Skip to content

Jalandhar News: पंजाब पुलिस का पूर्व SHO नागरा गिरफ्तार, FBI ऑपरेशन के बाद कार्रवाई, गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े गंभीर आरोप

Gurinderjit Singh Nagra
Gurinderjit Singh Nagra
Share Facebook X WhatsApp Telegram Email
View in ePaper
डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: पंजाब के होशियारपुर के टांडा थाना SHO गुरिन्द्रजीत सिंह नागरा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ जबरन वसूली (एक्सटॉर्शन) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पंजाब पुलिस ने होशियारपुर के टांडा थाने के एसएचओ गुरिन्द्रजीत सिंह नागरा को जबरन वसूली और भ्रष्टाचार के आरोपों में गिरफ्तार कर लिया है। नागरा का नाम अमेरिकी जांच एजेंसी FBI के ऑपरेशन 'हार्ड बॉल' के दौरान सामने आया था, जिसके बाद उन्हें पहले लाइन हाजिर किया गया और विभागीय जांच शुरू की गई थी।

एक्सटॉर्शन और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

जांच पूरी होने के बाद शुक्रवार देर रात नागरा के खिलाफ एक्सटॉर्शन और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच के लिए एसपी स्तर के अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई।

यह भी पढ़ें: Japnoor Travels के सतनाम सिंह पर 45 लाख रुपए ठगी का आरोप, किसानों ने दफ्तर घेरा

दरअसल, 10 जुलाई को अमेरिका, कनाडा और यूरोप में गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ चलाए गए संयुक्त अभियान के दौरान लॉरेंस बिश्नोई और जग्गू भगवानपुरिया गैंग से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच की जा रही थी। इसी दौरान अमेरिकी एजेंसियों के हाथ ऐसे इनपुट लगे, जिनमें गुरिंद्रजीत सिंह नागरा का नाम भी सामने आया।

4 लाख डॉलर की कथित फिरौती का आरोप

अमेरिकी जांच एजेंसियों का आरोप है कि नागरा ने गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े लोगों के साथ मिलकर अमेरिका में रहने वाले एक भारतीय मूल के परिवार से 4 लाख डॉलर (करीब 4 करोड़ रुपये) की कथित फिरौती मांगने की साजिश में भूमिका निभाई। जांच के दौरान एजेंसियों ने नागरा की तस्वीर भी गैंग से जुड़े लोगों के साथ साझा की थी।

हत्या के मामले से जुड़ा पूरा विवाद

यह मामला जनवरी 2026 में होशियारपुर के मियाणी गांव में आम आदमी पार्टी (AAP) कार्यकर्ता और कारोबारी बलविंदर सिंह सतकरतार की हत्या से जुड़ा बताया जा रहा है। इस हत्याकांड की जांच उस समय एसएचओ रहे नागरा की निगरानी में हुई थी। बाद में पुलिस ने दावा किया था कि हत्या पारिवारिक विवाद के चलते कराई गई और अमेरिका में रह रहे रिटायर्ड एएसआई चरनजीत सिंह को साजिशकर्ता बताया गया था। हालांकि, अमेरिकी एजेंसियों का आरोप है कि इसी केस का दबाव बनाकर चरनजीत सिंह और उनके परिवार से 4 लाख डॉलर की कथित वसूली की कोशिश की गई। जांच में दावा किया गया है कि गैंगस्टर नेटवर्क ने परिवार की जानकारी जुटाकर भारत में अपने संपर्कों के जरिए दबाव बनाने की योजना तैयार की थी।

पुलिस अधिकारियों की भूमिका

अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे मामले में भारत के कुछ पुलिस अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है, जिसमें गुरिंद्रजीत सिंह नागरा का नाम प्रमुख रूप से सामने आया है। फिलहाल पंजाब पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।