डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: नानकसर संप्रदाय के प्रमुख बाबा लक्खा सिंह जी ने आज चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से मुलाकात की और ऐतिहासिक ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सम्मान (संशोधन) अधिनियम, 2026’ पारित करने के लिए पंजाब सरकार की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह कानून सिख समुदाय के आहत हृदयों पर मरहम लगाएगा और बेअदबी की घटनाओं को रोकने में मददगार साबित होगा।
बाबा लक्खा सिंह जी ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को गुरु घर की बख्शिश के रूप में सिरोपा भेंट कर आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि शब्द गुरु, साहिब श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के सम्मान, पवित्रता और मर्यादा को कायम रखना उनकी सरकार का मूल कर्तव्य है और वह इस सेवा को वाहेगुरु द्वारा सौंपी गई बख्शिश मानते हैं।
महत्वपूर्ण और मिसाल कायम करने वाला कदम
इस दौरान नानकसर संप्रदाय के प्रमुख बाबा लक्खा सिंह जी ने कहा, “जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सम्मान (संशोधन) अधिनियम, 2026 का पारित होना बेहद महत्वपूर्ण और मिसाल कायम करने वाला कदम है। इसने बेअदबी की बार-बार होने वाली घटनाओं के कारण समूचे सिख समुदाय के आहत हृदयों पर मरहम लगाया है।
यह कानून श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के सम्मान और पवित्रता की रक्षा के लिए पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।” उन्होंने कहा, “सरकार ने बेअदबी की घटनाओं के विरुद्ध कानून को मजबूत करके महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ऐसा कानून ‘शब्द गुरु’ की मर्यादा को कायम रखने और ऐसी घटनाओं से सख्ती से निपटने में मददगार साबित होगा, जिससे सिख समुदाय का विश्वास और मजबूत होगा।”
बाबा जी का दिल से धन्यवाद करता हूं
बाबा लक्खा सिंह जी ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को समूची मानवता और विशेष रूप से सिख पंथ की सेवा के लिए सम्मान स्वरूप सिरोपा भेंट किया। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मैं बाबा जी का दिल से धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने मुझे अपना आशीर्वाद दिया है। शब्द गुरु, श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की मर्यादा और पवित्रता को कायम रखना राज्य सरकार का मूल कर्तव्य है।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार पंजाब की प्रगति और लोगों की खुशहाली के लिए महान गुरु साहिबानों द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हम राज्य में शांति, भाईचारे और सद्भावना बनाए रखने तथा सांप्रदायिक सद्भाव की गाँठों को और मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।”
बेअदबी के लिए कड़ी सजा का प्रावधान किया
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “वाहेगुरु ने मुझे ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सम्मान संशोधन अधिनियम, 2026’ लागू करके मानवता की सेवा करने का सौभाग्य प्रदान किया है, जिसमें बेअदबी के लिए कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है। मुझे उम्मीद है कि यह कानून भविष्य में ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को रोकने में मददगार साबित होगा और कोई भी व्यक्ति ऐसा अपराध करने की हिम्मत नहीं करेगा।”
उन्होंने कहा, “मैं यह दावा करने वाला कौन हूं कि यह कानून मैंने पारित किया है? यह सेवा तो गुरु साहिब ने मुझसे ली है, जो सर्वशक्तिमान और सर्वव्यापी हैं। परमात्मा अपने चुने हुए व्यक्ति से ही ऐसी सेवा लेते हैं और मैं स्वयं को गुरु साहिब का एक विनम्र सेवक मानता हूं, जिसे यह कार्य सौंपा गया है।”
जिम्मेदारी राज्य सरकार को सौंपी
मुख्यमंत्री ने कहा, “श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी प्रत्येक सिख के लिए पिता के समान हैं और इनकी पवित्रता को बनाए रखना हमारा कर्तव्य है। यदि राज्य सरकार श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की मर्यादा और पवित्रता सुनिश्चित नहीं कर सकती तो फिर कोई और ऐसा नहीं कर सकता। इसलिए हम ‘शब्द गुरु साहिब’ की पवित्रता की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
उन्होंने कहा, “हम सौभाग्यशाली हैं कि ऐसा ऐतिहासिक कानून पारित करने की जिम्मेदारी राज्य सरकार को सौंपी गई है। मुझे पूरी उम्मीद है कि यह कानून भविष्य में ऐसी घटनाओं पर पूर्ण रोक लगाने में मदद करेगा।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा...
इस मुलाकात के कुछ अंश साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “चंडीगढ़ में नानकसर संप्रदाय के प्रमुख बाबा लक्खा सिंह जी से मुलाकात की। उन्होंने हमारी सरकार द्वारा पारित किए गए ‘जागत जोत सम्मान अधिनियम, 2026’ की सराहना की और गुरु घर की बख्शिश के रूप में मुझे सिरोपा भेंट कर आशीर्वाद दिया। मैं बाबा जी का दिल से धन्यवाद करता हूं।
शब्द गुरु, साहिब श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के सम्मान और मर्यादा को कायम रखना हमारी सरकार का मूल कर्तव्य है। हमारी सरकार राज्य की प्रगति, शांति और सद्भावना तथा भाईचारे को मजबूत करने के लिए गुरुओं और पीरों द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।