डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab Politics: पंजाब कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्ठल के भतीजे सनमीक सिंह हेनरी सिद्धू ने कांग्रेस को छोड़कर आम आदमी पार्टी (AAP) का दामन थाम लिया है। चंडीगढ़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान AAP के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई।
इस मौके पर पंजाब कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल भी मौजूद रहे। सनमीक सिंह के AAP में शामिल होने को पंजाब कांग्रेस के लिए झटके के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने कांग्रेस में करीब 20 वर्षों तक सक्रिय रूप से काम करने की बात कही और पार्टी छोड़ने की वजह भी बताई।
सुखजिंदर रंधावा के बयान से हुए नाराज
AAP में शामिल होने के बाद सनमीक सिंह ने कहा कि वह पिछले 20 वर्षों से कांग्रेस के लिए बिना किसी स्वार्थ के काम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा के हालिया बयान से उन्हें काफी झटका लगा।
सनमीक सिंह के मुताबिक, रंधावा के एक परिवार को दो से चार टिकट दिए जाने संबंधी बयान के बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़कर आम आदमी पार्टी में जाने का फैसला किया।
बोले- राजिंदर कौर भट्ठल मेरी चाची हैं
सनमीक सिंह ने अपने राजनीतिक संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि राजिंदर कौर भट्ठल उनकी चाची हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने लंबे समय तक बिना किसी स्वार्थ के कांग्रेस के लिए काम किया है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी उन्हें PCC का सदस्य बनाया था। सनमीक सिंह ने कहा कि आज जो लोग उनके साथ खड़े हैं, वे उनके साथ जुड़ी तीसरी पीढ़ी के लोग हैं।
सनमीक सिंह ने आम आदमी पार्टी में शामिल होने की वजह बताते हुए कहा कि वह AAP की नीतियों से प्रभावित हैं। उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी में कार्यकर्ताओं को सम्मान और महत्व दिया जाता है। उन्होंने कहा कि इसी विश्वास के चलते उन्होंने कांग्रेस छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल होने का निर्णय लिया है।
कांग्रेस के लिए क्या है सियासी संदेश?
सनमीक सिंह का कांग्रेस छोड़कर AAP में शामिल होना पंजाब की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर राजिंदर कौर भट्ठल के परिवार से जुड़े होने के कारण इस राजनीतिक बदलाव को कांग्रेस के लिए झटका माना जा रहा है।
दूसरी ओर, AAP के लिए यह कदम कांग्रेस के पारंपरिक नेताओं और उनके समर्थकों को अपने साथ जोड़ने की रणनीति के लिहाज से अहम हो सकता है। आने वाले समय में इस राजनीतिक बदलाव का स्थानीय स्तर पर कितना असर पड़ता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।