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PM Narendra Modi: PM मोदी के स्कूल के साथी असगर अली वोहरा की आखिरकार हुई सुनवाई, भाजपा विधायक ने जमीन से कब्जा छोड़ा

PM मोदी से 8 सितंबर को मुलाकात के बाद 81 वर्षीय असगरअली वोहरा को जमीन विवाद में राहत मिली। BJP विधायक नरेंद्र मेहता से जुड़ी बताई जा रही फर्म ने निर्माण परमिट सरेंडर करने का फैसला किया।

PM Narendra Modi: PM मोदी के स्कूल के साथी असगर अली वोहरा की आखिरकार हुई सुनवाई, भाजपा विधायक ने जमीन से कब्जा छोड़ा
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डेली संवाद, महाराष्ट्र। PM Narendra Modi: महाराष्ट्र के ठाणे जिले के मीरा रोड निवासी 81 वर्षीय असगरअली वोहरा को लंबे समय से चल रहे जमीन विवाद में बड़ी राहत मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के महज आठ दिन बाद विवादित जमीन से जुड़े मामले में भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता से जुड़ी बताई जा रही फर्म ने पीछे हटने का फैसला किया है। कंपनी ने निर्माण परमिट सरेंडर करने और विवादित प्लॉट से अपना दावा हटाने की प्रक्रिया शुरू की है।

असगर अली वोहरा ने 8 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) से मुलाकात की थी। वोहरा का दावा है कि उन्होंने गुजरात के वडनगर स्थित बीएन स्कूल में प्रधानमंत्री मोदी के साथ पढ़ाई की थी। मुलाकात के दौरान उन्होंने जमीन विवाद में हस्तक्षेप करने और पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग की थी।

1989 में खरीदी थी जमीन

वोहरा के मुताबिक, उन्होंने 1989 में भयंदर ईस्ट के नवघर इलाके में करीब 2,810 वर्ग मीटर जमीन खरीदी थी। उनका आरोप है कि बाद में उनकी जानकारी के बिना कथित फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और जमीन को दो कंपनियों—स्वयम बिल्डर्स और सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शंस—के बीच बांट दिया गया। इन कंपनियों को उन्होंने नरेंद्र मेहता से जुड़ा बताया था। इस मामले में 2015 में FIR भी दर्ज हुई थी।

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वोहरा का कहना है कि वह करीब 15 साल से अलग-अलग सरकारी विभागों के सामने इस मामले को उठा रहे थे। उनका आरोप है कि लंबे समय तक कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात कर मामले की CBI जांच की मांग की।

PM से मुलाकात के बाद तेज हुई कार्रवाई

वोहरा के अनुसार, प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद मामले में प्रशासनिक गतिविधियां तेज हुईं। मीरा-भायंदर नगर निगम ने दोनों कंपनियों के प्रबंधन को 16 सितंबर को अपना पक्ष रखने और मामले में स्पष्टीकरण देने के लिए बुलाया था।

इससे पहले मुख्यमंत्री के प्रिंसिपल सेक्रेटरी श्रीकर परदेशी ने मंत्रालय में बैठक बुलाई। बैठक में असगरअली वोहरा, नरेंद्र मेहता, मीरा-भायंदर नगर निगम आयुक्त राधा बिनोद शर्मा और टाउन प्लानर पुरुषोत्तम शिंदे समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शन ने सरेंडर किया निर्माण परमिट

बैठक के बाद सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड ने मामले से पीछे हटने का फैसला किया। उपलब्ध दस्तावेजों के मुताबिक, कंपनी ने मीरा-भायंदर नगर निगम के असिस्टेंट डायरेक्टर ऑफ टाउन प्लानिंग को पत्र देकर प्लॉट से संबंधित अपना कमेंसमेंट सर्टिफिकेट सरेंडर कर दिया।

कंपनी के अनुसार उसने 13 जून 2019 को रजिस्टर्ड डीड के जरिए प्लॉट खरीदा था और 17 अप्रैल 2026 को निर्माण की अनुमति हासिल की थी। हालांकि जमीन के मालिकाना हक को लेकर विवाद सामने आने के बाद कंपनी ने निर्माण परमिट वापस करने का फैसला किया। कंपनी ने नगर निगम से परमिट रद्द करने और प्रोजेक्ट के लिए जमा फीस वापस करने की मांग भी की।

नरेंद्र मेहता ने पुरानी शिकायत वापस लेने की बात कही

वहीं, नरेंद्र मेहता ने पुलिस कमिश्नर को पत्र भेजकर असगरअली वोहरा और उनके सहयोगी अजय ढोका के खिलाफ पहले की गई शिकायत वापस लेने की बात कही है। पत्र में मेहता ने दोनों पक्षों के बीच समझौता होने की बात कही।

2015 में की गई शिकायत में वोहरा और ढोका पर अतिक्रमण और धमकी से जुड़े आरोप लगाए गए थे। शिकायत वापस लेने से संबंधित पत्र अधिकारियों को सौंपे गए हैं।

फिलहाल जमीन के मालिकाना हक और पुराने विवाद से जुड़े आरोपों पर कानूनी एवं प्रशासनिक प्रक्रिया का आगे क्या असर होता है, इस पर नजर बनी हुई है।