jalandhar[/caption]

मेयर की सख्ती के बाद एक्शन

नगर निगम के मौजूदा अफसरों के मुताबिक बकाया रकम जमा करवाने के लिए समय समय पर नोटिस जारी किए गए हैं। अब 13 साल बाद  मेयर वनीत धीर (Mayor Vaneet Dhir) ने बड़ा फैसला लेते हुए शहर की 142 कालोनियों के मालिकों को नोटिस जारी करवाया है। अगर ये कालोनाइजर 15 दिनों में बकाया रकम नगर निगम के खजाने में जमा नहीं करवाते हैं तो इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। इसमें शहर के बड़े रियल एस्टेट और नेताओं के नाम भी शामिल हैं। जालंधर (Jalandhar) मेयर वनीत धीर (Mayor Vaneet Dhir) ने कहा कि साल 2013 से लेकर अब तक 142 कालोनियों को नगर निगम (Municipal Corporation) ने पास किया है। इन कालोनाइजरों ने कालोनी एप्रूव करवाते समय कुछ पैसा जमा करवाया, बाकी रकम बाद में जमा करवाने का एफिडेविट दिया, लेकिन उसके बाद बकाया रकम जमा नहीं करवाई गई। नोट - इस तरह 142 कालोनियों की लिस्ट में कई बड़े कालोनाइजर डिफाल्टर हैं। डेली संवाद इन कालोनियों के नाम समेत कालोनाइजरों के नामों का रोज खुलासा करेगा।