डेली संवाद, नई दिल्ली। Gyanesh Kumar Election Commission SIR, Vote Chor: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने गुरुवार को चुनाव आयोग, Special Intensive Revision (SIR) और मतदाता सूची से जुड़े विवादों को लेकर करीब 55 मिनट की प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए और उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की।
राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने दावा किया कि देश में चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया गया है और मतदाताओं के वोट की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) के खिलाफ बेहद तीखी टिप्पणी करते हुए उन्हें ‘देशद्रोही’ बताया। यह राहुल गांधी का आरोप है, न कि किसी न्यायिक या स्वतंत्र जांच का निष्कर्ष।
राहुल गांधी बोले- ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने कहा कि CEC ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) को अपने पद से तत्काल इस्तीफा देना चाहिए और मामले में ‘अप्रूवर’ बनकर सामने आना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के पीछे जिम्मेदार लोगों की जांच होनी चाहिए।
राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit shah) पर भी चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कथित ‘वोट चोरी’ के मामले में उनकी भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
2024 लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनावों पर भी सवाल
राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने दावा किया कि 2024 का लोकसभा चुनाव और उसके बाद हुए कई विधानसभा चुनावों में भी कथित तौर पर धांधली हुई। उन्होंने विशेष रूप से हरियाणा और महाराष्ट्र जैसे राज्यों के चुनावों का उल्लेख किया और कहा कि उन्हें चुनावों में वोट की कथित हेराफेरी को लेकर पूरा विश्वास है।
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उन्होंने वर्तमान लोकसभा की वैधता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि चुनाव में वोट चोरी हुई है तो उससे चुने गए सांसदों द्वारा बनाए जा रहे कानूनों पर भी सवाल खड़े होते हैं। यह राहुल गांधी द्वारा उठाया गया संवैधानिक और राजनीतिक दावा है।
SIR और वोटर लिस्ट विवाद के बीच बढ़ा सियासी टकराव
राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस ऐसे समय हुई है जब SIR और मतदाता सूची के मुद्दे पर चुनाव आयोग के भीतर मतभेदों को लेकर रिपोर्टें सामने आई हैं। इन रिपोर्टों के बाद विपक्ष ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि वह पिछले कई वर्षों से ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग से जुड़े हालिया घटनाक्रम ने उनके सवालों को और गंभीर बना दिया है। हालांकि, चुनाव प्रक्रिया में कथित हेरफेर के आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और संवैधानिक संस्थाओं की प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
एंटी-इंकंबेंसी को लेकर राहुल गांधी का तर्क
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने भारत की राजनीति में एंटी-इंकंबेंसी यानी सत्ता-विरोधी रुझान का भी जिक्र किया। उन्होंने इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह की सरकारों का उदाहरण देते हुए सवाल उठाया कि भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ वैसी सत्ता-विरोधी लहर क्यों नहीं दिखाई दी।
राहुल गांधी ने कहा कि चुनावों में जनता के वोट की भूमिका लोकतंत्र की बुनियाद है और इसे सुरक्षित रखना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है।
चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच विवाद बढ़ा
SIR, मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच विवाद लगातार राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। राहुल गांधी ने इस मुद्दे को आगे भी उठाने के संकेत दिए हैं और कहा कि विपक्ष लोकतांत्रिक प्रक्रिया तथा मतदाताओं के अधिकारों को लेकर पीछे नहीं हटेगा।
फिलहाल राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों और चुनाव प्रक्रिया से संबंधित विवादों पर विभिन्न पक्षों के बयान सामने आ रहे हैं। वोट चोरी, चुनावी धांधली या किसी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच अथवा सक्षम संस्थाओं के निर्णय के बाद ही माना जा सकता है।