डेली संवाद, लखनऊ। Lucknow Sex Racket: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सामने आए कथित हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट मामले में उज्बेकिस्तान की महिला लोला कायूमोवा को लेकर जांच में कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस के अनुसार, लोला लंबे समय से भारत में रह रही थी और उस पर अलग-अलग राज्यों में सेक्स रैकेट का नेटवर्क संचालित करने का आरोप है।
जांच एजेंसियां उसके भारत में रहने, दस्तावेज तैयार कराने और नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं। मामले में लोला के कथित भारतीय पति जनक प्रताप सिंह का नाम भी सामने आया है। लोला ने पुलिस पूछताछ में दावा किया है कि उसने जनक से शादी की थी, लेकिन करीब दो महीने पहले जनक उसे छोड़कर कहीं चला गया।
पुलिस अब जनक का पता लगाने के साथ-साथ शादी और उससे जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, लोला पर फर्जी भारतीय पहचान दस्तावेजों के इस्तेमाल और विदेशी महिलाओं को भारत लाकर कथित सेक्स-ट्रैफिकिंग नेटवर्क में शामिल करने के आरोप पहले भी सामने आ चुके हैं।

तुर्कमेनिस्तान की महिला के साथ दोबारा पहुंची क्लीनिक
जांच के मुताबिक, लोला कुछ दिन पहले तुर्कमेनिस्तान की एक महिला को लेकर लखनऊ के एक डॉक्टर की क्लीनिक पहुंची थी। बताया जा रहा है कि यह वही क्लीनिक था, जहां पहले लोला ने अपने चेहरे से जुड़ी कॉस्मेटिक सर्जरी कराई थी।
इस बार डॉक्टर की क्लीनिक ने विदेशी नागरिक से जुड़े जरूरी दस्तावेज और प्रक्रिया के तहत Foreigners Registration Office (FRO/FRRO) को जानकारी उपलब्ध कराई। रिकॉर्ड में लोला का संदर्भ सामने आने के बाद संबंधित अधिकारियों को सूचना दी गई।
इसके बाद एफआरओ और पुलिस की टीम क्लीनिक पहुंची और लोला से पूछताछ की। पुलिस जांच में उसके पास से आधार कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस समेत कई दस्तावेज मिलने की बात सामने आई है। पुलिस इन दस्तावेजों की वैधता और इन्हें जारी कराने की प्रक्रिया की जांच कर रही है।

लोला के दो ठिकानों की जानकारी
पुलिस जांच में लखनऊ में लोला के कथित तौर पर दो पते सामने आने की बात कही गई है। इनमें राजाजीपुरम और सुशांत गोल्फ सिटी के पते शामिल बताए जा रहे हैं।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन ठिकानों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाता था और वहां कौन-कौन लोग आते-जाते थे। जांच एजेंसियां उसके मोबाइल फोन और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान करने में जुटी हैं।
पहले की पुलिस जांच में भी लखनऊ के हाई-प्रोफाइल इलाकों में विदेशी महिलाओं के ठहरने और कथित रैकेट से जुड़े फ्लैटों का मामला सामने आया था।

जनक प्रताप सिंह से शादी का दावा
लोला ने पूछताछ में दावा किया है कि उसने लखनऊ निवासी जनक प्रताप सिंह से शादी की थी। उसके कुछ दस्तावेजों में भी जनक का नाम पति के तौर पर दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
हालांकि, पुलिस के अनुसार जनक फिलहाल नहीं मिल रहा है। लोला का कहना है कि करीब दो महीने पहले जनक उसे छोड़कर चला गया था।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों के बीच वास्तव में शादी हुई थी या दस्तावेजों में किसी तरह की गड़बड़ी की गई। संबंधित दस्तावेज जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दस्तावेज वास्तविक हैं या कथित तौर पर फर्जी तरीके से तैयार किए गए।
पहले की रिपोर्टों में भी लोला और जनक के कथित विवाह प्रमाणपत्र तथा लोला के आधार कार्ड में जनक का नाम दर्ज होने का उल्लेख किया गया था।

हिंदी और अंग्रेजी में बातचीत बनी पुलिस के लिए चुनौती
पुलिस के सामने पूछताछ के दौरान भाषा की समस्या भी सामने आई। बताया गया है कि लोला हिंदी बहुत कम समझती और बोलती है। वहीं, उसकी अंग्रेजी बोलने की शैली भी अलग होने के कारण पूछताछ में पुलिस को परेशानी का सामना करना पड़ा।
ऐसे में पुलिस ने उसके बयानों और उपलब्ध दस्तावेजों को दूसरे सबूतों से मिलाकर जांच आगे बढ़ाई। मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को भी जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
पासपोर्ट-वीजा की वैधता पर भी सवाल
पुलिस के अनुसार, लोला के भारत में रहने की वैधता को लेकर भी गंभीर सवाल हैं। जांच में उसके पासपोर्ट और वीजा की स्थिति की पड़ताल की जा रही है। पुलिस का आरोप है कि वैध दस्तावेजों की अवधि समाप्त होने के बाद भी वह भारत में अलग-अलग जगहों पर रह रही थी।
पहले की जांच में भी पुलिस ने दावा किया था कि लोला का पासपोर्ट समाप्त होने के बावजूद उसके पास भारतीय पहचान दस्तावेज मौजूद थे।

5 से 6 राज्यों तक नेटवर्क फैलाने का आरोप
पुलिस पूछताछ में लोला द्वारा उत्तर प्रदेश के अलावा कई अन्य राज्यों में भी कथित देह व्यापार नेटवर्क चलाने की जानकारी सामने आने का दावा किया गया है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे और विदेशी महिलाओं को भारत लाने से लेकर उनके रहने और ग्राहकों तक पहुंचाने में किसकी क्या भूमिका थी।
पुलिस को उसके मोबाइल फोन से भी कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलने की बात कही गई है। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर जांच टीम कथित नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
पहले की रिपोर्टों में भी लोला पर उज्बेकिस्तान से महिलाओं को भारत लाने और कथित तौर पर उन्हें सेक्स-ट्रैफिकिंग नेटवर्क में धकेलने के आरोप सामने आए थे।
प्लास्टिक सर्जरी को लेकर डॉक्टर ने दी सफाई
मामले में प्लास्टिक सर्जन डॉ. विवेक का नाम भी जांच के दौरान सामने आया है। हालांकि, डॉक्टर ने मीडिया से बातचीत में आरोपों से अलग अपनी सफाई दी है। उनका कहना है कि उन्होंने लोला की केवल नाक की सर्जरी की थी और प्राइवेट पार्ट की सर्जरी करने की बात कहकर उन्हें बदनाम किया जा रहा है।
वहीं, पुलिस की जांच में लोला द्वारा अपनी पहचान और हुलिया बदलने के लिए कॉस्मेटिक सर्जरी कराने का दावा किया गया था। पूर्व रिपोर्टों में पुलिस ने उसके चेहरे, होंठ और शरीर के अन्य हिस्सों में कई सर्जरी किए जाने की बात कही थी।

पुलिस खंगाल रही दस्तावेजों और पूरे नेटवर्क की कड़ियां
लखनऊ पुलिस अब लोला के दस्तावेजों, उसके संपर्कों, बैंकिंग गतिविधियों, मोबाइल फोन और लखनऊ समेत दूसरे राज्यों में उसके ठिकानों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि कथित तौर पर विदेशी महिलाओं को भारत लाने और उनके लिए भारतीय पहचान दस्तावेज तैयार कराने में कौन-कौन लोग शामिल थे।
मामले में पुलिस और संबंधित विदेशी नागरिक पंजीकरण अधिकारियों की जांच आगे बढ़ने के साथ कई और नाम सामने आने की संभावना है। फिलहाल लोला पर लगाए गए आरोप जांच का विषय हैं और दस्तावेजों तथा अन्य साक्ष्यों की जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट होगी।
यह है पूरा मामला
लखनऊ में सेक्स रैकेट चलाने वाली उज्बेकिस्तान की लोला कायूमोवा (50) आखिरकार पकड़ी गई। वह एक साल से लखनऊ पुलिस को चकमा दे रही थी। पुलिस ने उसे मंगलवार रात (11 अगस्त) ओमेक्स आर-2 बिल्डिंग में छापेमारी कर पकड़ा और खुफिया एजेंसी को सौंप दिया।
लखनऊ पुलिस ने पिछले साल उसके रैकेट से जुड़ी 2 युवतियों को गिरफ्तार किया था। दोनों उज्बेकिस्तान की रहने वाली थीं। पूछताछ में लोला का नाम सामने आया था। इसके बाद से ही वह अंडरग्राउंड हो गई थी