डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी सोमवार देर रात सतलुज नदी से सटे इलाकों में पहुंचे और कथित अवैध माइनिंग की जांच की। इस दौरान उन्होंने पूरे घटनाक्रम का सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारण भी किया।
अवैध रूप से रेत निकाली जा रही
चन्नी ने आरोप लगाया कि पंजाब के प्राकृतिक संसाधनों की खुलेआम लूट हो रही है और इसके पीछे सरकार का संरक्षण है।निरीक्षण के दौरान चन्नी ने एक टिप्पर की जांच की और आसपास मौजूद मशीनों के चलने की आवाज सुनने का दावा किया। उन्होंने कहा कि नदी किनारे बड़ी मात्रा में रेत के ढेर लगे हुए थे और मशीनों की मदद से अवैध रूप से रेत निकाली जा रही थी। उनके अनुसार, उनके मौके पर पहुंचते ही ट्रक और मशीनें वहां से हट गईं।
चन्नी का लाइव वीडियो देखने के बाद आसपास के गांवों के लोग भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत करते हुए कहा कि बारिश के मौसम में भी रात के समय अवैध माइनिंग लगातार जारी है। उनका दावा था कि इलाके में कई जगह नाके लगे होते हैं, लेकिन इसके बावजूद यह कारोबार बिना किसी रोक-टोक के चलता है।
कई स्थानों पर अवैध माइनिंग होती
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि प्रदेश में रात करीब 10 बजे से सुबह 4 बजे तक कई स्थानों पर अवैध माइनिंग होती है। उन्होंने कहा कि इस पूरे नेटवर्क में पुलिस और कुछ जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत है तथा ट्रकों की आवाजाही और रेत की सप्लाई का पूरा हिसाब रखा जाता है।
चन्नी ने कहा कि रेत और बजरी पंजाब की महत्वपूर्ण प्राकृतिक संपत्ति हैं, जिनसे मिलने वाला राजस्व राज्य के विकास, शिक्षा और कर्ज कम करने में उपयोग होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था में इस संसाधन से होने वाली आय सरकारी खजाने तक नहीं पहुंच रही, बल्कि अवैध रूप से कुछ लोगों को फायदा मिल रहा है।
कुछ लोगों को फायदा मिल रहा
उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी सरकार के दौरान रेत की कीमत करीब साढ़े पांच रुपये प्रति क्यूबिक फुट थी, जबकि अब यह 37 रुपये प्रति क्यूबिक फुट तक बिक रही है।