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Jalandhar News: 'भारतीय शिक्षा दृष्टि' मकाले मानसिकता से बाहर लाती है - देशराज
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डेली संवाद, जालंधर।
Jalandhar News: डीएवी विश्वविद्यालय जालंधर के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में विद्या भारती के राष्ट्रीय महामंत्री देशराज जी ने भारतीय शिक्षा दृष्टि पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारतीय शिक्षा केवल ज्ञान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कौशल, संस्कार और संस्कृति का संतुलित विकास करती है। उनका मानना है कि शिक्षा का उद्देश्य आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करना और समाज में सकारात्मक मूल्य और नैतिकता को स्थापित करना है।
श्री देशराज जी ने बताया कि भारतीय शिक्षा दर्शन पंच कोष आधारित है, जिसमें शरीर, प्राण, मन, बुद्धि और आत्मा का समग्र विकास शामिल है। यह दृष्टि विद्यार्थियों को केवल अकादमिक ज्ञान नहीं देती, बल्कि उन्हें जीवन जीने की कला, समाज के प्रति दायित्व और व्यक्तिगत तथा राष्ट्रीय चरित्र के सद्गुण सिखाती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा का उद्देश्य युवाओं में स्वाभिमान, श्रम की श्रद्धा, आत्मीयता और बुराइयों से दूर रहने की प्रवृत्ति विकसित करना है।
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