डेली संवाद, कनाडा। Study In Canada: अगर आप कनाडा (Canada) में पढ़ाई करने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। भारतीय छात्रों के लिए कनाडा में पढ़ाई करना अब और महंगा हो सकता है।
मिली जानकारी के मुताबिक कनाडा सरकार ने स्टडी परमिट (Study Permit) हासिल करने के लिए जरूरी फंडिंग की सीमा बढ़ा दी है। अब छात्रों को स्टडी परमिट तभी मिलेगा, जब वे अपनी पढ़ाई और कनाडा में रहने के खर्च को पूरा करने के लिए पर्याप्त धनराशि होने का प्रमाण देंगे।
क्यूबेक को छोड़कर पूरे कनाडा में लागू
नए नियम 1 सितंबर 2026 से लागू हो गए हैं। बढ़ी हुई फंडिंग सीमा क्यूबेक को छोड़कर पूरे कनाडा (Canada) में लागू होगी। बता दे कि कनाडा के स्टडी परमिट के लिए जरूरी फंड की सीमा में 553 कनाडाई डॉलर यानी करीब 52 हजार रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
पुराने नियमों के तहत छात्रों को स्टडी परमिट के लिए 23,448 कनाडाई डॉलर यानी लगभग 22.23 लाख रुपये की राशि दिखानी पड़ती थी। अब 553 डॉलर की बढ़ोतरी के बाद यह सीमा बढ़कर 24,001 कनाडाई डॉलर यानी करीब 22.76 लाख रुपये हो गई है।
कनाडा में पढ़ाई के लिए किन फंड्स की जरूरत होगी?
स्टडी परमिट के लिए आवेदन करते समय छात्रों को यह साबित करना होगा कि उनके पास:
पहले साल की ट्यूशन फीस भरने के लिए पर्याप्त धन है।
कनाडा आने-जाने के यात्रा खर्च के लिए पर्याप्त फंड मौजूद है।
कनाडा में रहने और रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करने के लिए पर्याप्त धन है।
वहीं यदि कोर्स एक साल से ज्यादा का है, तो बाकी अवधि के खर्चों को पूरा करने की वित्तीय योजना भी बतानी होगी। सरकार ने फंडिंग की सीमा इसलिए बढ़ाई है क्योंकि कनाडा में रहने, खाने और अन्य जरूरी खर्चों में बढ़ोतरी हुई है।
फंड्स का सबूत कैसे देना होगा?
छात्रों द्वारा दिखाए जाने वाले फंड्स के प्रमाण को मुख्य रूप से तीन हिस्सों में देखा जाता है—पहले से भुगतान की गई फीस, मौजूदा फंड और मिलने वाली आर्थिक सहायता।
पहले से भुगतान की गई फीस:
ट्यूशन फीस और रहने की व्यवस्था के लिए किए गए भुगतान की रसीदें जमा की जा सकती हैं। हालांकि, भोजन, यात्रा और अन्य खर्चों के लिए अलग से वित्तीय प्रमाण देना पड़ सकता है।
मौजूदा फंड:
बैंक लोन, कनाडाई बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए पैसे, GIC (गारंटीड इन्वेस्टमेंट सर्टिफिकेट), पिछले छह महीनों की बैंक स्टेटमेंट, पेंशन दस्तावेज या किराये से होने वाली आय का प्रमाण दिखाया जा सकता है।
स्कॉलरशिप या स्पॉन्सर की सहायता:
स्कॉलरशिप, सैलरी स्लिप या स्पॉन्सर/संस्था की ओर से जारी किया गया पत्र भी वित्तीय सहायता के प्रमाण के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।
स्पॉन्सर के पत्र में छात्र के साथ संबंध, रोजगार, परिवार से जुड़ी जानकारी और दी जाने वाली आर्थिक सहायता की राशि का विवरण होना चाहिए। इसके साथ स्पॉन्सर की पहचान या व्यवसाय के रजिस्ट्रेशन से जुड़े दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं।
अब फंड्स के स्रोत की भी होगी जांच
जुलाई 2026 से लागू नए नियमों के तहत अब छात्रों द्वारा दिखाए गए पैसों के स्रोत यानी पैसा कहां से आया है, इसकी भी अधिक गहराई से जांच की जाएगी। यह जांच केवल हाई-रिस्क मामलों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सभी आवेदकों के लिए फंड्स के स्रोत को गंभीरता से देखा जाएगा।