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Punjab News: कनाडा ने बिश्नोई गैंग के शूटर को डिपोर्ट करने का दिया आदेश, एपी ढिल्लों फायरिंग केस से जुड़ा मामला

सिंगर एपी ढिल्लों के घर पर फायरिंग करने वाला होगा डिपोर्ट
सिंगर एपी ढिल्लों के घर पर फायरिंग करने वाला होगा डिपोर्ट
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डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: कनाडा (Canada) में पंजाबी सिंगर एपी ढिल्लों के घर पर फायरिंग करने वाले लॉरेंस बिश्नोई गैंग के शूटर अभिजीत किंगरा को डिपोर्ट किया जाएगा। इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड ने उसे डिपोर्ट करने के आदेश जारी कर दिए हैं। कनाडा (Canada) की इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड (IRB) ने कथित शूटर अभिजीत किंगरा को देश से डिपोर्ट करने का आदेश दिया है, जिसके बाद उसके भारत भेजे जाने का रास्ता लगभग साफ हो गया है।

स्टडी परमिट पर गया था कनाडा

किंगरा पर आरोप है कि वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा हुआ है और कनाडा में रहते हुए संगठित अपराध गतिविधियों में शामिल रहा, जिनमें गोलीबारी, रंगदारी, धमकी और आगजनी जैसे मामले शामिल हैं। वह 2018 में स्टडी परमिट पर कनाडा गया था, लेकिन बाद में जांच एजेंसियों के मुताबिक वह गैंग से जुड़ गया।

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सबसे गंभीर आरोप 2024 में ब्रिटिश कोलंबिया के कोलवुड इलाके में पंजाबी गायक एपी ढिल्लों के घर पर हुई फायरिंग से जुड़े हैं, जहां करीब 14 राउंड गोलियां चलाई गई थीं और बाहर खड़ी गाड़ियों में आग लगाने की घटना भी हुई थी। इस घटना की जिम्मेदारी सोशल मीडिया पर बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों ने ली थी। सुनवाई के दौरान किंगरा ने कहा कि उसे पैसे का लालच देकर इस काम में शामिल किया गया था और उसे गैंग के बारे में पूरी जानकारी नहीं थी, लेकिन कनाडाई एजेंसियों ने इस दावे को खारिज कर दिया। उनका कहना है कि संगठित गैंग छोटे-छोटे स्तरों पर काम करते हैं, इसलिए हर सदस्य को पूरी जानकारी होना जरूरी नहीं होता।

रंगदारी और हिंसा में शामिल

IRB ने अपने फैसले में कहा कि पहले भी कोर्ट किंगरा को गैंग का सदस्य मान चुकी है और उसके खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं। साथ ही यह भी माना गया कि बिश्नोई गैंग कनाडा में भारतीय मूल के कारोबारियों और कलाकारों को धमकाकर रंगदारी और हिंसा में शामिल रहा है। फिलहाल किंगरा एक गोलीबारी मामले में 6 साल की सजा काट रहा है और एक अन्य केस का सामना कर रहा है। वह डिपोर्टेशन के खिलाफ अपील करने की तैयारी में है और उसका दावा है कि भारत लौटने पर उसकी जान को खतरा हो सकता है, लेकिन बोर्ड ने इसे साबित नहीं माना।