डेली संवाद, जालंधर।
Jalandhar News: जालंधर प्रशासन जिले में गेहूं के अवशेष (पराली) जलाने (Stubble Burning) की घटनाओं पर प्रभावी ढंग से रोक लगाने के लिए पूरी तरह से तैयार है। डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया ने आज जिला प्रशासकीय परिसर में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान अधिकारियों को इस संबंध में उप-मंडल स्तर पर एक टास्क फोर्स गठित करने का निर्देश दिया।
चल रहे गेहूं के मौसम के दौरान पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा करते हुए, डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पूरी सतर्कता बरती जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जागरूकता से लेकर कार्रवाई तक की एक बहु-आयामी रणनीति अपनाई जानी चाहिए, ताकि आग लगने की घटनाओं को और अधिक प्रभावी ढंग से रोका जा सके।
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Stubble Burning[/caption]
जालंधर प्रशासन सतर्क
इस अवसर पर अतिरिक्त जालंधर (
Jalandhar
) डिप्टी कमिश्नर (ग्रामीण विकास) दिव्या पी. भी उपस्थित थी। वालिया ने एस.डी.एम. को सब-डिवीजन स्तर पर एक टास्क फोर्स गठित करने का निर्देश दिया, जो गेहूं के अवशेष जलाने की प्रवृत्ति को रोकने के लिए जमीनी स्तर पर सभी आवश्यक कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नोडल और क्लस्टर अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि यह अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि वह घटना स्थल पर जाएं, जांच करें और 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट दें, ताकि ऐसी घटनाओं पर बारीकी से नज़र रखी जा सके। उन्होंने कहा कि यदि कोई उल्लंघन पाया जाता है, तो नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
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Jalandhar DC Varjit Walia[/caption]
जागरूकता गतिविधियों की समीक्षा की
डिप्टी कमिश्नर ने इस संबंध में कृषि विभाग द्वारा चलाई जा रही जागरूकता गतिविधियों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वह किसानों को खेतों में आग लगाने के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करें और साथ ही फसल के अवशेषों के उचित प्रबंधन के लिए सरकार द्वारा सब्सिडी पर उपलब्ध कराई जा रही कृषि मशीनों के बारे में भी जानकारी दें।
उन्होंने एस.डी.एम को निर्देश दिया कि वे पराली जलाने की घटनाओं के प्रति संवेदनशील गांवों का दौरा करें और किसानों तथा संबंधित लोगों से बातचीत करके पर्यावरण पर पराली जलाने के प्रतिकूल प्रभावों के बारे में जागरूकता पैदा करें। उन्होंने ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए निवारक उपायों को समन्वित तरीके से लागू करने को भी कहा।
ये रहे मौजूद
डिप्टी कमिश्नर ने किसानों से गेहूं के अवशेष जलाने से परहेज़ करने की अपील करते हुए कहा कि आग से निकलने वाला धुआं लोगों के लिए समस्याएं पैदा कर सकता है। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से दुर्घटनाएं भी होती हैं, जिससे इंसानी जान खतरे में पड़ जाती है। इसके अलावा, मिट्टी में मौजूद लाभदायक कीड़े मर जाते हैं और ज़मीन की उर्वरता भी कम हो जाती है।
बैठक में एस.डी.एम शायरी मल्होत्रा और नवदीप सिंह, ज़िला राजस्व अधिकारी नवदीप सिंह, मुख्य कृषि अधिकारी जसविंदर सिंह और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।