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Punjab News: केंद्रीय पूल में से पंजाब को उसके हिस्से से 1,051 मेगावाट कम बिजली मिल रही है: तरुनप्रीत सिंह सौंद

पंजाब के बिजली एवं लोक निर्माण मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने आज राज्य के लोगों को बिजली की मौजूदा स्थिति से अवगत करवाते हुए बताया कि पंजाब को इस समय केंद्रीय विद्युत पूल में से अपने हिस्से की तुलना में 1,051 मेगावाट कम बिजली मिल रही है।

Punjab News: केंद्रीय पूल में से पंजाब को उसके हिस्से से 1,051 मेगावाट कम बिजली मिल रही है: तरुनप्रीत सिंह सौंद
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डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: पंजाब के बिजली एवं लोक निर्माण मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने आज राज्य के लोगों को बिजली की मौजूदा स्थिति से अवगत करवाते हुए बताया कि पंजाब को इस समय केंद्रीय विद्युत पूल में से अपने हिस्से की तुलना में 1,051 मेगावाट कम बिजली मिल रही है।

पंजाब के कृषि क्षेत्र के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति के महत्व पर जोर देते हुए बिजली मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने कहा, “पंजाब एक कृषि प्रधान राज्य है और हमारे किसानों तथा राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए पर्याप्त एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति बेहद जरूरी है। इसलिए केंद्र को केंद्रीय विद्युत पूल में से पंजाब को उसका बनता हिस्सा तत्काल जारी करना चाहिए।”

बिजली मंत्री ने अपील की

बिजली मंत्री ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय बिजली मंत्री को लिखित पत्र के माध्यम से भी अपील की है कि पंजाब को केंद्रीय विद्युत पूल में से उसका बनता पूरा हिस्सा तत्काल मिलना सुनिश्चित किया जाए।

कोयले की कमी संबंधी झूठी अफवाहों को पूरी तरह खारिज करते हुए कैबिनेट मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार के थर्मल पावर प्लांटों में कोयले की कोई कमी नहीं है। उन्होंने आगे कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के गंभीर प्रयासों के चलते पंजाब ने पछवाड़ा कोयला खदान को पहले ही चालू कर लिया था, जिससे सरकारी बिजली उत्पादन संयंत्रों के लिए कोयले की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हुई है।”

कोयला खदान से आपूर्ति शुरू की

उन्होंने कहा, “पंजाब ने अपनी पछवाड़ा कोयला खदान से आपूर्ति शुरू की हुई है और अब हमारे पास आवश्यक मात्रा में कोयला उपलब्ध है। असल मुद्दा निजी थर्मल पावर प्लांटों को कोयले की आपूर्ति का है, जिसके लिए कोल इंडिया जिम्मेदार है।”

कैबिनेट मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने आगे बताया कि तलवंडी साबो और राजपुरा के निजी थर्मल पावर प्लांट कोयले की आपूर्ति से संबंधित समस्याओं का सामना कर रहे हैं, जो कोल इंडिया के जिम्मे है।

थर्मल पावर प्लांट निजी कंपनियों द्वारा संचालित किए जा रहे

बिजली मंत्री ने आगे बताया कि पंजाब में 10 थर्मल बिजली उत्पादन यूनिट हैं, जिनमें लहरा मोहब्बत और रोपड़ में चार-चार यूनिट तथा गोइंदवाल साहिब में दो यूनिट शामिल हैं। इनके अतिरिक्त तलवंडी साबो और राजपुरा थर्मल पावर प्लांट निजी कंपनियों द्वारा संचालित किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा, “हमारे पीएसपीसीएल के अधिकारियों द्वारा एक यूनिट में आई तकनीकी खराबी को ठीक कर लिया गया है। हमारी सरकार और पीएसपीसीएल बिजली की स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। निजी थर्मल पावर प्लांटों के बाकी यूनिटों को भी जल्द से जल्द बहाल करने के प्रयास जारी हैं।”

ये रहे उपस्थित

कैबिनेट मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने दोहराया कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा करने तथा विशेष रूप से अधिक मांग वाले समय के दौरान पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर पीएसपीसीएल के चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर (सीएमडी) डॉ. बसंत गर्ग और डायरेक्टर (उत्पादन) इंजीनियर पुनरदीप सिंह बराड़ भी उपस्थित थे।