Skip to content

Holiday News: जालंधर में छुट्टी का ऐलान; स्कूल, सरकारी दफ्तर और संस्थान रहेंगे बंद

जालंधर में श्री बाबा सोढल जी के सालाना मेले को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। डिप्टी कमिश्नर ने 25 सितंबर 2026 को जालंधर जिले में स्थानीय अवकाश घोषित किया है।

Holiday News: जालंधर में छुट्टी का ऐलान; स्कूल, सरकारी दफ्तर और संस्थान रहेंगे बंद
Share Facebook X WhatsApp Telegram Email
View in ePaper

डेली संवाद, जालंधर। Holiday News: जालंधर में श्री बाबा सोढल जी के सालाना मेले को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। डिप्टी कमिश्नर ने 25 सितंबर 2026 को जालंधर जिले में स्थानीय अवकाश (Local Holiday) घोषित किया है। इस संबंध में प्रशासन की ओर से आदेश जारी कर दिए गए हैं।

जारी आदेश के अनुसार, 25 सितंबर को पंजाब सरकार के कार्यालयों, निगमों, बोर्डों, शिक्षण संस्थानों और अन्य सरकारी संगठनों में छुट्टी रहेगी। प्रशासन ने यह फैसला श्री बाबा सोढल जी के सालाना मेले से जुड़ी लोगों की आस्था और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आमद को देखते हुए लिया है।

बाबा सोढल मेले के चलते घोषित हुई छुट्टी

श्री बाबा सोढल जी का सालाना मेला जालंधर (Jalandhar) के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल है। मेले में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने मेले के दिन स्थानीय छुट्टी घोषित की है, ताकि श्रद्धालुओं को धार्मिक आयोजन में शामिल होने में सुविधा मिल सके।

लाखों लोगों की आस्था का केंद्र है श्री सिद्ध बाबा सोढल मंदिर

जालंधर स्थित श्री सिद्ध बाबा सोढल मंदिर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। हर साल अनंत चौदस के अवसर पर यहां विशाल मेला लगता है।

यह भी पढ़ें: जालंधर कैंट हलके में कट गई अवैध कालोनी, डिप्टी मेयर बोले- कालोनाइजर पर FIR दर्ज होगी

मेले के दौरान मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में कई दिनों तक भारी चहल-पहल रहती है। पंजाब के अलावा देश के अन्य हिस्सों और विदेशों से भी श्रद्धालु बाबा सोढल जी के दर्शन के लिए जालंधर पहुंचते हैं।

हवन से शुरू होती हैं मेले की धार्मिक रस्में

श्री बाबा सोढल मेले की धार्मिक गतिविधियां एक दिन पहले ही शुरू हो जाती हैं। श्रद्धालुओं की मौजूदगी में हवन सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

अनंत चौदस के दिन मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। स्थानीय अवकाश घोषित होने से जिले के सरकारी कर्मचारी और अन्य लोग भी बाबा सोढल जी के मेले में आसानी से शामिल हो सकेंगे।